एमपी में कांग्रेस अब ‘भगवान’ भरोसे

बाबरी मस्जिद विध्वंस मामला, एक रुके हुए फैसले का इंतजार नीतीश कुमार का पलड़ा भारी है क्या ? डिजिटल इंडिया का नारा पर आधी आबादी अब भी दूर पत्रकार ने पत्रकार को पीटा चिराग पासवान की जिद से कहीं बिगड़ न जाए एनडीए का खेल चिराग पासवान की जिद से कहीं बिगड़ न जाए एनडीए का खेल शंकर गुहा नियोगी को भी याद करें नौकरी छीन रही है सरकार मौसम बदल रहा है ,खाने का जरुर ध्यान रखें किसान विरोधी कानून रद्द करने की मांग की क्या बिहार में सत्ता के लिए लोगों की जान से खेल रही है सरकार कांकेर ने जो घंटी बजाई है ,क्या भूपेश बघेल ने सुना उसे ? क्या मुग़ल काल भारत की गुलामी का दौर था? अधर में लटक गए छात्र पत्रकारों के बीमा का दायरा बढ़ाए सरकार बिहार चुनाव से दूर जाता सुशांत का मुद्दा सड़क पर उतरे ऐक्टू व ट्रेड यूनियन नेता किसानों के प्रतिरोध की आवाज दूर और देर तक सुनाई देगी क्या मोदी के वोटर तक आपकी बात पहुंच रही है .... खेती को तबाह कर देगा कृषि विधेयक- मजदूर किसान मंच

एमपी में कांग्रेस अब ‘भगवान’ भरोसे

पूजा सिंह
भोपाल .मध्य प्रदेश में 27 सीटों पर होने वाले अहम उपचुनावों के पहले कांग्रेस पार्टी एक बार फिर भगवान की शरण में जाती हुई नजर आ रही है. 5 अगस्त को राम मंदिर शिलान्यास के दिन जहां प्रदेश कांग्रेस कार्यालय के बाहर भगवान राम के विशालकाय कटआउट देखने को मिले वहीं पूर्व मुख्यमंत्री कमल नाथ ने कांग्रेस कार्यालय पहुंचकर भगवान राम की आरती उतारी और बैंड ने रामधुन बजायी. इससे पहले कमल नाथ, पूर्वविधानसभा अध्यक्ष नर्मदा प्रसाद प्रजापति और पूर्व मंत्री सज्जन सिंह समेत प्रदेश के तमाम बड़े नेताओं ने अपने-अपने आवास पर हनुमान चालीसा के पाठ का आयोजन किया.

इससे पहले भी इंदौर के सांवेर विधानसभा क्षेत्र में कांग्रेस पार्टी ने घर-घर जाकर शिवलिंग बांटने का अभियान शुरू किया था. पार्टी की योजना 51,000 शिवलिंग वितरित करने की है. गौरतलब है कि कांग्रेस से भाजपा में आये नेता तुलसी सिलावट सांवेर से भाजपा के प्रत्याशी हैं. उनके समर्थन में भाजपा ने घर-घर तुलसी के पौधे बांटने का सिलसिला शुरू किया था. इसकी काट कांग्रेस ने शिवलिंग में निकाली.

मध्य प्रदेश में कांग्रेस नर्म हिंदुत्व का रास्ता आरंभ से ही अपनाती रही है. गौशाला निर्माण से लेकर राम वन गमन पथ तक कांग्रेस ने हमेशा हिंदू वोट बैंक को अपनी ओर झुकाने का प्रयास किया है. स्वयं कमल नाथ ने अपने चुनाव प्रचार अभियान की शुरुआत दतिया के पीतांबरा पीठ से की थी. अब 27 सीटों पर होने वाले उपचुनाव के पहले कांग्रेस एक बार फिर भगवान और बाबाओं की शरण में है.

प्रदेश में कांग्रेस का हिंदुत्ववादी रुख लोकसभा चुनाव के दौर से ही देखने को मिल रहा है. उस वक्त भोपाल में साध्वी प्रज्ञा ठाकुर के खिलाफ कांग्रेस उम्मीदवार दिग्विजय सिंह ने कंप्यूटर बाबा और मिर्ची बाबा की मदद ली थी. कंप्यूटर बाबा को कमल नाथ सरकार में नर्मदा नदी न्यास का अध्यक्ष बनाया था. उपचुनाव से पहले कंप्यूटर बाबा एक बार फिर कांग्रेस के पक्ष में सक्रिय हुए हैं. अब वह लोकतंत्र बचाओ यात्रा निकाल रहे हैं. बाबा जगह-जगह जाकर कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हुए नेताओं की बुराई कर रहे हैं.कांग्रेस के भीतर भी इन बाबाओं का विरोध हो रहा है. दिग्विजय सिंह के भाई लक्ष्मण सिंह ने बाबाओं और तांत्रिकों के इस्तेमाल पर सवाल उठाते हुए कहा है कि कांग्रेस की विचारधारा न जाने कहां लुप्त हो गयी है.

  • |

Comments

Subscribe

Receive updates and latest news direct from our team. Simply enter your email below :