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राफेल पर नवोदय टाइम्स ने दिखाई हिम्मत

संजय कुमार सिंह 

राफेल सौदे पर अब तक जो हुआ है उसके मद्देनजर राहुल गांधी ने मांग की है कि राफेल मामले में प्रधानमंत्री पर प्राथमिकी दर्ज हो. नवोदय टाइम्स ने इस खबर को तीन कॉलम में पहले पन्ने पर छापा है और मीडिया से बात करते हुए राहुल गांधी की फोटो भी छापी है. दो कॉलम की इस फोटो में रणदीप सुरजेवाला भी हैं. इसमें कोई दो राय नहीं है कि राफेल का मामला अब गर्म हो चुका है और घोटाला अगर मुद्दा नहीं हो तो सरकार इससे बचने के लिए जो सब कर रही है वह पहले पन्ने की खबर तो बन ही गई है. इंडियन एक्सप्रेस ने इसी को पहले पन्ने पर छापा है। 
आइए देखें हिन्दी अखबारों में किसने इस खबर को पहले पन्ने छापा है और क्या शीर्षक है. कहने की जरूरत नहीं है कि द हिन्दू में यह खबर लीड है और शीर्षक का अनुवाद होगा, राफेल खुलासे के समर्थन में राहुल विपक्ष का नेतृत्व कर रहे हैं. चार कॉलम में प्रकाशित इस खबर का उपशीर्षक है, कांग्रेस ने कहा कि हिन्दू को हिम्मत दिखाने के लिए निशाना बनाया जा रहा है संकेत दिया कि यह लोकतंत्र का ढह जाना है,  शासकीय गुप्त बात अधिनियम 1923 को प्रेस का गला घोंटने के रूप में देखने की नायडू सरकार की राय को ट्वीट किया.      
इस लिहाज से नवोदय टाइम्स का शीर्षक ज्यादा मारक है. खबर को पहले पन्ने पर रखने का निर्णय तो है ही. अखबार ने इंट्रो बनाया है, कांग्रेस अध्यक्ष बोले, मोदी हैं पाक के पोस्टर ब्वाय. नवोदय टाइम्स ने जम्मू की खबर, ग्रेनेड हमले में एक की मौत 32 घायल को इसी शीर्षक से लीड बनाया है. इसके साथ प्रमुखता से छापा है कि नौ महीने में यह तीसरा हमला है और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं. आज नवोदय टाइम्स के पहले पन्ने की एक और खबर उल्लेखनीय है.पांच कॉलम के बॉटम का शीर्षक है, चुनाव घोषणा से पहले उद्घाटन और शिलान्यासों की भरमार.
हिन्दुस्तान ने राफेल मामले को पहले पन्ने पर रखा तो है पर फ्लैग शीर्षक है, रक्षा मंत्रालय से महत्वपूर्ण दस्तावेज गायब होने के मामले पर सरकार और विपक्ष में जुबानी जंग तेज. इसके साथ दो खबरें दो अलग शीर्षक से हैं. पहली का शीर्षक है, राफेल सौद में भ्रष्टाचार हुआ, जांच हो राहुल. दूसरा शीर्षक है, कांग्रेस को कैग और सेना पर भरोसा नहीं जेटली. अखबार ने इसे आमने-सामने बनाने की कोशिश की है और राहुल गांधी के सामने अरुण जेटली की फोटो व उनका बयान लगा दिया है पर मामला कुछ औऱ है जो हिन्दू के शीर्षक से समझ आता है.
अमर उजाला में राफेल पर राहुल की मांग न्यूज डायरी में सिंगल कॉलम में है. शीर्षक है, राफेल : गड़बड़ी नहीं तो जांच करा लो - राहुल. अखबार ने, विश्वविद्यालयों में नियुक्तियों के लिए आरक्षण की पुरानी व्यवस्था बहाल - शीर्षक खबर को लीड बनाया है. टॉप बॉक्स है, 30 हजार करोड़ के दिल्ली मेरठ रैपिड ट्रेन प्रोजेक्ट की आज आधारशिला रखेंगे मोदी. इस खबर का उपशीर्षक है, गाजियाबाद को 32.5 हजार करोड़ की परियोजनाओं की सौगात देंगे पीएम. इस खबर में यह भी लिखा है कि मोदी निर्माणाधीन बिल्डिंग का लोकार्पण करेंगे. अखबार ने अमर उजाला संवाद की खबर को बॉटम बनाया है जिसमें मुख्यमंत्री का भाषण शीर्षक और फ्लैग शीर्षक है.
दैनिक जागरण में पहले पन्ने पर राफेल मामले में राहुल गांधी की मांग या प्रधानमंत्री के खिलाफ एफआईआर अथवा विपक्ष का नेतृत्व करने जैसी कोई खबर नहीं है. हाफिज सईद पर जारी रहेगा यूएन का प्रतिबंध लीड है. यह किसी और अखबार में इतनी प्रमुखता से नहीं है. इसका उपशीर्षक है, भारत, ब्रिटेन, अमेरिका व फ्रांस ने पाबंदी हटाने का विरोध किया. मुझे पहली बार में बात समझ में नहीं आई. लगा प्रतिबंध जारी रहेगा तो विरोध किसलिए. फिर देखा कि खबर नई दिल्ली डेटलाइन से जागरण ब्यूरो की है. समझ में आ गया. आप भी समझ जाएंगे.
नवभारत टाइम्स के पहले पन्ने पर आधा विज्ञापन है और मुख्य रूप से दो ही खबरें हैं. लीड जम्मू में ग्रेनेड हमले की खबर है और दूसरी का शीर्षक है, कच्ची कॉलोनी के लिए पक्के गिफ्ट की उम्मीद। यह नवोदय टाइम्स के बॉटम का दूसरा रूप है.पर उतना विस्तृत नहीं है. दैनिक भास्कर आज वुमन भास्कर बना हुआ है और खबरों के पहले पन्ने पर राफेल नहीं है.राजस्थान पत्रिका में भी आज राफेल पहले पन्ने पर नहीं है।
अंग्रेजी अखबारों में हिन्दुस्तान टाइम्स ने इसे पहले पन्ने पर सिंगल कॉम में छापा है. शीर्षक है, गायब हो गया – राहुल ने राफेल फाइल को लेकर मोदी सरकार की खिंचाई की. इंडियन एक्सप्रेस में शासकीय गुप्त बात अधिनियम के तहत कार्रवाई की धमकी की मीडिया संस्थानों द्वारा की गई निन्दा और अरुण जेटली द्वारा राष्ट्रीय सुरक्षा को महत्व दिए जाने की खबरों को पहले पन्ने पर दो कॉलम में छापा है.टाइम्स ऑफ इंडिया और द टेलीग्राफ में यह खबर पहले पन्ने पर नहीं है.   
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  • भाजपा ने हारी हुई सीटें जदयू को दी
  • तो शत्रुघ्न सिन्हा अब कांग्रेस के साथ
  • प्रियंका गांधी से कौन डर रहा है ?
  • तो अब धरोहरों से मुक्त हुई भाजपा
  • विदेश में तो बज ही गया डंका
  • साढ़े तीन दर्जन दलों की नाव पर सवार हैं मोदी !
  • यह दौर बिना सिर पैर की ख़बरों का भी है
  • संघ वालों मोदी हटाओ ,हिंदू बचाओ
  • चुनौती बन गया है उत्तर प्रदेश
  • नक़ल का नारा ज्यादा दूर तक नहीं जाता
  • पुलवामा की साजिश स्थानीय थी?
  • बजरंगी को बेल, बाक़ी सबको जेल
  • तो पटना से ही लड़ेंगे शत्रुघ्न सिन्हा
  • कांग्रेस की सोशल इंजीनियरिंग से पिछड़े हुए बम बम
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