अमर सिंह को कितना जानते हैं आप

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अमर सिंह को कितना जानते हैं आप

डा शारिक़ अहमद ख़ान
 आजमगढ़ .राजनेता अमर सिंह का निधन हो गया.आज़मगढ़ की मिट्टी के ठाकुर अमर सिंह का आज़मगढ़ हमेशा एहसानमंद रहेगा.अमर सिंह के ही प्रयास पर तत्कालीन मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव ने आज़मगढ़ को मेडिकल कॉलेज दिया था.हम आप लोगों को अमर सिंह और उनके आज़मगढ़ कनेक्शन के बारे में बताते हैं.देखिए,अमर सिंह ने आज़मगढ़ में ज़्यादा समय तो नहीं बिताया लेकिन उनके पूर्वज आज़मगढ़ के तरवाँ के सरैया मोहल्ले के थे जो जाति के वैस राजपूत थे.अमर सिंह के पिता हरिश्चंद्र सिंह नौजवानी में कलकत्ता चले गए और कलकत्ता में हार्डवेयर का व्यापार करने लगे.व्यापार चल निकला और कलकत्ता के बारा बाज़ार में स्थापित व्यापारी हो गए.वो कभी-कभार ही आज़मगढ़ आया करते.अमर सिंह कलकत्ता में ही पले बढ़े.हरिश्चंद्र सिंह के पिता मतलब अमर सिंह के दादा विश्वनाथ सिंह आज़मगढ़ के एक सम्मानित व्यक्ति थे और कचहरी में वकील के रूप में प्रैक्टिस भी करते थे.
विश्वनाथ सिंह के पिता रणजीत सिंह आज़मगढ़ ज़िले के एक सम्मानित ज़मींदार थे.आज़मगढ़ के बड़े राजपूत और मुसलमान ज़मींदारों के गोल ने विश्वनाथ सिंह वकील को सन् 1952 के विधानसभा चुनाव में आज़मगढ़ ज़िले से निर्दल प्रत्याशी के तौर पर चुनाव लड़ाया,विश्वनाथ सिंह जमकर लड़े और जीत गए.ख़ैर,अमर सिंह ने बाद में ग़ाज़ियाबाद के साहिबाबाद में केमिकल फ़ैक्ट्री खोली और दिल्ली के क़रीब व्यापार जमाया.अमर सिंह को सियासत में लाने का श्रेय यूपी के पूर्व सीएम वीर बहादुर सिंह को है,उन्हीं की नज़र में अमर सिंह पहली बार कलकत्ता में आए.आगे की उनकी राजनीति के बारे में सभी जानते हैं.अमर सिंह के दादा आज़मगढ़ के सक्रिय व्यक्ति थे.उनके पिता तो हिजरत कर कलकत्ता चले गए थे.
सियासत में चमकने के बाद अमर सिंह अपने पुरखों की भूमि से ज़्यादा जुड़ गए और अक्सर आने लगे.तरवां  में अपने पुरखों की ज़मीन पर एक बड़ा मकान भी बनवाया जिसके समेत अपनी यहाँ की पूरी प्रापर्टी को अमर सिंह ने बीते बरसों आरएसएस के अनुषांगिक संगठन सेवा भारती को वनवासी आश्रम के लिए दान कर दिया था.अमर सिंह की सियासत कैसी थी और क्या थी उससे हमें कोई मतलब नहीं,आज अमर सिंह का निधन हुआ है,क्योंकि अमर सिंह आज़मगढ़ से जुड़े थे और उनके पुरखे यहाँ के थे और अमर सिंह ने क्षेत्र में विकास भी किया,राज्यसभा सांसद निधि से भी क्षेत्र का विकास किया लिहाज़ा आज़मगढ़ की माटी से जुड़े अमर सिंह को श्रद्धांजलि.

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