ऋषि साहित्य से लाभान्वित होगें 500 विद्यार्थी

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ऋषि साहित्य से लाभान्वित होगें 500 विद्यार्थी

राजधानी के इंदिरा नगर स्थित गायत्री ज्ञान मंदिर के विचार क्रांति ज्ञान यज्ञ अभियान के अंतर्गत इंस्‍टीट्यूट ऑफ नर्सिंग साइंस, केजीएमयू के केंद्रीय पुस्तकालय में गायत्री परिवार के संस्थापक युगऋषि पंडित  श्रीराम शर्मा आचार्य द्वारा रचित संपूर्ण 79 खंडों वाले वाङ्मय साहित्य की स्‍थापना की गई है. यह साहित्‍य गायत्री परिवार रचनात्‍मक ट्रस्‍ट, गायत्री ज्ञान मंदिर इंदिरा नगर की सक्रिय कार्यकर्ता मधु अग्रवाल ने अपने पति स्वर्गीय दिनेश अग्रवाल तथा अपने सास-ससुर वीर कुमारी अग्रवाल और प्रेम चन्द्र अग्रवाल की स्मृति में संस्थान के पुस्तकालय को भेंट किया है. वहीं उदयभान सिंह ने अपने पिता बैजनाथ सिंह की स्मृति में सभी छात्र-छात्राओं एवं संकाय सदस्यों को ‘‘युग निर्माण योजना’’ पत्रिका भेंट की

इस अवसर पर वाङ्मय स्थापना अभियान के मुख्य संयोजक उमानंद शर्मा ने वाङ्मय साहित्य पर प्रकाश डालते हुए कहा कि सद्ज्ञान व्यक्ति को नर से नारायण बना सकता है. महापुरुष की वाणी और उनके लिखे ग साहित्य में सद्ज्ञान की प्राप्ति होती है. यह भी साहित्य युग ऋषि द्वारा रचित सम्पूर्ण वाङ्मय हैइस अवसर पर डॉ. नरेन्द्र देव ने छात्र-छात्राओं को निरोगी जीवन के ऋषि सूत्र दिएवं पी.डी. सारस्वत ने ऋषि संदेश दिया. इस अवसर पर वाङ्मय स्थापना अभियान के मुख्य संयोजक उमानंद शर्मा, डॉ. नरेन्द्र देव, अनिल भटनागर, संस्थान के वरिष्‍ठ चिकित्‍सक डॉ. अभिजीत कौर (डीन) तथा संस्थान की प्रधानाचार्या रशमी जॉन और उदयभान सिंह के साथ संकाय सदस्य एवं छात्र-छात्राएं मौजूद थे

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