जनादेश

यूपी में एनआरसी लागू हुआ तो योगी आदित्यनाथ कहां जाएंगे -अखिलेश किताबों से रौशन एक सादा दयार ! कौन हैं ये आजम खान ! सरकार की छवि बनाते अख़बार ! मुंबई के जंगल पर कुल्हाड़ी ! गोवा विश्वविद्यालय में कहानी पाठ एक था मैफेयर सिनेमा! अब खतरे से बाहर निकले गहलोत! पाकिस्तानियों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगा क्या डूब रही है एलआईसी ? धुंध ,बरसात और देवदार से घिरा डाक बंगला झरनों के एक गांव में गेहूं पराया तो जौ देशज देवदार के घने जंगल का वह डाक बंगला ! न पढ़ा पाने की छटपटाहट विश्राम नहीं काम करने आया हूं - कलराज गोयल के ज्ञान से मीडिया अनजान ! बिहार में भाजपा और जेडीयू में रार लड़खड़ा रही है अर्थव्यवस्था ! एक विद्रोही का सफ़र यूं खत्म हुआ !

जो खबरें दबा दी चिदंबरम के नाम पर

संजय कुमार सिंह

यह आरोप बहुत आम है कि पी चिदंबरम की गिरफ्तारी – दूसरे मामलों से ध्यान हटाने के लिए की गई है. गुरुवार को सभी अखभारों में चिदंबरम की गिरफ्तारी की खबर प्रमुखता से रही. आइए, देखें इस चक्कर में किस अखबार में कौन सी प्रमुख खबर है जो चिदंबरम की खबर नहीं होती तो पहले पन्ने पर हो सकती थी. 

दैनिक भास्कर में देश विदेश पन्ने पर एक खबर है, कश्मीर में 370 हटने के बाद पहली मुठभेड़, आतंकी ढेर; एक एसपीओ शहीद, एक घायल. मेरे ख्याल से यह पहले पन्ने की खबर है और नवोदय टाइम्स में पहले पन्ने पर चार कॉलम में है. नवोदय टाइम्स ने चिदंबरम की गिरफ्तारी की खबर को लीड बनाया है और पहले पन्ने पर एक खबर अंदर होने की सूचना है. शीर्षक है, मंदी की चेतावनी को मूर्ख ही नजरअंदाज कर सकते हैं. मेरे ख्याल से चिदंबरम की गिरफ्तारी की खबर नहीं होती तो एजेंसी की यह खबर नवोदय टाइम्स में पहले पन्ने पर हो सकती थी. 

असल में नवोदय टाइम्स ने इसी विषय पर योगेन्द्र यादव का एक लेख, आर्थिक मंदी से मुंह चुरा रही सरकार छापा है. और दोनों चीजें पास-पास हो गई हैं. रघुराम राजन की यह खबर एजेंसी ने ट्वीटर से लेकर चलाई है और गंभीर है पर इसे वैसी प्रमुखता नहीं मिली है, जैसा शीर्षक है. नवभारत टाइम्स में पहले पन्ने पर आधा विज्ञापन है. उससे पहले के दो अधपन्नों पर कश्मीर की खबरें तो हैं पर एसपीओ के शहीद होने की खबर फोटो के साथ ग्यारह लाइनों में निपटा दी गई हैं. नवभारत टाइम्स में एक खबर है, योगी ने बढ़ाई टीम, नहीं मिली राजनाथ के बेटे को जगह. फ्लैग शीर्षक है, यूपी में 23 मंत्रियों ने ली शपथ, 18 नए चेहरे. 

मेरा मानना है कि चिदंबरम की गिरफ्तारी की खबर नहीं होती तो नभाटा की यह खबर पहले पन्ने पर हो सकती थी. हिन्दुस्तान में आर्थिक मंदी या कश्मीर में एसपीओ के शहीद होने की खबर पहले पन्ने पर नहीं है लेकिन उत्तरकाशी में आपदा प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्यों में जुटे एक हेलीकॉप्टर के दुर्घटनाग्रस्त होने और इसमें दिल्ली निवासी पायलट राजीव लाल समेत तीन लोगों की मौत की खबर है जो दिल्ली के दूसरे अखबारों में भी पहले पन्ने पर होनी चाहिए थी.  अमर उजाला में कश्मीर की खबर तो है पर आर्थिक मंदी वाली खबर नहीं है लेकिन हेलीकॉप्टर हादसे की खबर है. पहले पन्ने पर  विज्ञापन न होने से यहां एक दिलचस्प खबर पहले पन्ने पर है जो दूसरे अखबारों में इतनी प्रमुखता से नहीं है. 

खबर का शीर्षक है, भगवान नाबालिग, उनकी संपत्ति छीनी नहीं जा सकती : राम लला. आप समझ गए होंगे कि यह राम लला और अयोध्या में विवादास्पद जमीन से संबंधित खबर है और इसके मुताबिक, राम लला की ओर से वकील सीएस वैद्यनाथन ने यह बात कही है. दैनिक जागरण में भी पहले पन्ने पर कोई विज्ञापन नहीं है लेकिन मंदी या कश्मीर में एसपीओ के मारे जाने की खबर पहले पन्ने पर नहीं है. ना ही हेलीकॉप्टर दुर्घटना की. उत्तर प्रदेश मंत्रिमंडल विस्तार की खबर अंदर है इसकी सूचना पहले पेज पर जरूर है. मेरा अनुमान है कि चिदंबरम की गिरफ्तारी की खबर नहीं होती तो जागरण में उत्तर प्रदेश मंत्रिमंडल विस्तार की खबर पहले पन्ने पर होती.     


दैनिक जागरण में पहले पन्ने पर एक खबर है जो दूसरे अखबारों में पहले पन्ने पर नहीं दिखी. यह भी पहले पन्ने पर हो सकती थी. जागरण की इस खबर का शीर्षक है, डॉ. (जगन्नाथ) मिश्र के गार्ड ऑफ ऑनर में धोखा दे गईं पुलिस की राइफलें. खबर के मुताबिक, बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. जगन्नाथ मिश्र का बुधवार को सुपौल के बलुआ बाजार गांव में राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया. इस दौरान बिहार पुलिस को शर्मिदगी का सामना करना पड़ा क्योंकि डॉ. मिश्र को गार्ड ऑफ ऑनर देने के लिए 22 पुलिस वालों में से एक की भी राइफल से गोली नहीं चली. खास बात यह रही कि बिहार पुलिस की यह बेइज्जती मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के सामने हुई. 

यह विडंबना ही है कि आज ही के अखबारों में भ्रष्टाचार के खिलाफ पूर्व वित्त और गृह मंत्री की गिरफ्तारी की खबर को प्रमुखता से छापा गया है. राजस्थान पत्रिका में पहले पन्ने पर कश्मीर में मुठभेड़ की खबर तो है लेकिन आर्थिक मंदी वाली खबर नहीं है. यहां एक और खबर पहले पन्ने पर है जो मुझे दूसरे किसी अखबार में पहले पन्ने पर नहीं दिखी. इस खबर के मुताबिक केंद्रीय जल शक्ति मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने कहा है कि पाकिस्तान जाने वाला पानी रोकने की तैयारी है. केंद्रीय मंत्री पुणे के सेंट्रल वाटर ऐकेडमी के एक कार्यक्रम में बोल रहे थे. उन्होंने कहा कि अभी जलाशय भरे हैं फिर भी पाक जाने वाला पानी हम रावी नदी में मोड़ सकते हैं जिसका इस्तेमाल बाद में हो सकता है.    

Share On Facebook

Comments

Subscribe

Receive updates and latest news direct from our team. Simply enter your email below :