लखनऊ. समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव ने महिला आरक्षण विधेयक के वर्तमान स्वरुप विरोध करने का ऐलान किया है। उन्होने इस बिल को मुसलमानों, दलितों और पिछडों के खिलाफ गहरी साजिश बताया है। मुलायम ने कहा कि वे महिला आरक्षण के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन विधेयक के वर्तमान स्वरूप का विरोध करते हैं। क्यूकि ये मुसलमानों , दलितों और पिछडों के हक में नहीं है।
मुलायम ने कहा कि भाजपा और कांग्रेस इस बिल को मिलकर पारित कर रहे हैं इससे जाहिर है कि दोनो की असलियत क्या है। ये दोनो पार्टियां मुसलमान , दलित और पिछडा विरोधी है। अगर सरकार महिलाओं के अधिकारों को लेकर सजग है तो उसे नौकरी मे महिलाओं को आरक्षण देना चाहिए।
मुलायम ने कहा कि महिलाओं को आगे बढने के लिए अगर आरक्षण अनिवार्य होता तो सोनिया गांधी, मायावती ममता बनर्जी, जयललिता यहां तक कि इंदिरा गांधी कभी आगे नहीं बढ पाती। महिला आरक्षण एक खास वर्ग की महिलाओं को ही लाभ देगा। इसके बजाय दलों मे आरक्षण व्यवस्था लागू होनी चाहिए। ये बिल तो मुसलमान , दलित और पिछडों को संसद मे पहुंचने ही नहीं देगा। इन वर्गों के जो सांसद बिल का समर्थन कर रहें है वे स्वार्थ मे अंधे हो गए है और बंधुआ मजदूर बन गए है।