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यूके कोई भारत जैसा देश थोड़े ही है

राजीव ध्यानी 

आप में से ज्यादातर लोग इस्कॉन के बारे में जानते होंगे. इस्कॉन एक वैष्णव कृष्ण भक्त संप्रदाय है. इसके अनुयायियों में ज्यादातर काफी पढ़े लिखे लोग हैं. साधुओं की तरह रहते हैं. बेहद भले, शांत और समझदार लोग हैं. अरे वही, जिन्हें कई लोग 'हरे राम हरे कृष्ण वाले' भी कहते हैं.तो खबर यह है कि यूके में इस्कॉन के 21 फॉलोअर्स कोरोना से प्रभावित पाए गए हैं. 5 की मृत्यु हो चुकी है. कई अन्य की हालत गंभीर है. सैकड़ों लोग क्वारेंटीन में है इनमें से भी कई को कोराना होने की संभावना है.

खुद इस्कॉन ने बताया है कि इन लोगों को कोराना का संक्रमण 12 मार्च को बुलाई गई एक श्रद्धांजलि सभा को अटेंड करने से हुआ. इस श्रद्धांजलि सभा में इस्कॉन के करीब एक हजार लोगों ने भाग लिया था. याद रहे कि 12 मार्च तक यूके में कोरोना के बहुत सारे मामले सामने आ चुके थे.इस्कॉन ने खुद ही यह स्वीकारा है, कि कोरोना के खतरे के बीच इस कार्यक्रम को आयोजित नहीं किया जाना चाहिए था.

बस, खबर इतनी ही थी. वैसे इस खबर के बाद कोराना से बुरी तरह प्रभावित यूके में इस्कॉन के खिलाफ नफरत की लहर फैल जानी चाहिए थी. वहीं कुछ लोगों को इस्कॉन की इस गलती को डिफेंड करने के लिए भी सामने आ जाना चाहिए था.लेकिन हर कोई भारत जैसा महान देश थोड़े ही है.


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