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गोयल के ज्ञान से मीडिया अनजान !

संजय कुमार सिंह 

आज के अखबारों से सरकार के खिलाफ दो प्रमुख खबरें गायब हैं. पहली खबर केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल के ज्ञान से संबंधित है और दूसरी, जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन अधिनियम में 52 गलतियों और उन्हें महीने भर बाद सुधारे जाने से जुड़ी है. दोनों ही खबरें खोजी खबरों की श्रेणी में नहीं आएंगी और सामान्य सूचना के लिहाज से महत्वपूर्ण है. ऐसी तो बिल्कुल नहीं कि इनके प्रमुखता से छपने से कोई नाराज हो जाए, पीयूष गोयल भी. पीयूष गोयल ने जो सार्वजनिक रूप से कहा, सोशल मीडिया पर है वह पहले पन्ने पर क्यों नहीं? एक कारण हो सकता है कि ऐसी खबर पुरानी हो गई पर ऐसी तमाम खबरें रोज अखबारों में प्रमुखता से छपती हैं. आज भी हैं. इसलिए इस दलील का कोई मतलब नहीं है और मुख्य कारण सरकार की छवि बनाना या खराब होने से बचाना ही है. 

पाठकों को यह जान लेना चाहिए कि अपने इस अघोषित पर स्पष्ट उद्देश्य में अखबार उन्हें एकतरफा सूचनाएं दे रहे हैं. अर्थव्यवस्था पर बात करते हुए एक प्रेस कांफ्रेंस में पीयूष गोयल ने कहा कि इस संबंध में बड़े आंकड़ों को देखने की आवश्यकता नहीं है. अगर आइंस्टीन ने आंकड़ों और गणित की चिंता की होती तो वो कभी भी गुरुत्वाकर्षण के नियम की खोज नहीं कर पाते. वैसे तो इसमें दोनों ही बातें गलत हैं और अर्थव्यवस्था बिना आंकड़ों के कैसी होगी और इसके बिना बना बजट वैसा ही होगा जैसा इस बार पेश किया गया था और बाद में उसके ज्यादातर प्रावधान वापस लेने पड़े. दूसरी गलती यह रही कि गुरुत्वाकर्षण के नियम की खोज न्यूटन ने की थी. आइंस्टीन ने नहीं. 

यह अलग बात है कि इसके लिए वे सोशल मीडिया पर ट्रोल हुए और गोदी मीडिया ने बचाव में इसे जुबान फिसलना कह दिया. सफाई में उन्होंने कहा कि बयान एक खास संदर्भ में दिया था लेकिन कुछ लोगों ने उसे संदर्भ से हटा दिया. साथ ही एक लाइन पकड़कर शरारती नैरेटिव बनाने लगे जबकि सच्चाई यह है कि ये सब सोशल मीडिया पर हुआ अखबारों ने तो उनके ज्ञान की बात ही नहीं की और ‘ट्रोल हुए’ को खबर बना दिया है. अगर इस खबर की प्रस्तुति का अंतर जानना चाहें तो टेलीग्राफ में यह लीड है और एक शब्द, आइंस्टेन शीर्षक है. न्यूटन की जगह आइंस्टीन कहने के लिए अखबार ने नया शब्द गढ़ा है और इसमें अंग्रेजी का स्टेन शब्द शामिल है जो दाग-धब्बे के लिए उपयोग किया जाता है. 

कहने की जरूरत नहीं है कि आइंस्टीन के बारे में कहा जाए कि उन्होंने बिना गणित के गुरुत्वाकर्षण की खोज कर ली तो आइंस्टेन किसे कहा जाएगा. दूसरी ओर दैनिक भास्कर ने इस खबर को अंतिम पन्ने पर छापा है. शीर्षक है, पीयूष पुरुष गोयल ने गलती से गुरुत्वाकरषण की आइंस्टीन की खोज बताया; ट्रोल हुए. इसी खबर में आगे कहा गया है, बोर्ड ऑफ ट्रेड की बैठक में देश को पांच लाख करोड़ डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के मुद्दे पर गोयल ने कहा, टीवी पर दिखने वाली कैल्कुलेशन्स में मत जाएं... गणित में मत उलझें. इस गणित ने गुरुत्वाकर्षण की खोज करने में आइंस्टीन की मदद नहीं की. अगर वह तय फॉर्मूले और पिछली जानकारियों के आधार पर ही चलते तो मुझे नहीं लगता कि दुनिया में कोई आविष्कार हो पाता. आप कह सकते हैं कि अखबारों ने गोयल के ज्ञान को छिपा लिया. 

दूसरी सूचना जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन बिल 2019 में हुई त्रुटियों से संबंधित है. यह पीटीआई की खबर है और महत्वपूर्ण सूचना जो सामान्य ज्ञान के लिहाज से भी जरूरी है. द टेलीग्राफ ने इसे पहले पन्ने पर छापा है. आपके अखबार में कहां है आप देखिए. मैं आपको खबर बताता हूं. उससे पहले यह भी कि हिन्दी में मुझे अमर उजाला की यह खबर इंटरनेट पर मिल गई. अखबार में है कि नहीं आप देखिए, पहले पन्ने पर तो नहीं है. खबर के मुताबिक, विपक्ष ने आरोप लगाया गया था कि विधेयक जल्दबाजी में लाया गया है और इसमें कई त्रुटियां हैं. करीब एक महीने बाद सरकार ने गुरुवार को त्रुटियों में सुधार किया और इसके लिए तीन पन्ने का शुद्धि पत्र लाते हुए जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन कानून में सुधार करने की घोषणा की. संसद ने सात अगस्त को कानून पास किया था और राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद द्वारा इसे मंजूरी देने के बाद इसकी गजट अधिसूचना नौ अगस्त को जारी की गई थी.

जो सुधार किए गए हैं उनमें वर्ष 1909 को 1951 किया गया है. एक शब्द में छूट गए ‘आई’ को जोड़ा गया है और एक शब्द में लगे अतिरिक्त ‘टी’ को हटा दिया गया है. कानून में एडमिनिस्ट्रेटर में ‘एन’ के बाद ‘आई’ शब्द छूट गया था, आर्टिकल में ‘टी’ के बाद ‘आई’ छूट गया था, टेरीटरीज में दो ‘टी’ लग गए थे. इसके साथ यह उल्लेखनीय है कि टाइपिंग और अनुवाद की गलती भाजपा के घोषणा पत्र में भी थी. जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन अधिनियम को अधिसूचित करने के दौरान 52 गलतियां हुई थीं, उनमें से ये कुछ उदाहरण हैं. कानून में इस बात का भी जिक्र था कि जम्मू-कश्मीर के संसदीय क्षेत्रों का परिसीमन किया जाएगा. शुद्धि पत्र में अब इस वाक्य को हटा दिया गया है.

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