जनादेश

जब तक जिए शान से जिये चन्द्रशेखर असली समस्या तो बुद्धि है सादगी में मुस्कुराता चेहरा यानी चंद्रशेखर गांव ,गरीब और पेड़ के लिए सत्याग्रह गुजर जाना एक दरख्त का जोमैटो में चीन का निवेश रुका कोई क्यों बनती है आयुषी क्या समय पर हो जाएगा वैक्सीन का ट्रायल हरफनमौला पत्रकार की तलाश काफ़्का और वह बच्ची ! कोरोना ने चर्च भी बंद कराया सरकार अपनी जिम्मेदारियों से क्यों भाग रही है? वसूली का दबाव अलोकतांत्रिक विपक्षी दलों ने कहा ,राजधर्म का पालन हो पुर्तगाल ,गोवा और आजादी कब शुरू हुई बाबाओं की अंधविश्वास फ़ैक्ट्री कोरोना से बाल बाल बचे नीतीश आंदोलनकारी या अतिक्रमणकारी ओली के बाद प्रचंड की भी राह आसान नही खामोश हो गई सितारों को उंगली से नचाने वाली आवाज

शिक्षकों से बेगारी कराई जा रही

रजनीश राय

लखनऊ . प्राविधिक शिक्षा (डिप्लोमा सेक्टर ) उत्तर प्रदेश के समस्त राजकीय पॉलीटेक्निक कॉलेजों में तकरीबन 1400 गेस्ट लेक्चरर पढ़ा रहे है जो की B.tech &M.tech किये हुए है उन्हे मात्र 15000 रुपए माह मानदेय मिलता है .वो भी साल के मात्र 7-8 माह तक ही .उसके बाद बिना पैसे के कार्य कराया जाता है. लोगों की मजबूरी होती है कार्य करने की वरना अगले सत्र में जॉब पर नहीं रखा जायेगा.हमसभी लोगों ने लॉक डाऊन अवधि में बच्चों को ऑनलाइन पढ़ाया है. जिसके भुगतान के लिये शासन से विभाग में बजट भी आया हुआ है .पर प्रदेश के किसी भी गेस्ट लेक्चरर को मार्च से मई तक का भुगतान नहीं हुआ है इस सन्दर्भ में हम सभी लगातार शिकायत कर रहे थे की हम लोगों को लाक डाऊन अवधि का भुगतान किया जाये अभी तक मानदेय किसी को मिला नहीं.

अचानक से 11 जून को कैबिनेट द्वारा हमसभी के स्थान पर रिटायर्ड लोगों को 25000 रुपए  माह के मानदेय पर नियुक्ति का आदेश जारी कर दिया गया जबकि रिटायर्ड लोग 70000-75000 रुपए तक मासिक पेंशन पा रहे है उन्हे सरकार 25000 और देने जा रही है जबकि अधिकाँश रिटायर्ड व्यक्तियों की शैक्षिक योग्यता डिप्लोमा ही है.सरकार उन्हे पेंशन के बावजूद रोजगार दे कर हम नवयुवकों का रोजगार छिँनने जा रही है .जिसमें हमसभी को बेरोजगार हो कर भुखमरी का सामना करना पड़ेगा.


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