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विधान पार्षदों को सार्टिफिकेट दिया

आलोक कुमार  

पटना. बिहार विधान परिषद की नौ सीटों के लिए चुनाव में सभी उम्मीदवारों को सोमवार को निर्विरोध निर्वाचित घोषित कर दिया गया. बिहार विधानसभा के सचिव एवं ऊपरी सदन के लिए द्विवार्षिक चुनावों के लिए रिटर्निंग अधिकारी बटेश्वर नाथ पांडेय ने सोमवार को बताया कि अपराहन 3.30 बजे तक नामांकन वापस लेने की समय सीमा समाप्त होने के बाद सभी उम्मीदवारों को प्रमाण पत्र जारी कर दिए गए. इस तरह बिहार विधान परिषद के चार दलों के सभी 9 उम्मीदवार  निर्विरोध  विजयी घोषित हो गए है.

बता दें कि जनता दल (यूनाईटेड) के गुलाम गौस,  भीष्म सहनी  और कुमुद वर्मा. भारतीय जनता पार्टी के सम्राट चौधरी और संजय  मयूख. राष्ट्रीय जनता  दल के   फारूक  शेख, सुनील  सिंह और रामबली  चंद्रवंशी. भारतीय  राष्ट्रीय  कांग्रेस  के डॉ.समीर  कुमार  सिंह हैं. इस जीत से राष्ट्रीय जनता दल की संख्या जरूर 3 से बढ़कर 6 हो गयी है. राबड़ी  देवी, सुबोध कुमार,राम चन्द्र पूर्वे, फारूक शेख,  सुनील सिंह और रामबली चंद्रवंशी सहित विधान पार्षद नेता प्रतिपक्ष की कुर्सी नहीं बचा पाएंगे.

मालूम हो कि बिहार विधान परिषद के  राजद से  संबंधित 5 विधान पार्षदों ने अकस्मात इस्तीफा दे दिया. इस इस्तीफे से पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी  देवी  को जोरदार झटका लग और विधान  परिषद में  नेता प्रतिपक्ष की उनकी कुर्सी भी छिन जाने की खतरा उत्पन्न हो गयी है.75 सदस्यीय बिहार विधान  परिषद में मुख्य विपक्षी दल के दर्जे के लिए कुल सदस्यों का 1/10 अर्थात न्यूनतम 8 सदस्य होने  चाहिए,जो राजद के पास नहीं है. अब तो इसके लिए सत्ताधारी दलों के रहमोकरमो पर निर्भर रहना पड़ेगा.वह खेल खेलेंगे' नेता प्रतिपक्ष की कुर्सी दी जाए कि छिन ली जाए?

बिहार में विधान परिषद की कुल 75 सीटें हैं,इस समय  जनता दल (यूनाईटेड) के पास कुल 23 , भारतीय  जनता  पार्टी के पास कुल 18,राजद के पास कुल 6, भारतीय  राष्ट्रीय कांग्रेस के पास कुल 3, लोक जनशक्ति पार्टी के पास 1, हिन्दुस्तानी  अवामी मोर्चा  ( सेक्युलर) के पास 1और  निर्दलीय के पास 2 सीट और 1 कार्यकारी अध्यक्ष है.शिक्षक कोटे से चार सीटों पर चुनाव होंगे, वहीं स्नातक की चार सीटों पर भी चुनाव है. कुल मिलाकर 12 सीटें राज्यपाल कोटे से रिक्त है.

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