कोरोना टीकाकरण को इवेंट मैनेजमेंट में न बदलें -अखिलेश

आजीवन समाजवादी रहे जनेश्वर सरकार की नहीं सुनी किसानो ने , ट्रैक्टर मार्च होकर रहेगा भाजपा ने अपराध प्रदेश बना दिया है-अखिलेश यादव ख़ौफ़ के साए में एक लम्बी अमेरिकी प्रतीक्षा का अंत ! बाइडेन का भाषण लिखते हैं विनय रेड्डी उनकी आंखों में देश के खेत और खलिहान हैं ! तो अब मोदी भी लगवाएंगे कोरोना वैक्सीन ! डीएम साहब ,हम तेजस्वी यादव बोल रहे हैं ! बिहार में तेज हो गई मंत्री बनने की कवायद सलाम विश्वनाथन शांता, हिंदुस्तान आपका ऋणी रहेगा ! बाइडेन के शपथ की मीडिया कवरेज कैसे हुई छब्बीस जनवरी को सपा की हर जिले में ट्रैक्टर रैली आस्ट्रेलिया पर गजब की जीत दरअसल वंचितों का जलवा है जी ! हम बीमार गवर्नर नही है आडवाणी जी ! बाचा खान पर हम कितना लिखेंगे कमल मोरारका ने पूछा , अंत में कितना धन चाहिये? किराए की हैं ये गोवा की कुर्सियां ! सीमांत गांधी को याद करने का एक दिन अर्णब अब उद्धव ठाकरे को क्यों नहीं ललकारते ! फिर विधान परिषद पहुंचे राजेंद्र चौधरी

कोरोना टीकाकरण को इवेंट मैनेजमेंट में न बदलें -अखिलेश

 लखनऊ .समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा है कि कोरोना का टीका लगाने के नकली अभ्यास में भाजपा सरकार के सरकारी इंतजाम की असली सच्चाई खुल गई है. जिस वैक्सीन को लगाने से पहले खराब होने से बचाने के लिए ठंडे बक्से में जल्दी से जल्दी एक जगह से दूसरी जगह पहुँचाना सबसे बड़ी जरूरत है, उसके लिए जानलेवा लापरवाही भाजपा सरकार के कामकाज पर एक बड़ा प्रश्नचिन्ह है. एक मामला सामने आ गया पर बड़े पैमाने पर होने वाले अभ्यास में कहां क्या हो रहा है, इसकी जानकारी जरूर छुपाई गई होगी.

     सवाल यह है कि सरकार ने बड़ी संख्या में ड्राई रन सेंटर तो बना दिए और वहां स्टाफ की तैनाती भी कर दी लेकिन सरकार यह नहीं बता रही है कि इस सबके लिए बजट कहां है? वैक्सीन की कोल्ड चैन की सुरक्षा के लिए सरकारी इंतजाम में गाड़ियों की उपलब्धता की क्या स्थिति है? यह स्पष्ट नही. भाजपा सरकार ने ड्राई रन में वैक्सीन की ट्रेनिंग स्टाफ को दी है पर यह नहीं पता चला है कि उन्हें किसने ट्रेंड किया है. आधी अधूरी तैयारी के साथ बिना विशेषज्ञ ट्रेनिंग दिए जाने का क्या औचित्य है?

     वैक्सीन के संबंध में कुछ डाक्टरों और विशेषज्ञों ने जो सवाल उसके परीक्षण और साइड इफेक्ट के बारे में उठाए है,उस पर सरकार का कोई जवाब नहीं आया है. भारत कोविड-19 से बचाव का टीका सालभर में बना लेना चिकित्सा विज्ञान का अभूतपूर्व  कदम है. इस टीके का तीसरा और पूर्ण परीक्षण अभी नहीं हुआ है. टीका  बनने के बाद उसके अंतिम रूप से सफल एवं सुरक्षित घोषित होने में कई साल लग जाते है. इससे कई चिंताएं और आशंकाएं उभरती है. इस संबंध में जनता का विश्वास बनाए रखने के लिए सरकार को सार्वजनिक सूचनाएं देने में संकोच नहीं करना चाहिए. भाजपा बचाव में वैज्ञानिकों के अपमान की बात कहकर वास्तविकता को झुठलाने की कोशिश कर रही है. इससे भ्रामक सूचनाएं फैलने की आशंका है. भाजपा के नेता सरकार के मंत्री और सरकारी अधिकारी वैक्सीन को प्रमाणित कर रहे है जबकि यह प्रमाणीकरण वैज्ञानिकों व वैक्सीन उत्पादक संस्थान को करना चाहिए.

      भाजपा निश्चय ही इवेंट मैनेजमेंट के लिए मशहूर है. अभी टीकाकरण सीमित क्षेत्र में हो रहा है. पूर्ण सुरक्षित टीका अभी शोध परीक्षण में है फिर भी कोरोना और इसकी वैक्सीन जैसे संवेदनशील मामले में भी भाजपा राजनीति करने पर उतारू है. वह अपने प्रचार तंत्र से सच्चाई को दबाना चाहती है. जनता को विश्वास में लिए बगैर वह अपने को सभी की निगाहों में बढ़ चढ़कर दिखाना चाहती है. भाजपा को कुत्सित प्रचार तंत्र के जरिए जनता की जिंदगी खतरे में डालने की खतरनाक कोशिश नहीं करनी चाहिए.नीम हकीम खतरे जान भाजपा की नादानी सबसे बड़ा खतरा है.

  • |

Comments

Subscribe

Receive updates and latest news direct from our team. Simply enter your email below :