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भोजपुरी फीचर फिल्म गोरिया तोहरे खातिर देख लीजिये सोशल मीडिया पर सावधान रहें ,वर्ना कार्यवाई हो जाएगी नदी-कटान की चपेट में जीवन आजीवन समाजवादी रहे जनेश्वर सरकार की नहीं सुनी किसानो ने , ट्रैक्टर मार्च होकर रहेगा भाजपा ने अपराध प्रदेश बना दिया है-अखिलेश यादव ख़ौफ़ के साए में एक लम्बी अमेरिकी प्रतीक्षा का अंत ! बाइडेन का भाषण लिखते हैं विनय रेड्डी उनकी आंखों में देश के खेत और खलिहान हैं ! तो अब मोदी भी लगवाएंगे कोरोना वैक्सीन ! डीएम साहब ,हम तेजस्वी यादव बोल रहे हैं ! बिहार में तेज हो गई मंत्री बनने की कवायद सलाम विश्वनाथन शांता, हिंदुस्तान आपका ऋणी रहेगा ! बाइडेन के शपथ की मीडिया कवरेज कैसे हुई छब्बीस जनवरी को सपा की हर जिले में ट्रैक्टर रैली आस्ट्रेलिया पर गजब की जीत दरअसल वंचितों का जलवा है जी ! हम बीमार गवर्नर नही है आडवाणी जी ! बाचा खान पर हम कितना लिखेंगे कमल मोरारका ने पूछा , अंत में कितना धन चाहिये? किराए की हैं ये गोवा की कुर्सियां !

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अंबरीश कुमार 

यह फोटो  देख रहे हैं .यह टिकैत की रैली थी वर्ष 1988 में बोट क्लब पर .जनसत्ता से मैं इसे कवर कर रहा था .टिकैत से दो तीन बार बात हुई और किसान नेताओं से भी .मैंने जनसत्ता में लिखा था पांच लाख से ज्यादा किसान इस रैली में आये .और हेडिंग थी -धरना में बदल सकती है टिकैत की रैली ,हेडिंग दी थी कुमार आनंद ने .कई दिन तक जनसत्ता के पहले पेज पर किसान आंदोलन की खबरे छपी जबकि दूसरे अखबारों में भीतर चली गई थी .जनसत्ता ने किसान आन्दोलन के लिए तब दोपहर का एक अलग अख़बार ही निकाल दिया था .यह दृष्टि थी अपने संपादक प्रभाष जोशी और स्थानीय संपादक बनवारी की .खैर तब किसी ने इस रैली को रोकने का प्रयास भी नही किया था .यह याद रखना चाहिए .और इस रैली को भी याद रखना चाहिए .

फोटो साभार सोशल मीडिया

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