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वह माओवादी नहीं पत्रकार था

 आलोक तोमर 

नई दिल्ली, शीर्ष माओवादी नेता चेरूकुरी राजकुमार उर्फ आजाद को आदिलाबाद में हुई मुठभेड़ में शुक्रवार को मारकर आंध्रप्रदेश पुलिस खुश हो रही थी। अब उसकी खुशी काफूर हो सकती है। आजाद के साथ कथित तौर पर मारे गए दूसरे नक्सली नेता को लेकर विवाद उठ खड़ा हुआ है। पहले जिस दूसरे माओवादी को सुखदेव बताया जा रहा था, अब वह उत्तराखंड के पिथौरागढ़ का एक पत्रकार हेमचंद्र पांडेय कहा जा रहा है। 
आजाद के साथ मारे गए दूसरे नक्सली के शव का फोटो देखकर पिथौरागढ़ में रह रहे पांडेय के परिवार ने शनिवार को दावा किया है कि वह सुखदेव न होकर हेमचंद्र है। हालांकि इस पर अभी आंध्र पुलिस की कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। इधर, आजादी बचाओ आंदोलन के बनवारी लाल शर्मा ने नक्सलियों के साथ बातचीत की सरकार की मंशा पर सवाल उठाया है। उन्होंने दावा किया कि नक्सलियों से बातचीत की पेशकश का आजाद ने सकारात्मक संकेत दिया था। इसी आजाद को पुलिस ने मुठभेड़ में मारा है। आजाद पर 12 लाख का इनाम था। शर्मा के मुताबिक आजाद ने बातचीत शुरू करने के लिए पोलित ब्यूरो के चार सदस्यों को जमानत पर रिहा करने की शर्त रखी थी। उन्होंने कहा कि आजाद को मारकर सरकार ने नक्सलियों के साथ बातचीत की सारी संभावनाओं पर पानी फेर दिया। 
देवलथल के पास छिपक्या गांव का निवासी था हेमचंद्र 
पिथौरागढ़ से मिली जानकारी के अनुसार, आजाद के साथ मारा गया हेमचंद्र मूलरूप से देवलथल के निकटवर्ती छिपक्या गांव का निवासी था। उसकी प्रारंभिक शिक्षा देवलथल से हुई। उसने हाईस्कूल और इंटर की शिक्षा राजकीय इंटर कालेज देवलथल से हासिल की। उच्च शिक्षा ग्रहण करने के लिए वह पिथौरागढ़ आया, जहां पर उसने एमए किया। उसने स्नातकोत्तर कॉलेज में छात्र संघ चुनाव भी लड़ा, जिसमें उसे सफलता नहीं मिली। हेम उत्तराखंड राज्य आंदोलन में भी सक्रिय रहा। एमए की शिक्षा पूरी करने के बाद वह भूमिगत हो गया था। इससे पूर्व उसका विवाह भी स्थानीय युवती से हुआ था। इसके बाद वर्षो तक वह जिले में कहीं नजर नहीं आया। करीब चार साल पहले अपने पिता की मृत्यु के बाद वह अपने गांव आया था। 
वामपंथी विचारों से प्रभावित था हेमचंद्र 
देहरादून से जुटाई गई जानकारी के मुताबिक, हेमचंद्र वामपंथी विचारों से गहराई से प्रभावित था। गढ़वाल विश्वविद्यालय से पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद उसने एक वामपंथी पत्रिका का संपादन भी किया। हालांकि, पुलिस उसके किसी आपराधिक या नक्सली घटना में शामिल होने के रिकॉर्ड से इन्कार कर रही है। बताया जाता है कि हेमचंद पांडे के बारे में जानकारी जुटाने के लिए आंध्र प्रदेश पुलिस ने उत्तराखंड पुलिस से संपर्क साधा है। एसपी पिथौरागढ़ नीलेश भरणे के मुताबिक, पिथौरागढ़ पुलिस के पास उसके किसी आपराधिक घटनाक्रम में शामिल होने का रिकॉर्ड नहीं है। वहीं, राज्य के गृह विभाग के प्रमुख राजीव गुप्ता के मुताबिक इस संबंध में जानकारी जुटाई जा रही है।
 
 
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