‘यह मुंबई किसी की जागीर नहीं है। हिंदुस्तान के सभी लोगों का मुंबई पर बराबर का अधिकार है।’ सचिन, तेरी इन बातों ने मराठी मन को चीर डाला है। इसकी क्या आवश्यकता थी? बाकी के सभी लोग मुंबई को निगलने की तैयारी में हैं और तुझे यह बयान देकर उन्हें बढ़ावा देने की क्या जरूरत थी?
सचिन को लिखे बाल ठाकरे के पत्र का हिंदी अनुवाद ....