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बमबम हुआ गठबंधन
नीरज तिवारी 
लखनऊ. दूसरे चरण के मतदान के बाद सपा-कांग्रेस गठबंधन के हौसले राजनीतिक विश्‍लेषकों को बुलंद नजर आ रहे हैं. इस मुस्‍लिम बाहुल्‍य क्षेत्र में अधिकतर वोट उन्‍हें भाजपा के खिलाफ में जाता हुआ नजर आ रहा है तो बसपा के सोशल इंजीनियरिंग का फीका हो चला आकर्षण भी उन्‍हें इस समीकरण के बनने का कारण दिख रहा है.
दूसरे चरण में सहारनपुर की बेहट, नकुर, सहारनपुर नगर, सहारनपुर, देवबंद, रामपुर मनिहारन, गंगोह तथा बिजनौर जिले की नजीबाबाद, नगीना, बरहापुर, धामपुर, नेहतौर, बिजनौर, चांदपुर, नूरपुर में मतदान आयोजित किया था. इस दौरान 11 जिलों की 67 सीटों पर लोगों ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया. इस बीच निर्वाचन आयोग के मुताबिक, कुल 65.5 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया और इसी के साथ 720 उम्मीद
वारों का भाग्य ईवीएम में कैद हो गया. आयोग के मुताबिक, शाम पांच बजे तक बरेली में 62.17 फीसदी, शाहजहांपुर में 65 फीसदी, लखीमपुर खीरी में 68.51 फीसदी, पीलीभीत में 65.62, फीसदी, बदायूं में 61 फीसदी मतदान हुआ. मुरादाबाद में 64.30 फीसदी और सहारानपुर में 71 प्रतिशत मतदान हुआ. 
  समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता राजेंद्र चौधरी ने कहा , पहले चरण के बाद दूसरे चरण के मतदान में भी साइकिल अपनी बढ़त बनाए हुए है. 67 विधानसभा क्षेत्रों के हुए मतदान में समाजवादी पार्टी एवं कांग्रेस गठबंधन के 50 प्रत्याशियों की जीत सुनिश्चित है.'दूसरी तरफ कांग्रेस नेता सिराज मेंहदी ने कहा कि पश्चिम को खबर मिल रही है उसके मुताबिक अल्पसंख्यकों ने सपा कांग्रस गठबंधन को पुरजोर समर्थन दिया है .गठबंधन की सरकार तय है .
 
पश्‍चिम के कई जिलों में तैनात रह चुके पूर्व आईपीएस अधिकारी शैलेंद्र प्रताप सिंह कहते हैं, ‘दूसरे चरण का मतदान सपा-कांग्रेस के गठबंधन को बल देता हुआ नजर आ रहा है. इसका बड़ा कारण यह है कि यह क्षेत्र मुस्‍लिम बाहुल्‍य है. यहां पर लोग भाजपा को तथाकथित तौर पर ही स्‍वीकार करते हैं.’ वे अपने तर्क को विस्‍तार देते हुए कहते हैं, ‘बसपा इस बार अपने सोशल इंजीनियरिंग के आकर्षण से मतदाताओं को रिझाने में भी कामयाब नहीं हो सकी है. ऐसे में मतदाताओं ने सपा-कांग्रेस गठबंधन को स्‍वीकार करते हुए उसे अपने वोटों से नवाजा है.’  एक सवाल के जवाब में शैलेंद्र कहते हैं, ‘पश्‍चिम में यादवों की संख्‍या भी कम है. चूंकि, ऐसा माना जाता है कि यादवों का ज्‍यादातर वोट सपा को ही जाता है. ऐसे में मुस्‍लिम बाहुल्‍य इस क्षेत्र में कांग्रेस और सपा का गठबंधन लोगों को रास आया होगा.’
वहीं, वरिष्‍ठ पत्रकार सिद्धार्थ कलहंस भी इस बात को स्‍वीकारते हैं कि दूसरे चरण के मतदान में गठबंधन को मजबूती मिली है. वे कहते हैं, ‘कुछ जगहों पर राष्‍ट्रीय लोक दल ने भाजपा को कमजोर किया है. मगर ज्‍यादातर मुस्‍लिम मतदाताओं ने गठबंधन को ही अपनी पसंद माना है.’ वे कहते हैं, ‘गठबंधन को लोगों ने इसलिए स्‍वीकार किया क्‍योंकि यहां पर भाजपा का ज्‍यादा तय वोट नहीं है. बसपा ने भी अपनी चमक इस बार कुछ खो सी दी है. ऐसे में लोगों के पास सपा-कांग्रेस का गठबंधन स्‍वीकार करना ही एक रास्‍ता रह गया था.’
  समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता राजेंद्र चौधरी ने कहा , पहले चरण के बाद दूसरे चरण के मतदान में भी साइकिल अपनी बढ़त बनाए हुए है. 67 विधानसभा क्षेत्रों के हुए मतदान में समाजवादी पार्टी एवं कांग्रेस गठबंधन के 50 प्रत्याशियों की जीत सुनिश्चित है.'दूसरी तरफ कांग्रेस नेता सिराज मेंहदी ने कहा कि पश्चिम को खबर मिल रही है उसके मुताबिक अल्पसंख्यकों ने सपा कांग्रस गठबंधन को पुरजोर समर्थन दिया है .गठबंधन की सरकार तय है .
 
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