जनादेश

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तेंदूपत्ता तुड़ाई में कोरोना कहर

भोपाल .टोंको-रोंको-ठोंको क्रांतिकारी मोर्चा के संयोजक उमेश तिवारी ने एक विज्ञप्ति में बताया है कि सीधी जिले का पांचवी अनुसूची का अधिसूचित ब्लाक कुसमी जिसके ग्राम देवार्थ नौढिया में कोरोना संक्रमित एक मरीज के पाए जाने से पूरे गांव को कंटेनमेंट क्षेत्र घोषित कर लाँक दिए जाने से वहां के तेंदूपत्ता श्रमिक तेंदूपत्ता की तोड़ाई नहीं कर सके. ग्राम देवार्थ नौढिया में इस साल तीन लाख (300000) गड्डी तेंदूपत्ता तोड़ाई का लक्ष्य तय किया गया था. पता तोड़ाई का कार्य गांव के श्रमिको ने दो  दिन किया और पचास हजार (50000) तेंदूपत्ता गड्डी की तोड़ाई किए इसी बीच गांव के एक व्यक्ति के कोरोना संक्रमित होने के कारण गांवों को लाक कर दिया गया, ग्रामीणों की आवाजाही पर रोक लगने से पत्ती तोड़ाई का कार्य भी बंद हो गया. श्री तिवारी ने बताया की तीन लाख तेंदूपत्ता गड्डी तोड़ाई के लक्ष्य को पूरा करने के लिए गांव के 160 श्रीमिक तोड़ाई कार्य में लगे थे. पिछले साल भी तीन लाख गड्डी तोड़ाई का लक्ष्य था और 160 श्रमिकों ने पत्ती तोड़ाई की थी. पिछले साल को आधार माना जाय तो एक गड्डी पत्ती की खरीदी 2.50 रुपये में की जाती यानी तीन लाख गड्डी की खरीदी सात लाख पचास हजार रुपये में होती इसी तरह एक गड्डी में बोनस मिलता 2.95 रुपये यानी तीन लाख गड्डी में बोनस मिलता आठ लाख पच्चासी हजार रुपये इस तरह कुल सोलह लाख पैतीस हजार रुपए से तेंदूपत्ता तोड़ाई में लगे 160 श्रीमिक बंचित रह गए. कोरोना के कारण पत्ता तोड़ाई बन्द न होती तो प्रत्येक श्रमिक को दस हजार दो सौ उन्नीस रुपये का भुगतान मिलता. जिस श्रीमिक परिवार में से कई लोग पत्ता तोढ़ाई करते हैं उस परिवार में एक बड़ी राशि प्राप्त हो जाती और वह उस राशि से अपना बड़ा कार्य जैसे मकान निर्माण, शादी-ब्याह, उधारी का भुगतान आदि कर लेता. पिछले साल देवार्थ नौढिया में तीन लाख छह हजार (306000 गड्डी) गड्डी पत्ती की तोड़ाई 160 श्रीमिको द्वारा की गई थी.


श्री तिवारी ने कहा है कि तेंदूपत्ता श्रमिकों के लिए पत्ता तोड़ाई से नगदी का बड़ा सहारा हो जाता है इससे वह अपने बड़े कार्यो के साथ-साथ बरसात के चार माह को दवाई, किराना और अन्य छुटपुट खरीदारी का इंतजाम भी कर लेता है. लेकिन इस साल देवार्थ नौढिया के गरीबों का चौमासा गड़बड़ा गया है.

चूंकि कोरोना के कारण देवार्थ नौढिया में तेंदूपत्ता की तोड़ाई नही की जा सकी है इस कारण पत्ता तोड़ाई में लगे 160 श्रमिकों को सोलह लाख पैंतीस हजार रुपये कोरोना फंड की राशि में से भुगतान किया जाए. कोरोना फंड का प्रावधान इसीलिए किया गया है. कोरोना फंड में सरकारी खजाने से प्रबंध के साथ-साथ कर्मचारियों, उद्योगपतियों, खिलाड़ियों, कलाकारों, कलमकारों, आम नागरिकों, स्कूली बच्चों, सेना के जवानों, समाजसेवियों, राजनैतिक दलों ने बहुत बड़ी राशि का दान किया है.

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री, जिले के सांसद, क्षेत्र के विधायक तथा जिले के सभी राजनीतिक दलों से आग्रह है कि वह देवार्थ नौढिया के तेंदूपत्ता श्रमिकों को उनका हक दिलवाने में अपने-अपने दायित्व का निर्वाह करें.


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