पटना के हालात और बिगड़े

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पटना के हालात और बिगड़े

आलोक कुमार

पटना.बिहार में कोरोना संक्रमण थमने का नाम नहीं ले रहा. रोजाना राज्य में दो हजार से अधिक संक्रमित पाए जा रहे हैं. पटना तो हॉटस्पॉट बन गया है. राजधानी में अबतक साढ़े आठ हजार से ज्यादा संक्रमित हो चुके हैं.राजनेता, स्वास्थ्यकर्मी के बाद शनिवार को पटना के जिलाधिकारी कुमार रवि कोरोना संक्रमित पाए गए हैं. बताया जाता है कि डीएम ने बुखार, गले में दर्द व अन्य शारीरिक परेशानी होने पर अपनी जांच कराई थी.जिसके बाद वे पटना जिले डीडीसी 2015 बैच के आईएएस अधिकारी सुहर्ष भगत को प्रभार देकर अवकाश पर चले गए थे. शनिवार को उनकी कोरोना जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आ गई.फिलहाल कुमार रवि होम आइसोलेशन में हैं और 14 दिन तक घर पर ही रहेंगे. बताया जाता है कि डीएम कुमार रवि की आरटीपीसीआर विधि से हुई जांच में रिपोर्ट पॉजिटिव आई है. उन्हें कई दिन से सर्दी जुकाम, कफ व बुखार की शिकायत थी. जिसके बाद उन्होंने शुक्रवार की रात जांच के लिए नमूना दिया था. जिसपर शनिवार को रिपोर्ट पॉजिटिव आई. डीएम 14 दिन के होम आइसोलेशन में चले गए हैं. हालांकि वे शुक्रवार की शाम से ही अवकाश पर थे. इससे पहले डीएम ने एंटीजन रैपिड किट से दो बार जांच कराई थी, जिसकी रिपोर्ट निगेटिव आई थी.इसके बाद तीसरी जांच आरटीपीसीआर से कराई गई थी.बताते चलें कि 25 दिन पहले उनके कार्यालय के 70 लोगों की एंटीजन रैपिड किट से जांच कराई गई थी. उसमें से 14 की रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी. उस समय कहा गया था कि विभिन्न बैरक से आए सुरक्षाकर्मियों से अन्य लोग संक्रमित हुए थे. पटना के जिलाधिकारी कुमार रवि के पहले गृह सचिव आमिर सुबहानी, भागलपुर प्रमंडलीय आयुक्त वंदना किनी, भागलपुर के डीएम, एडीएम समेत जिला प्रशासन के कई लोग संक्रमित हो गए है. दरभंगा के एसएसपी बाबूराम, आरा एसपी सुशील कुमार समेत कई आईपीएस भी कोरोना की चपेट में आ चुके है. ऐसे में संक्रमण का खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है.पटना जिलाधिकारी के संक्रमित होने की खबर जिला प्रशासन में आग की तरह फैल गयी. जिलाधिकारी कुमार रवि ने उन सभी लोगों से कोरोना जांच कराने की अपील की जो पिछले एक सप्ताह के अंदर उनके संपर्क में आए थे.बिहार में कोरोना का केस लगातार बढता जा रहा है. पटना के चार अस्पतालों के 115 डॉक्टर हो चुके हैं कोरोना संक्रमित, पीएमसीएच के जूनियर डॉक्टर सबसे अधिक संक्रमित हुए. अकेले पीएमसीएच के 52 और आईजीआईएमएस के 12 डॉक्टर, 50 नर्स और 33 स्वास्थ्यकर्मी हो चुके हैं पॉजिटिव.पटना में बड़ी संख्या में डॉक्टर भी कोरोना संक्रमित हो रहे हैं. चार सरकारी अस्पतालों के 115 डॉक्टर संक्रमित हो चुके हैं. डॉक्टरों और अस्पताल कर्मियों के बीच बढ़ते संक्रमण से अस्पताल प्रशासन भी सहमा हुआ है. इनके अलावा नर्स, माइक्रोबायोलॉजिस्ट, साइंटिस्ट, टेक्नीशियन, डाटा आपरेटर यहां तक की सफाई कर्मी भी कोरोना संक्रमित हाे रहे हैं. इनमें कुछ डॉक्टरों की हालत गंभीर है. एनएमसीएच के एक वरीय डॉक्टर को पटना एम्स से दिल्ली एम्स और फिर दिल्ली के मैक्स हॉस्पिटल में शिफ्ट करना पड़ा है जबकि एक अन्य डॉक्टर अभी भी ऑक्सीजन पर है. सभी का इलाज चल रहा है. सबसे अधिक पीएमसीएच के विभिन्न विभागों के चिकित्सक, नर्स और पारा मेडिकल स्टाॅफ संक्रमित हुए हैं. पीएमसीएच में अब तक 52 डॉक्टर, 50 नर्स और 33 अन्य स्वास्थ्यकर्मी कोरोना से संक्रमित हो चुके हैं.इसमें जूनियर डॉक्टरों की संख्या अधिक है. पीएमसीएच उपाधीक्षक, माइक्रोबायोलॉजी विभाग के हेड, वायरोलॉजी लैब के इंचार्ज, सर्जरी विभाग के हेड, इमरजेंसी के सीसीएमओ डॉ. अभिजीत सिंह भी कोरोना के चपेट में आ चुके हैं.हालांकि डॉ. सिंह स्वस्थ होकर काम पर लौट आए हैं. पीएमसीएच में सबसे अधिक डॉक्टर माइक्रोबायोलॉजी विभाग के संक्रमित हुए हैं. इसमें विभाग के डॉक्टर के अलावा साइंटिस्ट, माइक्रोबायोलॉजिस्ट, टेक्नीशियन भी संक्रमित हुए हैं. पीएमसीएच में जिन विभागों के डॉक्टर संक्रमित हुए हैं उनमें माइक्रोबायोलॉजी विभाग-8, पेडिडिएट्रिक्स-7, गाइनी विभाग-7, ईएनटी-6, आर्थोपेडिक्स-5, फिजियोलॉजी-4, नेत्र विभाग-3, प्लास्टिक सर्जरी-4, एनेस्थेसिया के-2, डॉक्टर , सर्जरी विभाग-1 शामिल हैं. गुरूवार को भी उपाधीक्षक समेत चार डॉक्टर संक्रमित हुए थे. शुक्रवार को भी एक डॉक्टर संक्रमित हुए हैं. अस्पताल प्रशासन का कहना है कि लगातार चिकित्सकों के संक्रमित होने से चिंता बढ़ गई है. वहीं पटना एम्स में कोरोना के नोडल आफिसर डॉ. संजीव कुमार का कहना है कि पटना एम्स में अब तक 11 डॉक्टर संक्रमित हो चुके हैं. इसमें नौ सीनियर रेजिडेंट और दो सीनियर डॉक्टर हैं.इसके अलावा नर्स समेत 50 स्वास्थ्य कर्मी भी संक्रमित हो चुके हैं. इससे अस्पताल में बाकी लोग भी सहमे हुए हैं.वहीं आईजीआईएमएस के मेडिकल सुपरिटेंडेंट डॉ. मनीष मंडल ने बताया कि संस्थान के निदेशक डॉ. एनआर विश्वास समेत 12 डॉक्टर कोरोना से संक्रमित हो चुके हैं. इसमें नौ डॉक्टर स्वस्थ होकर काम पर लौट आए है जबकि तीन चिकित्सक अभी क्वारेंटाइन में हैं.एक डॉक्टर का इलाज पटना एम्स में चल रहा है. संस्थान की 12 नर्सें भी अभी संक्रमित हुई हैं. नएमसीएच से मिली जानकारी के मुताबिक अब तक करीब 40 डॉक्टर संक्रमित हो चुके हैं.इसमें 15 के करीब डॉक्टर स्वस्थ हो कर काम पर लौट आए हैं. हालांकि इसकी आधिकारिक तौर पर पुष्टि नहीं की गई.बताया गया कि एनएमसीएच के हड्डी विभाग के हेड डॉ. सत्येंद्र कुमार सिन्हा का इलाज दिल्ली के मैक्स में चल रहा है जबकि एक और डॉक्टर आक्सीजन पर हैं. जिन विभागों के डॉक्टर संक्रमित हुए हैं.उसमें मेडिसिन, सर्जरी, पीएसएम और आर्थोपेडिक्स विभाग और कुछ इंटर्न शामिल हैं. नये मामले सामने आए है.

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