मायावती की प्रतिमा लगाएंगी बहनजी !

बाबरी मस्जिद विध्वंस मामला, एक रुके हुए फैसले का इंतजार नीतीश कुमार का पलड़ा भारी है क्या ? डिजिटल इंडिया का नारा पर आधी आबादी अब भी दूर पत्रकार ने पत्रकार को पीटा चिराग पासवान की जिद से कहीं बिगड़ न जाए एनडीए का खेल चिराग पासवान की जिद से कहीं बिगड़ न जाए एनडीए का खेल शंकर गुहा नियोगी को भी याद करें नौकरी छीन रही है सरकार मौसम बदल रहा है ,खाने का जरुर ध्यान रखें किसान विरोधी कानून रद्द करने की मांग की क्या बिहार में सत्ता के लिए लोगों की जान से खेल रही है सरकार कांकेर ने जो घंटी बजाई है ,क्या भूपेश बघेल ने सुना उसे ? क्या मुग़ल काल भारत की गुलामी का दौर था? अधर में लटक गए छात्र पत्रकारों के बीमा का दायरा बढ़ाए सरकार बिहार चुनाव से दूर जाता सुशांत का मुद्दा सड़क पर उतरे ऐक्टू व ट्रेड यूनियन नेता किसानों के प्रतिरोध की आवाज दूर और देर तक सुनाई देगी क्या मोदी के वोटर तक आपकी बात पहुंच रही है .... खेती को तबाह कर देगा कृषि विधेयक- मजदूर किसान मंच

मायावती की प्रतिमा लगाएंगी बहनजी !

कुमार राजेश 

लखनऊ .बुतपरस्ती को लेकर कई तरह की धाराएं हैं देश में .पर अपने ही बुत लगाने पर लोगों में मतभेद है .दक्षिण में तो जीवित नेताओं की मूर्ति लग जाती थी पर उत्तर भारत में यह नहीं होता था .पर इस परम्परा को मायावती ने तोड़ दिया था .पर जब सरकार में थी तब .अब तो वे विपक्ष से भी नीचे हैं तो फिर अपनी प्रतिमा लगवा रही हैं . बसपा अध्यक्ष मायावती का प्रतिमा प्रेम फिर से जाग उठा है. इस बार वो सत्ता में नहीं हैं. लेकिन उनकी प्रतिमाएं लगाने का काम वैसे ही जारी है, जैसे बसपा सरकार में था.

लखनऊ के लाल बहादुर शास्त्री मार्ग पर स्थित प्रेरणा स्थल में मायावती की प्रतिमाएं लगाने का काम चल रहा है. मूर्तियां स्थापित करने के लिए आधार तैयार हो चुके हैं. बुधवार शाम को तीन प्रतिमाओं को तैयार ढांचे के आसपास लगा भी दिया गया. प्रतिमाओं में मायावती हाथ में बैग लिए हुए हैं. संगमरमर की ये प्रतिमाएं बुधवार को खुले में आने के बाद चर्चा में आ गईं. करीब एक माह से यहां आधार का ढांचा तैयार हो रहा था. लेकिन तब किसी ने इस पर बहुत गौर नहीं किया.


इन प्रतिमाओं को लगाने के लिए चार पिलर पर ढांचा तैयार किया गया है. वहां काले पत्थर लगाए गए हैं. ढांचे का स्वरूप गोमतीनगर में डॉ. भीमराव आंबेडकर स्थल की तरह है. यहां ऊपर से कवर ढांचे में ही मायावती की प्रतिमाएं लगी हैं. इस ढांचे के बीच में किसकी प्रतिमा लगेगी, यह अभी पता नहीं है. शाम को तेज बारिश के कारण तीन प्रतिमाएं ही लग पाईं.


मायावती की प्रतिमाएं हमेशा चर्चा में रही हैं. बसपा सरकार में जब मायावती की प्रतिमाएं लगी थीं तो विपक्ष ने इसे लेकर उन पर निशाना साधा था. तब आरोप लगा था कि जीवित रहते हुए प्रतिमाएं लगवाई जा रही हैं.डॉक्टर भीमराव अंबेडकर स्मारक के मुख्य चौराहे के पास कांशीराम के साथ उनकी कांस्य की भव्य प्रतिमा लगी है. वहीं अंबेडकर स्मारक की भीतरी सड़क पर दलित महापुरुषों की क्रमवार लगी प्रतिमाओं में पहले नंबर पर संगमरमर की प्रतिमा मायावती की है. मोहान रोड पर डॉक्टर शकुंतला दिव्यांग पुनर्वास विश्वविद्यालय परिसर में भी मायावती की प्रतिमा लगी है.

जुलाई 2012 में डॉक्टर भीमराव अंबेडकर स्मारक के पास लगी मायावती की प्रतिमा तोड़े जाने के बाद उनकी प्रतिमाएं एक बार फिर सुर्खियों में आ गई थीं.प्रतिमाओं को पसंद करने वाली बसपा प्रमुख मायावती ने उत्तर प्रदेश विधानसभा के चुनाव नजदीक आते देख ब्राह्मण वोटों को लुभाने के लिए परशुराम की एक भव्य प्रतिमा लखनऊ में लगवाने की घोषणा की है.


  • |

Comments

Subscribe

Receive updates and latest news direct from our team. Simply enter your email below :