कोरोना से बाल बाल बचे नीतीश

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कोरोना से बाल बाल बचे नीतीश

आलोक कुमार

पटना. इन दिनों कोरोना का कैपिटल पटना बन गया है. वह तो बिहार में राजनीतिक गलियारों में दस्तक दे दी है. बिहार विधान परिषद के कार्यकारी सभापति अवधेश नारायण सिंह के कोरोना पॉजिटिव मिलने के बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भी कोरोना टेस्ट कराया था. अब उसका टेस्ट रिपोर्ट नेगेटिव आया है. जो राज्य के लिए सुकून की बात है.हालांकि, मुख्यमंत्री की सुरक्षा में लगे एक सुरक्षाकर्मी की टेस्ट रिपोर्ट पॉजिटिव मिली है जिसके बाद उसे आइसोलेट कर दिया गया है. इन सभी की जांच पटना के आईजीआईएमएस में हुई थी.

प्राप्त जानकारी के मुताबिक मुख्यमंत्री के यहां से तकरीबन 16 सैंपल्स लिए गए थे, जिसमें से 15 की टेस्ट रिपोर्ट नेगेटिव मिली है तो वहीं एक रिपोर्ट पॉजिटिव आई है. इससे पहले मुख्यमंत्री ने कोरोना सैंपल देने के बाद खुद को सेल्फ आइसोलेट करने का फैसला किया था.मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के अलावा उपमुख्यमंत्री सुशील मोदी ने भी खुद को चिकित्सकीय परामर्श के बाद सेल्फ आइसोलेट करने का फैसला लिया था.इससे पहले विधान परिषद के कार्यक्रारी सभापति अवधेश नारायण सिंह कोरोना पॉजिटिव मिले थे. इसके बाद उनके परिवार के 5 सदस्य के साथ पटना एम्स में इलाज के लिए भर्ती कराया गया है. पटना एम्स के मेडिकल सुपरिटेंडेंट ने जानकारी दी.

एक मंत्री के बाद कार्यकारी सभापति को पॉजिटिव होते देख, तब नीतीश कुमार घबराने लगे. जानकार लोगों का कहना है कि उनको इस तरह भय सताने लगा कि अगर हम ( नीतीश) पॉजिटिव हो गये, तो विपक्षी दल सत्ताधारी को चारों खाने चित करने पर उतारू हो जाएंगे. जो सही बात है. पूर्व मुख्यमंत्री लालू-राबड़ी के बेटवन मिलकर बवाल करने लगते. इन दिनों तो नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने उघोग मंत्री श्याम रजक के पाछे पड़ गये हैं. सुकुन की बात है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार कोरोना टेस्ट करा लेने के बाद निगेटिव पाये गये हंै. मुख्यमंत्री के नजदीकी कहते हैं कि उनका गमछवा ही काम आया है. हमेशा फेस को गमछवा से कवर करके चलते हैं. प्रेसवार्ता में पत्रकारों के जवाब में कहे थे कि आपलोगों से बात करते समय गमछवा को नीचे कर लिये हैं. जैसे ही बात खत्म हो जाएगी वैसे ही गमछवा से मुंह को ऐसा कवर कर लेंगे.


इस समय नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने बिहार में उद्योग पर बयानबाजी कर दिये हैं. इस पर उघोग मंत्री श्याम रजक ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव जी को कोई नैतिक हक नहीं है कि वह बिहार में उद्योग पर बयानबाजी करें। आरजेडी के शासनकाल में तो अपराध का उद्योग चलता था. इसलिए तेजस्वी जी जनता को बरगलाने का प्रयास ना करें क्योंकि जनता राजद के 15 साल के जंगल राज को भूली नहीं है.

जहां तक बात रही नीतीश कुमार जी के नेतृत्व में बिहार में उद्योगों के विकास की तो इस पर टिप्पणी करने से पहले तेजस्वी जी अगर थोड़ा होमवर्क कर लेते तो बेहतर होता. उन्हें पता होना चाहिए कि बिहार सरकार ही सिर्फ उद्योग नहीं लगाती बल्कि उद्योग लगाने वाले उद्यमियों को प्रोत्साहित करने के लिए बेहतर नीति भी बनाती है तथा सब्सिडी सहित विभिन्न तरीकों से प्रोत्साहित करने का काम करती है. माननीय मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार जी ने बिहार औधोगिक प्रोत्साहन नीति 2011 एवं 2016 बनाने का काम किया. जिसके तहत अब तक कुल 10662 करोड़ का निवेश हुआ है. बिहार में विभिन्न सेक्टरों में 21691 उद्योग निजी क्षेत्र में तथा 1703 उद्योग बियाडा अंतर्गत 65 औद्योगिक क्षेत्रों में स्थापित हुआ है.


बिहार औधोगिक प्रोत्साहन 2016 के तहत बिहार में 245 उद्योग स्थापित हुए हैं. जिसमें औरंगाबाद में स्थापित श्री सीमेंट की इकाई, रोहतास में स्थापित डालमिया सीमेंट की इकाई, ब्रिटानिया बिस्किट, धनरुआ में स्थापित अल्ट्राटेक सीमेंट की इकाई, किशनगंज में स्थापित रीगल रिसोर्से, भभुआ में कनौजिया सीमेंट, गया में शाह विष्णु नमकीन बेकर्स आदि प्रमुख हैं. जल्द ही अजंता शू एवं आईटीसी कंपनी भी बिहार में अपनी इकाई लगाने को तैयार है.

यशस्वी मुख्यमंत्री बिहार श्री नीतीश कुमार जी के कुशल नेतृत्व में बिहार लगातार प्रगति कर रहा है. बिहार की ग्रोथ रेट 11.3 प्रतिशत है. बिहार अभी भी इस कोरोना संकट की परिस्थिति में 10.5 प्रतिशत ग्रोथ रेट बनाये हुए है. लॉक डाउन के दौरान बिहार में आये 15 लाख श्रमिकों की स्किल मैपिंग हो चुकी है जिसमें 6 लाख कुशल कामगारों को प्रशिक्षण देकर उन्हें उद्यमी बनने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है. इसके लिए मुख्यमंत्री क्लस्टर उद्यमी कामगार योजना के तहत प्रत्येक जिलाधिकारी को 50-50 लाख रुपये उपलब्ध कराया गया है. आने वाले भविष्य में इन कुशल कामगारों द्वारा बिहार में लघु उद्योगों का तीव्र विकास होगा. अगर मुख्यमंत्री कोरोना वायरस सेे संक्रमित हो जाते थे तो तमााम मुद्धा हाशिए पर चला जाता। नेता प्रतिपक्ष कोरोना वायरस की जांच पर सवाल करते. नेता प्रतिशत कहते कि कोरोना का कैपिटल पटना बन गया है. मुख्यमंत्री चुनाव में ही व्यस्त हैं. तब तेवर नरमी नहीं गरमी में रहती.


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