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पटना में शनीचर को सैलून खुलेगा तो आएगा कौन ?

आलोक कुमार

पटना.पटना जिला के जिलाधिकारी कुमार रवि के आदेश से अखिल भारतीय नाई संघ की कुर्जी शाखा के कोषाध्यक्ष देवेन्द्र ठाकुर विफर पड़े हैं. साठ दिनों के बाद सरकारी फरमान होने पर मंगलवार,गुरुवार और शनिवार को दुकान खोले. सिवा देवेन्द्र ठाकुर आईटीआई सैलून में झक मारने से कुछ नही किये.बिहार सरकार के श्रम विभाग के द्वारा अखिल भारतीय नाई संघ है. यह पंजीकृत टड यूनियन है. इसका पंजीकृत नम्बर-2797/1984 है. इसका अध्यक्ष कृष्णा शर्मा, उपाध्यक्ष मो.शहीद और सचिव विनोद ठाकुर हैं. अखिल भारतीय नाई संघ की शाखा कुर्जी में है. कुर्जी शाखा के अध्यक्ष अनिल ठाकुर, सचिव परमजीत ठाकुर और कोषाध्यक्ष देवेन्द्र ठाकुर है.

अखिल भारतीय नाई संघ की कुर्जी शाखा के कोषाध्यक्ष देवेन्द्र ठाकुर ने देवेन्द्र ठाकुर आईटीआई सैलुन खोले हैं. यहां पर 1960 से सैलून  चला रहे हैं. 60 साल के सबसे खराब दौर से गुजर रहे हैं. इनके पास 3 कारीगर है. कारीगर काम करते हैं. कारीगर मजदूरी में साठ प्रतिशत लेकर चालीस प्रतिशत सैलून दुकानदार को देते हैं.उन्होंने जिलाधिकारी कार्यालय,पटना यगोपनीय शाखाद्ध का आदेश दिखाते हैं. दुकानों / प्रतिष्ठान को छह श्रेणियों में बांटते हुए उन्हें खोलने के संबंध में आदेश दिये है. प्रत्येक श्रेणी के दुकान/ प्रतिष्ठान संख्या 06ः00 बजे तक ही खोले जाऐंगे. आगे दिखाया और कहा कि श्रेणी तीन में मंगलवार, गुरूवार,शनिवार को खुलने वाले दुकानों / प्रतिष्ठानों की सूची प्रकाशित की गयी है.अंत में लिखा है कि अन्य सभी दुकान जो किसी सूची में नहीं है. इसमें सैलून है. यहीं से नाई समुदाय का सामाजिक-आर्थिक विनाश का सिलसिला शुरू हो गया. मंगलवार, गुरुवार और शनिवार के दिन बाल या फिर नाखून काटने से मनुष्य के शरीर में कई प्रकार के रोग उत्पन्न होने का खतरा रहता है. इसी वजह से ऋषि-मुनियों ने मंगलवार,गुरुवार और शनिवार के दिल बाल और नाखून काटने तथा शेविंग बनाने से मना किया है.

हिन्दू धर्म में हर काम दिन के अनुसार किया जाता है. इसके लिए पंडित और ज्योतिष से भी सलाह ली जाती है. उसी तरह हिन्दू धर्म में बाल-दाढ़ी कटवाने के भी दिन हैं, जो कि पुरानी मान्यता है. हिन्दू धर्म के अनुसार, मंगलवार, गुरुवार और शनिवार को बाल व दाढ़ी नहीं कटवानी चाहिए. मान्यता है कि मंगलवार को बाल कटाने से उम्र पर विपरीत असर पड़ता है. वहीं गुरुवार भगवान विष्णु और धन की देवी लक्ष्मी का दिन है. इस दिन दाढ़ी-बाल कटवाने से आर्थिक स्थिति खराब होता है. माना जाता है कि इस दिन बाल-दाढ़ी कटवाने से तंगी का सामना करना पड़ता है. 

जबकि शनिवार का दिन शनिदेव का होता है. ज्योतिष के अनुसार, शनि का संबंध इंसना की त्वचा से होता है. इस दिन नाखून, बाल, दाढ़ी कटवाना अशुभ माना जाता है. कहा जाता है कि इन कार्यों को करने से दुष्प्रभावों का सामना करना पड़ता है. ऐस में इस दिन भूलकर भी दाढ़ी-बाल नहीं कटवानी चाहिए. इन सब के अलावे इस दिन इन कार्यों को क्यों नहीं किया जाए, इसके पीछे वैज्ञानिक कारण भी जुडा हुआ है. वैज्ञानिक मान्यता अनुसार शनिवार और मंगलवार को ग्रहों से स्वास्थ्य के लिए हानिकारक किरणें मिलती हैं जिनका सीधा प्रभाव हमारे मस्तिष्क पर पडता है इसलिए इन किरणों से बचाव व सुरक्षा के लिए सिर पर बालों का होना बेहद जरूरी है इसलिए बाल नहीं कटवाने के लिए कहा जाता है.

एक अन्य नाई मनोज ठाकुर का कहना है कि अल्पसंख्यक बहुल्य बांसकोठी में सैलून दुकान खोलने का फायदा नहीं मिल रहा है. माना कि हिन्दू धर्मावलम्बी धर्म और मान्यता के अनुसार मंगलवार, गुरुवार और शनिवार को बाल,दाढ़ी और नाखून नहीं कटवाते हैं.मान्यता यह है कि शनिवार को नाखून काटने से आयु कम होती है और परिवार की आर्थिक स्थिति भी कमजोर हो सकती है. गुरुवार को नाखून काटने से शिक्षा से जुड़ी परेशानियां आती हैं. वहीं मंगलवार. गुरुवार और शनिवार को नाखून नहीं काटने के पीछे वैज्ञानिक और धार्मिक कारण. हिंदू धर्म में बहुत सी ऐसी पुरानी परंपराएं हैं जो आज तक चली आ रही है. ऐसी ही एक परंपरा है नाखूनों से जुड़ी. आपने अकसर अपने बड़े बुजुर्गों से सुना होगा कि हफ्ते के किस दिन नाखून नहीं काटने चाहिए. इसके पीछे के कारण क्या है बहुत ही कम लोग जानते हैं. हफ्ते के तीन दिन मंगलवार, गुरुवार और शनिवार को नाखून नहीं काटने की सलाह दी जाती है. इसके पीछे धार्मिक कारण के साथ-साथ वैज्ञानिक कारण भी है. विज्ञान के मुताबिक इंसान के शरीर में उंगलियों के आगे का भाग काफी संवेदनशील होता हैं जिसकी सुरक्षा नाखूनों से की जाती है. क्योंकि मंगलवार, शनिवार और गुरुवार के दिन ब्रह्माड से आने वाली अनेक तरह की ऊर्जा का मानव शरीर के संवेदनशील हिस्सों पर खास प्रभाव पड़ सकता है. इसलिए इन दिनों में नाखून नहीं काटने की सलाह दी जाती है.


नाखूनों का संबंध ग्रहों से भी जोड़कर देखा जाता है. क्योंकि मंगलवार मंगल देवता का दिन होता है. मंगल जिसका संबंध मनुष्य के खून से माना जाता है. गुरुवार देवगुरु बृहस्पति का दिन होता है जिसका संबंध बुद्धि से होता है और शनिवार शनिदेव से संबंधित होता है जिनका संबंध हमारी त्वचा से होता है. इसलिए इन दिनों में नाखूनों के काटने का हमारे शरीर ही नहीं ग्रहों पर भी बुरा प्रभाव पड़ता है. जिससे व्यक्ति को कई तरह के दुखों का सामना करना पड़ सकता है.

आगे कहते मनोज ठाकुर कहते हैं कि आज सिर्फ तीन मुस्लिम बाल कटवाने आए हैं. ये लोग कोरोना से भयभीत हैं. इस लिए सैलून में आना नहीं चाहते हैं. उन्होंने कहा कि दिनेश लाजरूस नामक क्रिश्चियन ने खुद ही औजार खरीद लिये हैं. अग्रज शालिग्राम ठाकुर हजामत बनाने जाते हैं. कुर्जी शाखा के अध्यक्ष अनिल ठाकुर ने पटना के जिलाधिकारी कुमार रवि से आग्रह किया है कि निर्धारित दिनों में परिवर्तन करें ताकि लाॅकडाउन से तंगी से मुकाबला कर सके.

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