दल बदल कानून वाली खबर कहीं दिखी?

किसानों को सुरक्षा की गारंटी दे सरकार हर महीने 1000 रुपए देने का वादा पूरा करो कृषि बिल - ड्राफ्ट बनाया वीपी सरकार ने , पेश किया मोदी सरकार ने राजागोपाल पीवी ने उपवास रखा संसद भवन में धरने पर विपक्ष विपक्ष की आवाज सुनी जाएगी, तभी मजबूत होगा लोकतंत्र क्यों किसान विरोध कर रहे हैं हीरो बने रहने की वजहें तलाशिए हरिवंश जी किसानों की बात हरिवंश ने तो शतरंज की बाजी ही पलट दी समाजवादी फिर सड़क पर उतरेंगे मोदी के जन्मदिन पर व्याख्यान माला असाधारण प्रतिभावान सोफिया लॉरेन ! खाने में स्वाद, रंगत और खुशबू ! प्रधानमंत्री ने महत्वपूर्ण योजनाओं का किया शुभारंभ चर्चा यूपी की पालटिक्स पर ऐसा बनकर तैयार होता समाहरणालय पालतू बनाना छोड़ें, तभी रुकेगी वन्यजीवों की तस्करी बाजार की हिंदी और हिंदी का बाजार उपचुनाव की तैयारियों में जुटने का निर्देश

दल बदल कानून वाली खबर कहीं दिखी?

संजय कुमार सिंह 

अमर उजाला में गुरुवार को पहले पन्ने पर एक खबर थी जो मुझे दूसरे किसी अखबार में पहले पन्ने पर नहीं दिखी. इस खबर के अनुसार संविधान के अनुच्छेद 142 के तहत प्राप्त विशेषाधिकार का उपयोग करते हुए सुप्रीम कोर्ट के न्यायमूर्ति आरएफ नरीमन और एस रवीन्द्र भट की पीठ ने मणिपुर के वन मंत्री एवं भाजपा विधायक थोनाजम (टीएच) श्यामकुमार को पद से हटा दिया है. कोर्ट ने उनके मणिपुर विधान सभा में प्रवेश पर भी रोक लगा दी है. कहने की जरूरत नहीं है कि भाजपा विधायक और मंत्री के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का यह आदेश अपने आप में अनूठा है और बड़ी खबर है. क्या आपने यह खबर कहीं सुनी, पढ़ी या देखी? 

मणिपुर में भाजपा की ऐसी सरकार के बारे में दिल्ली का मुख्य धारा का मीडिया मौका मिलने पर भी चुप रहता है. इंटरनेट पर राज्य मंत्रिमंडल के शपथ ग्रहण की इंडिया टुडे की 15 मार्च 2017 की खबर 11 अगस्त 2018 को अपडेट की गई है.  इसके अनुसार नौ कैबिनेट मंत्रियों में नगा पीपुल्स पार्टी (एनपीपी) के चारो विधायक, लोक जनशक्ति पार्टी के इकलौते विधायक और नगा पीपुल्स पार्टी  के एक विधायक के अलावा कांग्रेस से दल बदल करने वाले एक विधायक शामिल किए गए थे. दलबदलुओं से भरे इस मंत्रिमंडल के शपथ ग्रहण में राम माधव, पीयूष गोयल और प्रकाश जावेडकर मौजूद थे जबकि अमित शाह और अन्य केंद्रीय नेताओं को ले जाने वाला विमान खराब हो गया इस कारण ये लोग शामिल नहीं हो पाए.

ऐसे मंत्रिमंडल से एक मंत्री को बर्खास्त किए जाने के साथ उनके विधानसभा में प्रवेश पर रोक के मायने हैं. आइए, बताऊं कि यह खबर क्यों महत्वपूर्ण है. इसी से आप समझ जाएंगे कि यह पहले पन्ने पर क्यों नहीं है. यह तथ्य अपनी जगह है कि खबर मणिपुर की राजनीति से संबंधित है और मुख्य धारा की मीडिया में इसके बारे में जानकारी कम है. मैंने इधर-उधर से जो जानकारी ली है उनकी सत्यता का दावा मैं नहीं कर सकता इसलिए जहां जरूरी लगा वहां स्रोत का उल्लेख कर दिया है. अमर उजाला ने लिखा है कि सुप्रीम कोर्ट ने शायद ही कभी अनुच्छेद 142 के तहत मिले अधिकार का उपयोग करते हुए किसी राज्य के मंत्री को हटाया हो. हटाए गए मंत्री भाजपा सरकार के हैं और केंद्र में भाजपा सरकार है. मध्य प्रदेश में भाजपा सरकार सत्ता हथियाने की कोशिश कर रही है. ऐसे में इस खबर का महत्व बताने की जरूरत नहीं है. 

नगालैंड पोस्ट की एक खबर के अनुसार टीएच श्यामकुमार 2017 में कांग्रेस के टिकट पर विधानसभा के लिए चुने गए थे. चुनाव परिणाम घोषित होने के तुरंत बाद वे भाजपा में चले गए और वन व पर्यावरण मंत्री बन गए. दल बदल कानून के तहत कार्रवाई की मांग विधानसभा अध्यक्ष के पास लंबित है. इस खबर के अनुसार सुप्रीम कोर्ट ने 21 जनवरी को आदेश दिया था कि वन मंत्री के मामले में कांग्रेस विधायकों की अपील पर चार हफ्ते में निर्णय किया जाए. विधानसभा अध्यक्ष ने इस मामले में सुनवाई की तारीख तय थी. पर कुछ हुआ नहीं. मणिपुर की 60 सदस्यीय विधानसभा में किसी भी पार्टी को बहुमत नहीं मिला था. सबसे बड़े दल के रूप में कांग्रेस थी उसे 28 सीटें मिलीं जबकि 21 सीटों के साथ भाजपा दूसरे नंबर पर थी. नेशनल पीपुल्स पार्टी और नगा पीपुल्स पार्टी को चार-चार, लोक जनशक्ति पार्टी, ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस और स्वतंत्र उम्मीदवारों को एक-एक सीट मिली थी. 

दल बदल करने वाले कांग्रेस विधायक को भाजपा सरकार में मंत्री बनाए जाने की इंडिया टुडे की खबर के साथ ही कांग्रेस का यह दावा भी छपा था कि उसके सभी विधायक साथ हैं और अब पार्टी से कोई नहीं टूटेगा. वास्तविक स्थिति जो हो मुख्यधारा की मीडिया में ये खबरें कम आईं. जब सुप्रीम कोर्ट के आदेश की नहीं आई तो इसकी उम्मीद भी नहीं कर सकते. लेकिन देश के टुकड़े करने को दोष लगाने के लिए एक हवा हवाई टुकड़े-टुकड़े गैंग बना लिया गया है. इंडिया टुडे ने लिखा था कि फर्जी मुठभेड़ के लिए मशहूर मणिपुर के पूर्व पुलिस महानिदेशक वाई जयकुमार को भाजपा सरकार में उप मुख्यमंत्री बना लिया गया था.

मणिपुर में भाजपा की ऐसी सरकार के बारे में दिल्ली का मीडिया मौका मिलने पर भी चुप रहता है. इंटरनेट पर इंडिया टुडे की 15 मार्च 2017 की खबर 11 अगस्त 2018 को अपडेट की गई है. राज्य मंत्रिमंडल के शपथ ग्रहण की इस खबर के अनुसार नौ कैबिनेट मंत्रियों में नगा पीपुल्स पार्टी (एनपीपी) के चारो विधायक, लोक जनशक्ति पार्टी के इकलौते विधायक और नगा पीपूल्स पार्टी  के एक विधायक के अलावा कांग्रेस से दल बदल करने वाले एक विधायक शामिल किए गए थे. दलबदलुओं से भारी इस मंत्रिमंडल के शपथ ग्रहण में राम माधव, पीयूष गोयल और प्रकाश जावेडकर मौजूद थे जबकि अमित शाह और अन्य केंद्रीय नेताओं को ले जाने वाला विमान खराब हो गया इस कारण ये लोग शामिल नहीं हो पाए.

  • |

Comments

Subscribe

Receive updates and latest news direct from our team. Simply enter your email below :