नई दिल्ली. लोकसभा और राज्यसभा में महिला आरक्षण को लेकर मचे बवाल के बीच समाजवार्दी पार्टी और राजेडी ने केंद्र सरकार से अपना समर्थन वापस ले लिया है। राजेडी प्रमुख लालू यादव और सपा प्रमुख मुलायम सिंह एक साथ आए और कहा कि यदि कांग्रेस का यही रुख रहा तो सरकार ज्यादा दिन नहीं चलेगी। दोनों यादव नेताओं ने एक सुर में कहा कि हम वर्तमान बिल का विरोध करते हैं।
महिला आरक्षण बिल पर मचे बवाल के बाद स्थगित की गई राज्यसभा की कार्रवाई फिर से एक बार बारह बजे शुरु की गई लेकिन विरोध के बाद सदन को फिर से दोपहर दो बजे तक स्थगित कर दिया है। विरोध करने वालों में मुलायम सिंह यादव सबसे आगे हैं।
अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के मौके पर सोमवार को राज्यसभा में महिला आरक्षण विधेयक पेश किया जाएगा। भाजपा व वाम दलों ने अपने सभी सदस्यों को सदन में मौजूद रहकर इसके पक्ष में वोट देने के निर्देश दिए हैं। उधर सपा, बसपा व राजद ने इसे चुनौती देने का ऐलान किया है। ये तीनों दल विधेयक के वर्तमान स्वरूप का विरोध कर रहे हैं।
सपा व राजद की मांग है कि इसमें अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) की महिलाओं के लिए कोटे के अंदर कोटे का प्रावधान किया जाए। जबकि, बसपा इसमें दलित महिलाओं के लिए इसी तरह का प्रावधान चाहती है। उधर, संख्या बल का गणित पक्ष में देख कांग्रेस नीत यूपीए सरकार आत्मविश्वास से लबरेज है। जानकारों का कहना है कि कई ऐसे दल अंतिम समय में विधेयक का समर्थन कर सकते हैं, जिनका रुख अब तक स्पष्ट नहीं है। गौरतलब है कि यह विधेयक संसद व राज्य विधानसभाओं में महिलाओं को 33 फीसदी आरक्षण दिलाने के लिए है।