जनादेश

जब तक जिए शान से जिये चन्द्रशेखर असली समस्या तो बुद्धि है सादगी में मुस्कुराता चेहरा यानी चंद्रशेखर गांव ,गरीब और पेड़ के लिए सत्याग्रह गुजर जाना एक दरख्त का जोमैटो में चीन का निवेश रुका कोई क्यों बनती है आयुषी क्या समय पर हो जाएगा वैक्सीन का ट्रायल हरफनमौला पत्रकार की तलाश काफ़्का और वह बच्ची ! कोरोना ने चर्च भी बंद कराया सरकार अपनी जिम्मेदारियों से क्यों भाग रही है? वसूली का दबाव अलोकतांत्रिक विपक्षी दलों ने कहा ,राजधर्म का पालन हो पुर्तगाल ,गोवा और आजादी कब शुरू हुई बाबाओं की अंधविश्वास फ़ैक्ट्री कोरोना से बाल बाल बचे नीतीश आंदोलनकारी या अतिक्रमणकारी ओली के बाद प्रचंड की भी राह आसान नही खामोश हो गई सितारों को उंगली से नचाने वाली आवाज

राजद का गरीब अधिकार दिवस नौ जून को

आलोक कुमार

पटना. भारत के गृह मंत्री हैं अमित शाह. अमित शाह भाजपा के वरिष्ठ नेता भी हैं. बिहार में अक्टूबर-नवम्बर में होने वाले चुनाव के मद्देनजर कार्यकर्ताओं से 9 जून को डिजिटल रैली माध्यम से जुड़ेंगे. वहीं राजद ने 9 जून को बीजेपी के प्रतिकार में “गरीब अधिकार दिवस” मनाएंगा. इस समय भारत कोविड -19 संक्रमण से बेहाल है. विश्व के टाॅप 10 देशों में भारत सातवां सबसे अधिक प्रभावित देश बन गया है. अभी 1,90,500 से अधिक मामले में 5,394 की मौत हो गयी है. कुछ ही घंटों में देश में कोरोना मरीजों की संख्या दो लाख पहुंच जाएगी. गरीब पैदल चल भूखे मर रहे है लेकिन भाजपा 9 जून को डिजिटल रैली निकालेगी. भाजपा दुनिया की पहली ऐसी पार्टी है जो अपने लोगों के मरने पर जश्न मना रही है.जिस दिन बीजेपी गरीबों की मौत का जश्न मनाएगी उसी दिन प्रतिकार में हम “गरीब अधिकार दिवस” मनाएँगे. यह कथन नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव जी का है. इस तरह 9 जून को बीजेपी और राजद आमने-सामने रहेंगे.

नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव का कहना है कि बीजेपी और जदयू सिर्फ अपनी सत्ता की भूख मिटाना चाहती है लेकिन हम गरीबों-मजदूरों के पेट की भूख मिटाना चाहते है. 9 जून को सभी बिहारवासी अपने-अपने घरों में थाली, कटोरा और गिलास बजाएंगे. बाहर से लौटे सभी श्रमिक भाई भी थाली -कटोरा बजा चैन से नींद में सो रही बिहार सरकार को जगायेंगे.


करीब 100 से अधिक बिहारी श्रमिक, महिलाएँ और बच्चें लॉकडाउन में इनकी गरीब विरोधी दमनकारी नीतियों के कारण  मर गए. उन पर आज तक कोई शोक संवेदना और शोक का प्रकटीकरण नहीं किया लेकिन चुनावी तैयारियों में व्यस्त है. भाजपा को कोई लोकलाज नहीं. बिहार में चाहे कोई भी दिक्कत आए , कोई भी तकलीफ आए. बीजेपी हो जदयू के दिल और दिमाग पर हमेशा चुनाव सत्ता और पावर की भूख मिटाने की लालसा रहती है.


डिजिटल रैली करने वालों को इस मानवीय संकट में अगर जनता की चिंता होती तो वो डिजिटल जनसेवा करते, डिजिटल मदद करते. हमने डिजिटली लाखों की मदद की लेकिन गरीबों के पेट पर लात मारने वाले इस संवेदना और पीड़ा को नहीं समझ सकते. हमारे राष्ट्रीय अध्यक्ष ने एक बार कहा था गरीब को डाटा से पहले आटा चाहिए. इनकी आत्मा-अंतरात्मा सब भावहीन होकर डिजिटल हो चुकी है. लाखों बिहारी गरीबों का जीवन तबाह कर आज यह डिजिटल टोली डिजिटल रैली निकाल रही है. जब जनता सड़कों पर भटक रही थी तब क्यूं नहीं उन्होंने “डिजिटली घर पहुँचाओ रैली” और जब लोग भूख से मर रहे थे तब क्यूं नहीं उन्होंने “डिजिटली भोजन पहुंचाओ” रैली की.  ये लोग वर्चूअल डिजिटल रैली नहीं बल्कि डिजिटल क्षमा याचना रैली निकालें, डिजिटल शर्मिंदा रैली निकालें, डिजिटल कुशासन रैली निकलें, डिजिटल पश्चताप रैली निकालें. इस आपदा में जिस प्रकार जनता के बीच से ये डबल इंजन सरकार गायब है उस हिसाब से तो इनका वर्चूअल नहीं बल्कि  Invisible रैली निकालना बनता है.

उन्होंने कहा कि इनके सभी मंत्री महत्वपूर्ण विभागीय बैठकों से गायब है. लेकिन पार्टी के कार्यों में उपस्थित रहते है. भाजपा प्रदेश अध्यक्ष संजय जायसवाल केंद्रीय दूरसंचार मंत्री रविशंकर प्रसाद को ट्वीट कर  BSNL     के मोबाइल सिग्नल नहीं रहने की शिकायत करते है. और यहाँ ये लोग डिजिटल चुनाव और रैली की फालतू बात कर रहे है. वर्चूअल रैली निकालने से पहले ड़बल इंजन सरकार बताए कि केंद्र से उन्हें कितने वेंटिलेटर, पीपीई किट इत्यादि मिले.15 वर्षों की बिहार सरकार बताए इन्होंने पलायन रोकने के लिए 15 वर्ष में क्या किया? बिहार वापस लौटे श्रमिकों के लिए रोजगार और नौकरी की क्या योजना और व्यवस्था है? ऐसे मुश्किल वक्त में डिजिटल प्लेटफॉर्म का प्रयोग करना चाहिए. कृपया  राशन के लिए,सुशासन के लिए ,कड़े प्रशासन के लिए लेकिन ये डिजिटल प्लेटफॉर्म का प्रयोग कर रहें हैं चुनाव के लिए, भाषण के लिए. सोचिए, कितने शर्म की बात है.

Share On Facebook

Comments

Subscribe

Receive updates and latest news direct from our team. Simply enter your email below :