जनादेश

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बंद हो गया डीएनए अखबार

नई दिल्ली .डेली न्यूज एंड एनालिसिस (डीएनए) ने कल यानी गुरुवार से अपने प्रिंट संस्करण को बंद करने की घोषणा की है. अब इसका सिर्फ डिजिटल संस्करण रहेगा. आज के अखबार में संपादक की ओर से पहले पन्ने पर एक नोट छपा है. इसमें कहा गया है कि पाठकों की प्राथमिकताएं बदल रही हैं और विशेष रूप से युवा वर्ग प्रिंट के बजाय मोबाइल फोन पर खबरें पढ़ना चाहता है. संपादकीय नोट में आगे कहा गया है, ‘हम नहीं बदल रहे हैं, सिर्फ माध्यम बदलेगा.’ नए और चुनौतीपूर्ण दौर में पाठकों का समर्थन मांगा गया है.

डीएनए का प्रकाशन 14 साल पहले शुरू हुआ था. सुबह के इस अखबार का दिल्ली और अन्य केंद्रों से प्रकाशन पहले ही बंद हो चुका है. जी समूह के सुभाष चंद्रा की अगुवाई वाले एस्सल ग्रुप के स्वामित्व वाले इस ब्रॉडशीट अखबार का मुंबई और अहमदाबाद से आखिरी संस्करण कल आएगा.

डीएनए ने यह कदम तब उठाया है जब उसकी मूल कंपनी जी समूह पर आर्थिक संकट है. समूह के कुछ व्यावसायिक फैसले सफल साबित नहीं हुए. नकदी संकट की वजह से उसे कर्ज चुकाने में दिक्कत आ रही है. हालांकि मार्च से अब तक उसने 6,500 करोड़ रुपये के कर्ज का भुगतान किया है, पर अब भी उसके ऊपर 7,000 करोड़ रुपये का बकाया है.सत्याग्रह डाट काम 

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