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बिजली ने ली सौ से ज्यादा की जान ,क्या सावधानी बरतें

 आलोक कुमार

पटना.आकाश से चलकर धरती पर आकर लोगों पर वज्रपात करके चली गयी. बिहार में आंधी और बारिश के दौरान बिजली गिरने से गुरुवार से लेकर आज शुक्रवार अभी तक प्रदेश में 100 से ज्यादा लोगों की वज्रपात से मौत हो गयी जबकि दर्जनों व्यक्ति झुलस गए. आपदा प्रबंधन विभाग से प्राप्त जानकारी के मुताबिक बिजली गिरने से राज्य के 23 जिलों में कुल 100 से ज्यादा लोगों की मौत हुई है, जिसमें गोपालगंज में सबसे ज्यादा 13 लोग हताहत हुए हैं. इसके अलावा, नवादा एवं मधुबनी में 8-8, सिवान एवं भागलपुर में 6-6, पूर्वी चंपारण, दरभंगा एवं बांका में 5-5, खगड़िया एवं औरंगाबाद में 3-3, पश्चिम चंपारण, किशनगंज, जहानाबाद, जमुई, पूर्णिया, सुपौल, बक्सर एवं कैमूर में 2-2 और समस्तीपुर, शिवहर, सारण, सीतामढ़ी एवं मधेपुरा में 1-1 व्यक्ति की वज्रपात की चपेट में आकर मौत हो गयी है. आज सुबह शेखपुरा में वज्रपात से एक चरवाहे की मौत हो गई है. जिलों से प्राप्त रिपोर्ट में कहा गया है कि बिजली गिरने से 20 से अधिक लोग घायल हो गए है जिन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है.आंधी और बारिश से लोगों के घरों और संपत्ति की भी व्यापक स्तर पर क्षति हुई है.

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने वज्रपात से मरने वालों के प्रति गहरी शोक संवेदना व्यक्त की है. उन्होंने कहा कि आपदा की इस घड़ी में वह प्रभावित परिवारों के साथ हैं. मुख्यमंत्री ने मृतकों के परिजनों को तत्काल चार-चार लाख रुपये अनुग्रह अनुदान देने के निर्देश दिये हैं. उन्होंने लोगों से अपील की है कि सभी लोग खराब मौसम में पूरी सतर्कता बरतें. खराब मौसम होने पर वज्रपात से बचाव के लिये आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा समय-समय पर जारी किये गये सुझावों का अनुपालन करें। खराब मौसम में घरों में रहें और सुरक्षित रहें.

मौसम विभाग से मिल रही जानकारी के मुताबिक राज्य के अधिसंख्य भागों में अगले 72 घंटों के दौरान भारी से अत्यंत भारी वर्षा होने एवं वज्रपात की आशंका है. विभाग के अनुसार इसका मुख्य प्रभाव नेपाल के तराई से सटे और उत्तर एवं मध्य बिहार के पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सिवान, शिवहर, सीतामढी, दरभंगा, मुजफ्फरपुर, समस्तीपुर, सारण, मधुबनी, सुपौल, अररिया, सहरसा, मधेपुरा, पूर्णिया, किशनगंज एवं कटिहार में रहने की संभावना है.मौसम विभाग ने नागरिकों को उचित सावधानी एवं सुरक्षा उपाय बरतने की सलाह दी है.


 


इस बीच बेतिया में आज पश्चिम चम्पारण जिले के जिलाधिकारी कुंदन कुमार की अध्यक्षता में बैठक की गयी.इस बैठक में आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा किये जा रहे कार्यों की समीक्षा की गयी. समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने कहा कि भारत मौसम विज्ञान विभाग, भारत सरकार द्वारा पश्चिम चम्पारण जिले में 25-26 जून को भारी वर्षापात होने का अलर्ट जारी किया गया है. साथ ही जिले में आगामी कुछ दिनों तक बारिश की संभावना भी जतायी गयी है.वर्षापात के साथ ही वज्रपात से भी जान-माल की क्षति हुई है.उन्होंने कहा कि वज्रपात से जिन व्यक्तियों की मृत्यु हो गयी है उनके आश्रितों के बीच में अनुग्रह अनुदान की राशि वितरित करा दिया गया है.


यह आवश्यक है कि वर्षापात एवं वज्रपात से बचाव के लिए सभी आवश्यक तैयारियां अपडेट रखी जाय. उन्होंने आपदा प्रबंधन विभाग को निर्देश दिया कि ऐहतियातन दियारावर्ती, सीमावर्ती एवं गंडक नदी के आसपास रहने वाले निवासियों को सतर्कतापूर्वक आवागमन करने एवं सुरक्षित स्थलों पर वास करने की जानकारी मुहैया करायी जाय.

जिलाधिकारी द्वारा जिलेवासियों से अपील की गयी है कि अनावश्यक रूप से घर से नहीं निकलें. जिला प्रशासन द्वारा विषम परिस्थिति से निपटने हेतु सभी आवश्यक तैयारियां कर ली गयी है. सभी अधिकारियों को अलर्ट मोड में रखा गया है.जिलाधिकारी द्वारा वज्रपात के समय क्या करें, क्या नहीं करें से संबंधित जानकारी का व्यापक प्रचार-प्रसार करने हेतु संबंधित अधिकारियों को निदेश दिया गया है.


वज्रपात से बचाव हेतु क्या करें-


1. यदि आप खुले में हो तो शीघ्रतिशीघ्र किसी पक्के मकान में शरण लें.


2. सफर के दौरान अपने वाहन में ही बने रहें.


3. समूह में न खड़े हो, बल्कि अलग-अलग खड़े रहें.


4. यदि आप जंगल में हो तो बौने एवं घने पेड़ों के शरण में चले जायें.

5. धातु से बने कृषि यंत्र-डंडा आदि से अपने को दूर कर दें.

6. आसमानी बिजली के झटका से घायल होने पर पीड़ित व्यक्ति को तत्काल नजदीकी प्राथमिक चिकित्सा केन्द्र ले जाने की व्यवस्था की जानी चाहिए.

7. स्थानीय रेडियो तथा अन्य संचार साधनों के माध्यम से मौसम की जानकारी प्राप्त करते रहें.


यदि आप खेत खलिहान में काम कर रहे हों और किसी सुरक्षित स्थान की शरण न ले पायें हो तोः-

● जहां हैं वहीं रहें, हो सके तो पैरों के नीचे सूखी चीजें जैसे-लकड़ी, प्लास्टिक, बोरा या सूखे पते रख लें.

● दोनों पैरों को आपस में सटा लें, दोनों हाथों को घुटनों पर रखकर अपने सिर को जमीन के तरफ यथासंभव झुका लें तथा सिर को जमीन से न सटने दें.


● जमीन पर कदापि न लेटें.


वज्रपात से बचाव हेतु क्या नहीं करें-


1. खिड़कियों, दरवाजे, बरामदे के समीप तथा छत पर नहीं जायें.


2. तालाब और जलाशय के समीप न जायें.

3. बिजली के उपकरण या तार के साथ संपर्क से बचें व बिजली के उपकरणें को बिजली के संपर्क से हटा दें.

4. ऐसी वस्तुएं, जो बिजली की सुचालक हैं, उनके दूर रहें.

5. बाहर रहने पर धातु से बनी वस्तुओं का उपयोग न करें.बाइक, बिजली या टेलीफोन का खंभा, तार की बाड़, मशीन आदि से दूर रहें.


6. उंचे इमारत (मकान) वाले क्षेत्रों में शरण नहीं लें.


7. साथ ही बिजली एवं टेलीफोन के खंभों के नीचे कदापि शरण नहीं लें, क्योंकि उंचे वृक्ष, उंची इमारतें एवं टेलीफोन/बिजली के खंभे आसमानी बिजली को अपनी ओर आकर्षित करते हैं.

8. पैदल जा रहे हों तो धातु की डंडी वाले छातों का उपयोग न करें.

9. यदि घर में हों तो पानी का नल, फ्रिज, टेलीफोन आदि को न छूएं.


 

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