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ट्रम्प ने जो गोलियां मांगी हैं उन्हें भारत ने अलग कर रखा है !

संजय कुमार सिंह 

नई दिल्ली .द टेलीग्राफ की एक खबर के अनुसार, अमेरिकी राष्ट्रपति ड्रोनाल्ड ट्रम्प ने भारत से वो गोलियां मांगी हैं जिन्हें भारत ने (अपनी जरूरत के लिए) अलग कर रखा है. वैसे तो भारत सरकार ने शनिवार को इस टेलीफोन वार्ता का उल्लेख किया था पर यह खुलासा नहीं किया गया था कि अमेरिकी राष्ट्रपति ने अब प्रतिष्ठित हो चुकी दवा की गोलियों की मांग की है. ना ही मोदी ने अपने ट्वीट में कोई खास बात बताई. पीआईबी की एक विज्ञप्ति में यह बताने का ख्याल रखा गया था कि दोनों नेताओं ने योग और आयुर्वेद पर चर्चा की. पर इसमें भी इस बात का कोई जिक्र नहीं था कि ट्रम्प ने टैबलेट की मांग की है.

दूसरी ओर, शनिवार को अपने दैनिक प्रेस कांफ्रेंस में ट्रम्प के हवाले से पीटीआई ने खबर दी, आज सुबह मैंने भारत के प्रधानमंत्री मोदी को फोन किया. वे बड़ी मात्रा में हाइड्रोऑक्सीक्लोरोक्वीन बनाते हैं. भारत इसपर गंभीरता से विचार कर रहा है. मैंने कहा है कि हमने जिस मात्रा में ऑर्डर किया है उसे वह जारी कर दे तो मुझे अच्छा लगेगा. अमेरिकी राष्ट्रपति ने ऑर्डर की गई गोलियों की मात्रा नहीं बताई है. 


संभव है कि भारत के किसी आश्वासन के बिना ट्रम्प ने यहा खुलासा किया हो क्योंकि वे अमेरिका की जनता को आश्वस्त करने के उत्सुक थे. आप जानते हैं कि अमेरिका कोरोना वायरस का नया केंद्र बन चुका है. उसी दिन भारत ने इस दवा के निर्यात पर पाबंदी लगाई थी.इसके साथ यह संकेत दिया गया था कि निर्यातक को पूरा भुगतान एडवांस मिल गया हो तो स्पेशल एक्सपोर्ट जोन और एक्सपोर्ट यूनिट से मानवीय आधार पर निर्यात की अनुमति दी जाएगी. शनिवार को संबंधित महानिदेशालय ने एक नया आदेश जारी किया जिसने बहगैर किसी अपवाद के प्रतिबंध आदेश को बढ़ा दिया.

बताया जाता है कि देसी कंपनियों ने इसका उत्पादन बढ़ा दिया है और इन्हे निर्यात की अनुमति मिलेगी कि नहीं यह इस बात पर निर्भर करेगा कि देश में यह बीमारी क्या रख अपनाती. पर इस मामले से ट्वीट और पीआईबी की विज्ञप्तियों से भी भरोसा उठता लगता है. इससे पहले आप आयुष मंत्रालय के मामले में पीसीआई के आदेश की खबर पढ़ चुके हैं.

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