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किस्से तो और भी है !

 श्रीपति त्रिवेदी 

नई दिल्ली,  दिसंबर- नारायण दत्त तिवारी तो खैर रंगे हाथों पकड़े गए लेकिन भारतीय राजनीति में वासना और प्रेम के कई किस्से हैं जो महानायकों की छवि पर कालिख पोतते रहे हैं। यह बात अलग है कि नारायण दत्त तिवारी ने तो हद ही कर दी। नेताओं के पराई औरतों से संबंधों के मामलों में सबसे पहले पंडित जवाहर लाल नेहरू का नाम आया था और वायसराय माउंटबेटन की पत्नी एडविना ने भी स्वीकार किया था कि उनकी दोस्ती नेहरू जी से सिर्फ दोस्ती से कुछ ज्यादा थी। मगर कुल मिला कर यह एक भावुक प्रेम संबंध ही था और इसको ले कर बहुत बखेड़ा नहीं खड़ा हुआ। लेकिन नेहरू जी के सचिव रहे एम ओ मथाई ने तो बाकायदा एक पुस्तक लिख कर आरोप लगाया था कि राजस्थान की एक सुंदर धार्मिक महिला शारदा माता से नेहरू जी के काफी अंतरंग संबंध थे और मथाई तो यहां तक कह के गए कि उन दोनों की एक संतान भी थी। मथाई के आरोपों की कभी पुष्टि नहीं हो सकी। लेकिन कहानियां बहुत सारी है। समाजवादियों के आदर्श माने जाने वाले राम मनोहर लोहिया सार्वजनिक रूप से दिल्ली विश्वविद्यालय की एक प्राध्यापिका के साथ रहते रहे और उनकी छवि पर भी कोई दाग नहीं आया। पुराने कांग्रेसी नेता बसंत साठे तो अब भी कहते हैं कि लोहिया पारदर्शी व्यक्ति थे और उनके पारदर्शी होने में किसी को संदेह नहीं हो सकता। उन्होंने अपने रिश्तों को छिपा कर नहीं रखा। भूतपूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी अपनी कॉलेज की सहपाठी के साथ पिछले लगभग चालीस साल से रह रहे हैं और उनकी बेटी अटल जी की दत्त पुत्री कही जाती है मगर इन लोगों के व्यक्तित्व इतने विराट रहे हैं कि उन पर सवाल खड़ा करने की किसी की हिम्मत नहीं हुई। 1977 में जनता सरकार के दौरान जब जगजीवन राम को प्रधानमंत्री बनाने का रास्ता लगभग साफ हो चुका था तो दिल्ली विश्वविद्यालय की छात्रा सुषमा के साथ संसद के अतिथि ग्रह के कमरे में पोलेराइड कैमरे से खींची गई उनके बेटे सुरेश की अंतरंग तस्वीरे सार्वजनिक कर दी गई थी और इंदिरा गांधी की बहू मेनका गांधी उस समय जो सूर्या पत्रिका चलाती थी उसमें बगैर सेंसर किए इन तस्वीरों को जैसा का तैसा प्रकाशित कर दिया गया था। मध्य प्रदेश के एक भूतपूर्व राज्यपाल जो कभी नेहरू जी के मंत्रिमंडल में भी रह चुके थे, अपनी एक महिला अधिकारी के साथ संबंधों के मामले मे पकड़े गए थे। बाद में यह मामला दबा छिपा दिया गया। नरसिंह राव सरकार में एक मंत्री विदेश से लौटते हुए हवाई अड्डे पर सेक्स उपकरण लाते हुए पकड़े गए थे। भारत सरकार के एक बड़े नेता थाईलैंड में उस समय मुसीबत में फंस गए थे जब मसाज पार्लर के नाम से चलने वाले एक वैश्यालय में उनके पैसे चोरी हो गए थे और पार्लर वालों ने उन्हें बंधक बना लिया था। थाइलैंड स्थित भारतीय दूतावास ने इस वीआईपी को बचाया था जो असल में एक बड़े  नेता की अंत्येष्टि से वापस लौट रहा था और कुछ अच्छे क्षण थाइलैंड में बिताने का उसने फैसला किया था। 
 
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