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शिवराज भाई नमस्कार

शिवराज भाई

नमस्कार

चौथी बार मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री की जिम्मेदारी संभालने के लिए आपको हार्दिक वधाई.आपने इतिहास रच दिया है.मैं आपसे मिलकर आपको वधाई देना चाहता था लेकिन कोरोना ने ऐसा करने से रोक दिया. मन बहुत था लेकिन कभी कभी मन को मारना भी पड़ता है.इस समय तो खासतौर पर क्योंकि आप अकेले ही मोर्चा संभाले हुए हैं.सच में आप बहुत व्यस्त होंगे.इसलिए मैं सोशल मीडिया के जरिये आपसे संवाद कर रहा हूँ.

शिवराज भाई मैं आपका ध्यान प्रदेश के किसानों की ओर आकर्षित करना चाहता हूं.वैसे आप किसानों का हित मुझसे बेहतर समझते हैं.क्योंकि आप किसान और नर्मदा पुत्र हैं.लेकिन खेती किसानी की थोड़ी बहुत समझ होने की बजह से मैं यह कोशिश कर रहा हूँ. आपने 1 अप्रैल से गेंहू की सरकारी खरीद का ऐलान किया है.यह एक अच्छी पहल है.लेकिन देश और दुनियां में फैली महामारी के चलते इससे जुड़ी कुछ समस्याओं पर ध्यान देना जरूरी है.

पूरे देश में इस समय लॉक डाउन चल रहा है.खुद आप इसका सख्ती से पालन करबा रहे हैं.प्रदेश के कई जिलों को सील कर दिया गया है.गांव हो या शहर हर जगह लोग घरों में बंद हैं. आवागमन भी प्रतिबंधित है.पुलिस भी बहुत सख्ती कर रही है.लॉक डाउन की बजह से अन्य बहुत सी परेशानियां हो रही हैं.

खासतौर पर गांव और किसानों से जुड़ी कई चीजों पर ध्यान देने की जरूरत है.गांवों जहां खेतिहर मजदूरों का संकट है वहीं कटाई के लिए आने बाली मशीनें भी पर्याप्त मात्रा में नही पहुंची हैं.सड़क पर आवागमन भी रोका गया है.इस बजह से किसान परेशान है.

ऐसी ही समस्यायें मंडियों में भी हैं.मेरी जानकारी के मुताविक मंडियों फसल को तुलबाने और उसकी व्यवस्था करने बाले पल्लेपदारों का भारी संकट है.कोरोना और पुलिस के डर से ये लोग मंडियों में नही पहुंच रहे हैं.लॉक डाउन की बजह से बारदाना लेकर आये ट्रक मंडियों में खड़े हुए हैं.उनमें लदा बारदाना उतारने के लिए पल्लेदार भी नही मिल रहे हैं.ट्रक चालक भारी परेशानी में फंसे हुए हैं.

कोरोना की दृष्टि से मंडियों को संरक्षित करना भी एक कठिन काम है.कई अन्य व्यवहारिक परेशानियों का भी सामना मंडी के कर्मचारियों को करना पड़ रहा है.

अतः मेरा आपसे अनुरोध है कि प्रदेश में गेंहू की खरीद लॉक डाउन खुलने के बाद 15 अप्रैल से ही शुरू कराएं.क्योंकि बंद की बजह से किसानों को गांव से लेकर मंडी तक सिर्फ परेशानी का ही सामना करना पड़ेगा.यही नही सोशल डिस्टेंसिंग का पालन भी नही हो पायेगा.ऐसे में जरा सी चूक किसानों की जान पर भारी पड़ सकती है.यही नही आपका यह फैसला प्रधानमंत्री मंत्री नरेन्द्र मोदी की भावना के विपरीत है.मोदी जी चाहते हैं कि लॉक डाउन का सख्ती से पालन हो.इसीलिए उन्होंने नए दिशा निर्देश भी जारी करबाए हैं.

मुझे मालूम है कि केंद्र सरकार ने फसल कटाई की दृष्टि से किसानों को कई तरह की छूट देने का ऐलान किया है.लेकिन यह भी सच है कि खेती सामूहिक काम है.इसमें महामारी से बचाव पर अमल कर पाना कठिन होगा.अतः आपसे अनुरोध है कि किसान हित को देखते हुए मंडियों में खरीद 15 अप्रैल के बाद ही शुरू करबायें.एक पखबाड़े में बहुत ज्यादा फर्क नही पड़ेगा.साथ ही लाखों किसानों का जीवन सुरक्षित रखा जा सकेगा.मुझे उम्मीद है कि आप इस मुद्दे की गंभीरता को समझते हुए तत्काल किसान हित में फैसला लेंगे.

नमस्कार

आपका शुभचिंतक मित्र

अरुण दीक्षित

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