सचिन पायलट क्या हथियार डाल देंगे

बाबरी मस्जिद विध्वंस मामला, एक रुके हुए फैसले का इंतजार नीतीश कुमार का पलड़ा भारी है क्या ? डिजिटल इंडिया का नारा पर आधी आबादी अब भी दूर पत्रकार ने पत्रकार को पीटा चिराग पासवान की जिद से कहीं बिगड़ न जाए एनडीए का खेल चिराग पासवान की जिद से कहीं बिगड़ न जाए एनडीए का खेल शंकर गुहा नियोगी को भी याद करें नौकरी छीन रही है सरकार मौसम बदल रहा है ,खाने का जरुर ध्यान रखें किसान विरोधी कानून रद्द करने की मांग की क्या बिहार में सत्ता के लिए लोगों की जान से खेल रही है सरकार कांकेर ने जो घंटी बजाई है ,क्या भूपेश बघेल ने सुना उसे ? क्या मुग़ल काल भारत की गुलामी का दौर था? अधर में लटक गए छात्र पत्रकारों के बीमा का दायरा बढ़ाए सरकार बिहार चुनाव से दूर जाता सुशांत का मुद्दा सड़क पर उतरे ऐक्टू व ट्रेड यूनियन नेता किसानों के प्रतिरोध की आवाज दूर और देर तक सुनाई देगी क्या मोदी के वोटर तक आपकी बात पहुंच रही है .... खेती को तबाह कर देगा कृषि विधेयक- मजदूर किसान मंच

सचिन पायलट क्या हथियार डाल देंगे

पंकज चतुर्वेदी

राजस्थान में सचिन पायलट के विद्रोह का अंत जिस तरह हुआ, वह बहुत दुखद है ।परसों  मेजबान बनी हरियाणा सरकार ने उनको लगभग अपने यहां से जाने के लिए कह दिया और कह दिया कि अब आप के लोगों को खर्चा उठाया नहीं जा सकता है। चूंकि वसुंधरा राजे दिल्ली में थीं और उन्होंने दिल्ली में पार्टी हाईकमान को स्पष्ट कह दिया था कि इस तरह सत्ता पलटने से राज्य में भारतीय जनता पार्टी की रही बची कसर खत्म हो जाएगी।

 और वसुंधरा राजे की बात को टालना भाजपा हाईकमान के बस में नहीं है क्योंकि आज भी 42 विधायक उनके साथ हैं।

 उसके बाद सचिन पायलट गुट की चल रही मेहमान नवाजी की थाली को खींच लिया गया। 

 उसके तत्काल बाद पायलेट गुट के 10 विधायक सीधे केसी  वेणुगोपाल  के संपर्क में आए और इस समय दिन में 1:30 बजे से सचिन पायलट और उनके साथ के विधायक 12 तुगलक लेन में राहुल गांधी के कोठी पर हैं। प्रियंका भी वहां पहुंच चुकी हैं।

पहली शर्त यही है कि 14 तारीख से चलने वाले सत्र में सभी विधायक शामिल हों, जो किया उसको भूले और सरकार को मजबूत करें। उसके बाद यह तय है कि सचिन पायलट को कांग्रेस का केंद्रीय नेतृत्व कोई बड़ी जिम्मेदारी देने जा रहा है। एक तो राजस्थान से दूर रहें और दूसरा उनकी जो काबिलियत है उसको असली अवसर मिले। कांग्रेस में शायद सिद्धू को भी कोई बड़ा पद मिले और भी कई ऐसे लोग जो अपने आप को उपेक्षित महसूस कर रहे थे शायद उनके दिन फिरने वाले हैं। हां यह बात सही है कि हलचल से कांग्रेस का जो बुर्जुआ वर्ग है या बुजुर्ग हैं थोड़ा सा नाराज हैं लेकिन यह बात सही है कि अशोक गहलोत ने पहली बार भाजपा की सत्ता पलटने की पूरी चौसर को ही पलट कर अपनी राजनीतिक काबिलियत सिद्ध कर दी है । कहा  यह भी जा रहा है कि भाजपा के कम से कम छह विधायक मध्य प्रदेश की तर्ज पर इस्तीफा देने को घूम रहे हैं।

  • |

Comments

Subscribe

Receive updates and latest news direct from our team. Simply enter your email below :