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टीकाकरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है कोल्ड चेन

धर्मेंद्र कमरिया 

भोपाल. नवजात शिशुओं को जानलेवा बीमारियों से बचाने के लिए और उनके जीवन को सुरक्षित बनाने के लिए बच्चे की मां की गर्भावस्था शुरू होने के साथ ही टीकाकरण शुरू हो जाता है. और यह सुविधा देश के लगभग सभी शहरी और ग्रामीण स्तर के अस्पतालों में उपलब्ध है. आंगनवाढी़ केंद्र पर जब कोई गर्भवती महिला अपना नाम दर्ज कराती है उसके वाद से ही टीकाकरण की प्रक्रिया शुरू हो जाती है. बच्चे के जन्म के 24 घंटे के अंदर दो टीके अनिवार्य रूप से लगाए जाते हैं. पहला ज़ीरो डोज और दूसरा हेपेटाईटिस बी का टीका. सभी सरकारी अस्पतालों में बिल्कुल मुफ्त उपलब्ध हैं. 

सरकार बच्चों के जन्म से लेकर पूर्ण टीकाकरण तक प्रति बच्चा लगभग 13 हज़ार रुपए खर्च करती है. जिससे नवजात शिशुओं को घातक और जानलेवा बीमारियों से बचाया जा सके और शिशु मृत्यु दर को कम किया जा सके. लेकिन टीकाकरण को सफल बनाने और वैक्सीन को आंगनवाढी़ केंद्र एवं दूर दराज ग्रामीण क्षेत्र में बने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र तक सुरक्षित रूप से पहुंचाने और वितरण करने का कार्य अस्पतालों में बनी कोल्ड चेन के द्वारा किया जाता है. 

कोल्ड चेन दो जगह कार्य करती है पहली अस्पताल में और दूसरी फील्ड पर. कोल्ड चेन का काम कब और कैसे शुरू होता है इसे जानने के लिए मैं भोपाल के कोलार स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ( सीएचसी ) टीकाकरण केंद्र पर पहुंचा जहां पर वैक्सीन इंचार्ज उमाशंकर नामदेव उपस्थित थे. और वैक्सीन को आंगनवाढी़ केंद्रों पर वितरित करने वाले अनिल नवाड़े अपनी बाइक पर कंटेनर लगा रहे थे. जिसके अंदर वैक्सीन को रखकर सुरक्षित पहुंचाया जाता है. वैक्सीन को एक निश्चित तापमान पर रखने के लिए अस्पताल में दो रिफ्रिजरेटर की व्यवस्था की गई है. एक फ्रीजर में वैक्सीन को रखा जाता है और दूसरे रिफ्रिजरेटर में आईस क्यूब को रखा जाता है. 

दोनों रेफ्रिजरेटर का तापमान ऑटोमेटिक मशीन के द्वारा नियंत्रित किया जाता है. सुबह आठ बजे अनिल नवाड़े अपनी मोटरसाइकिल पर चार कंटेनर लादकर वैक्सीन वितरण के लिए निकलते हैं. पहला कंटेनर कोलार गरीब नगर आंगनवाढी़ केंद्र पर देते हैं और ( एएनएम ) अनीता शर्मा को रजिस्टर में एंट्री करवाते हैं. दूसरा कंटेनर अकबरपुर आंगनवाढी़ केंद्र पर जहां ( एएनएम  ) के रूप में रत्ना सोनी आंगनवाढी़ कार्यकर्ता के रूप में संयोगिता मेहरा और पिंकी सेन सहायिका के रूप में कार्यरत हैं. तीसरा कंटेनर संजय नगर- 2 और चौथा कंटेनर दामखेड़ा A- सेक्टर केंद्र पर वितरित किया. 


जहां पर एएनएम कविता बताती हैं कि आज उन्हें लगभग दस टीके लगाने है. जिसमें चार गर्भवती महिला और दो फर्स्ट डोज शामिल हैं. इस प्रकार अनिल नवाड़े ने एक घंटे में लगभग 16 किलोमीटर के दायरे में वैक्सीन पहुंचाने का काम किया. वर्जन वैक्सीन इंचार्ज

कोल्ड चेन का मुख्य कार्य वैक्सीन को एक निश्चित तापमान पर निर्माता से हितग्राही तक पहुंचाना है. वैक्सीन निर्माता से सीधे राज्य में और राज्य से जिले के द्वारा फोकल पॉइंट तक पहुंचता है. इसके बाद उसे वैक्सीन केंद्र या आंगनवाढी़ केंद्र तक पहुंचाया जाता है. तापमान नियमित नियंत्रित रहे इस बात का विशेष ध्यान रखा जाता है. +2 से +8 तापमान पर वैक्सीन को हितग्राही तक पहुंचाया जाता है.                    उमाशंकर नामदेव , वैक्सीन इंचार्ज ,सीएमएच,कोलार भोपाल


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