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तो अब धरोहरों से मुक्त हुई भाजपा भाजपा ने हारी हुई सीटें जदयू को दी प्रियंका गांधी से कौन डर रहा है ? तो शत्रुघ्न सिन्हा अब कांग्रेस के साथ
छतीसगढ़ में कांग्रेस टिकट बेंच रही है ?

केपी साहू 

रायपुर .छत्तीसगढ़ के विधानसभा चुनाव इस बार दोनों मुख्य दलों में टिकट बेचे जा रहे हैं .नेताओं की घोड़ामंडी सजी हुई है.पैसा दीजिये और टिकट लीजिए .कांग्रेस जैसी पार्टी जो जीत की तरफ बढ़ रही थी वह भी टिकटों की खरीद फरोख्त के चलते अगर चुनाव में पिछड़ जाए तो हैरानी नहीं होनी चाहिए .भाजपा का हाल भी कोई बहुत अच्छा नहीं है .वैसे भी यह चुनाव   कई मायनों में अलहदा हैं. सेक्स सीडी कांड, स्टिंग ऑपरेशन, एक टिकटार्थी कांग्रेस पार्षद का प्रदेश कांग्रेस प्रभारी को सरेआम धमकाना, एकात्म परिसर में रोज असंतुष्ट भाजपा कार्यकर्ताओं का नारेबाजी-प्रदर्शन करना और फिर टिकटों की सौदेबाजी– ये सारे खेल लोकतंत्र के नाम पर धब्बे हैं, पर दोनों ही दल इससे किसी-न-किसी रूप में प्रभावित भी रहे. कांग्रेस में दो सीटों पर टिकटों की खरीद-फरोख्त का एक स्ट्रिंग हुआ, वीडियो वायरल हुआ, केंद्रीय नेतृत्व अचकचाया कि दो और सीटों की सौदेबाजी की खबरों ने कांग्रेस के राजनीतिक चरित्र को अनावृत्त कर दिया पर चाल-चरित्र-चेहरे की बेहतरी के दावे करने वालों की तो बात ही निराली रही. 
 कोटा से टिकट कटने के बाद वर्तमान कांग्रेस विधायक और पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी की पत्नी रेणु जोगी ने पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को एक चिट्‌ठी लिखी है. उन्होंने लिखा है कि जोगी के पार्टी बनाने के बाद कांग्रेस नेताओं ने हमेशा उनका अपमान किया, बावजूद आपको नहीं बताया. मैंने कभी कल्पना भी नही की थी कि मेरे जीवन से जुड़े निर्णय आपको बताने के लिए मुझे आपको चिट्‌ठी लिखने की आवश्यकता पड़ेगी. तीन दशकों से भी ज़्यादा  हो गए, हमारे बीच संबंध इतने प्रगाढ़ हैं कि मेरे और आपके बीच कभी कोई दीवार नहीं रही. मैंने सदैव आपको अपना आदर्श माना. हम निस्वार्थ भावना से एक दूसरे से जुड़े रहे. सुख-दुख, राजनीतिक, गैर राजनीतिक सभी परिस्थितियों में हम एक दूसरे के हितों के लिए तटस्थ खड़े रहे. मेरे पति और गांधी परिवार के प्रति सर्वोच्च  निष्ठा रखने वाले, जोगी जी जब अपमानित होकर, कांग्रेस से अलग हुए और अपनी नई पार्टी बनाई तब भी  मैंने कांग्रेस और गांधी परिवार को अपने परिवार से ऊपर रखा और कांग्रेस पार्टी की सेवा करती रही. जोगीजी द्वारा नई पार्टी बनाने के बाद, उनको रोकने और अपना राजनीतिक हित साधने, उनके विरोधियों ने मुझे निशाना बनाया. फ़र्ज़ी सीडी लाकर मेरे पति और पुत्र को बदनाम किया गया, मैं चुप रही. मैं दो वर्षों से निरंतर अपमानित होती रही लेकिन कभी भी आपको एक शब्द नही बताया, मैं चुप रही. हमेशा पार्टी हित के लिए चुपचाप सब सहती रही. एक क्षण के लिए भी मुझे ऐसा नही लगा कि आप मेरे साथ नही खड़ी हैं. मैंने हमेशा कांग्रेस पार्टी और गांधी परिवार के प्रति अपनी मजबूत निष्ठा रखी। कभी किसी के दबाव में नही आयी. अपने स्वयं के परिवार के हितों को तिलांजलि देकर, आगे बढ़ी और कांग्रेस पार्टी के लिए कार्य किया. लेकिन शायद नियति को कुछ और ही मंजूर था. अंत में आखिर वही हुआ जो कांग्रेस के हितैषी नही बल्कि जोगी जी के विरोधी चाहते थे. जिस कोटा विधानसभा क्षेत्र को मैंने अपने परिवार की तरह पाला और सेवा की, उसे ही मुझसे आज छीन लिया गया. मुझे आपको सूचित करते हुए अत्यंत दुख हो रहा है कि पार्टी में एक निष्ठावान और वरिष्ठ महिला कार्यकर्ता के आत्मसम्मान और त्याग को परखने के लिए छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस पार्टी में न तो विवेक है और न ही कोई व्यक्ति. शायद आप विवश हैं इसलिए आपने सही-गलत का निर्णय लेने में देर कर दीं. मुझे कोटा से कोई अलग नहीं कर सकता. मैंने अपना शेष जीवन कोटावासियों को समर्पित कर दिया है मैं कोटा से चुनाव लडूंगी यह साबित करने के लिए कि सच चुप रहता है, पर इसका मतलब यह नहीं कि वो पराजित हुआ. मुझे विश्वास है कि अंत में सच की ही जीत होगी.
 
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  • भाजपा ने हारी हुई सीटें जदयू को दी
  • तो शत्रुघ्न सिन्हा अब कांग्रेस के साथ
  • प्रियंका गांधी से कौन डर रहा है ?
  • तो अब धरोहरों से मुक्त हुई भाजपा
  • विदेश में तो बज ही गया डंका
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