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राहुल गांधी ने यूपी का प्रचार दक्षिण में किया

 जनादेश ब्यूरो 

पुंडुचेरी, मार्च- उ.प्र. और बिहार वह  हृदय स्थल रहा है, जहां से हमें शक्ति मिलती थी तथा उ.प्र. और बिहार में हम तेजी से कमजोर भी हुए। मैनें उ.प्र. में काफी कार्य किया है इसलिए मैं उ.प्र.के विषय में बिहार से बेहतर बताने कि स्थिति में हूॅु । मैं व्यक्तिगत स्तर पर उ.प्र. में कांग्रेस पार्टी के विषय में आशान्वित हूँ। यह बाते कांग्रेस महासचिव राहुल गांधी ने पुंडुचेरी पत्रकार वार्ता में कही। 
उन्होने कहा आप में से बहुतों को यह भले ही आश्चर्यजनक लगें, किन्तु मेरा मानना है कि उ.प्र. के लोग इस नतीजे पर पहुच रहे है कि जो भी विकल्प उन्होने आजमाए वह कारगर साबित नही हुए। निकट भविष्य में उ.प्र. में एक नए प्रकार की राजनीति के लिए स्थान बनने जा रहा है, मेरा मानना है कि कांग्रेस पार्टी यह संदेश देने में सफल हाेंगी ।
राहुल गांधी ने कहा कि जहा तक राजनीति शून्य का सवाल है, उ.प्र. जैसा राज्य जिस राह पर चल रहा है, आगे नही चल सकता। उ.प्र. भारत का एक बड़ा राज्य है और दुर्भाग्यवश पिछड़ता जा रहा है। मेरा मानना है कि भारतीय परिप्रेक्ष्य में एक नई तरह कि राजनीति की जरुरत है, न कि राज्य के परिप्रेक्ष्य में ।
बिहार के परिप्रेक्ष्य में यही कहना है कि लालू यादव के साथ हमारी सफल और लम्बी मित्रता रही है, इस के बावजूद मेरा ये मानना है कि बिहार में अकेले लड़ कर खुद को मजबूत  बनाने कि गुंजाइश है और यह हमें सांगठनिक दृष्टि से लाभप्रद होगा। कांग्रेस महासचिव ने प्रधानमंत्री के विषय में की जा रही टिप्पणियों पर सवाल उठाया कि यदि वह कमजोर प्रधानमंत्री है तो फिर उन्होने ढेर सारी उपलब्धियां कैसे अर्जित की। 
उन्होने कहा कि प्रधानमंत्री ने पहले की तुलना में देश तेजी से आगे बढ़ाया, संवारा है और पड़ोसी देश पाकिस्तान पर मुम्बई मुद्दे को लेकर दबाव बनाने में सक्षम साबित हुए है। वह एक रणनीति में सफल हुए, जबकि पूर्ववर्ती सरकारे इस मामलें में सफल नही हो सकी थी । उन्होने कहा कि प्रधानमंत्री ने बहुत कुछ किया है और मैं समझता हुूं  कि  वह देश के सार्वकालिक बेहतरीन नेताओं मे सें एक, सम्माननीय भद्र पुरुष है। उन्होने कहा कि एक अमेरिका के साथ आणविक संधि पर प्रधानमंत्री ने समर्पण और दृढ़ता का परिचय दिया।
राहुल गांधी ने कहा  कि हमारे प्रधानमंत्री आतंकवादियों के सामने नही झुके और ना ही  वह उन्हे कंधार ले गए। प्रधानमंत्री ने देश के लिए बहुतेरी उपलब्धियां अर्जित कीं। कांग्रेस पार्टी के युवा नेता के रुप में मेरा पूरा समर्थन उनके साथ है। आडवाणी के संबध में पूछे गए एक प्रश्न के उत्तर में कांग्रेस महासचिव ने कहा कि श्री आडवाणी भी एक वरिष्ठ नेता है मेरी ये स्थिति नही कि किसी वरिष्ठ नेता पर टिप्पणी करुं! उन्होने कहा कि मुझे वरिष्ठो पर निर्णय देना पसंद नही है। अपने प्रधानमत्री के बारे में थोड़ा बहुत कह सकता हूँ।
 
राजनीति में युवाओं की भागीदारी के मुद्दे पर राहुल गांधी ने कहा कि मैं व्यक्तिगत स्तर पर यह सुनिश्चित करना चाहता हूँ कि युवाओं के लिए राजनीति के द्वार खुलें। उन्होने कहा कि युवाओें को राजनीति में सहयोग की दिशा में मैं जो कुछ कर सकता हूँ, कर रहा हूँ और मुझे इस कार्य में आनन्द भी आ रहा है। उन्होने कहा कि पंजाब में हमनें सांगठनिक चुनाव कराए,
 
पांच युवा जो लोकसभा प्रत्याशी है, से मुझे बड़ी आशा है। इन युवाओं में अपार संभावनाएं भी है। कांग्रेस में युवा संगठनो के प्रभारी ने एक प्रश्न के उत्तर में कहा कि मैं सोचता हूँ कि युवा कांग्रेस और राष्ट्रीय छात्र संगठन का उपयोग राजनीति की द्यिाा बदलने में कैसे किया जा सकता है। उन्होने कहा कि मैं इस में रुचि ले रहा हूँ और हम कुछ ऐसा करने में सक्षम होंगें कि देया में राजनीति का तरीका बदलें। उन्होने कहा कि लोकतांत्रिक चुनाव और खुली सदस्यता जैसे कदम इस में सहायक होंगें।
राहुल गांधी ने कहा कि गठबंधन की अपनी रणनीति होती है और हर राज्य में यह अलग अलग हो सकती है। उन्होने कहा कि कुछ स्थानों पर गठबंधन आवश्यक और लाभप्रद है जबकि उ.प्र. जैसे राज्य में यह प्रभावी नही है। उन्होने कहा कि लालू और पासवान ने हमें छोड़ा या हमने उन्हे छोड़ा, यह सर्वविदित है। उन्होने यह भी कहा कि जहा हमें जरूरत महसूस हूई वहां गठबंधन हुआ, यह दोनों दलों के आपसी हित पर निर्भर करता है। चुनाव बाद के गठबंधन की संभावना पर कांग्रेस महासचिव ने कहा कि बेहतर होता कि यह प्रश्न कांग्रेस अध्यक्षा से पूछा जाता। एक अन्य प्रश्न के उत्तर में उन्होने कहा कि कांग्रेस पार्टी के अंदर और बाहर भारी सकारात्मक उर्जा मोजूद है और इस की सहायता से बहुत कुछ किया जा सकता है । 
चुनाव में युवाओं की भागीदारी के विषय में राहुल गांधी ने कहा कि पहले युवाओं को 30 फीसदी भागीदारी देने के लिए विचार हुआ था। उस बेठक में मैने यह कहा था कि युवाओं कों पार्टी में प्रोत्साहन मिलना चाहिए लेकिन यह बड़ा मुश्किल है कि युवाओ को सीधे लोकसभा चुनाव में उतार दिया जाए, पहले उन्हे स्थानीय चुनाव फिर विधानसभा चुनाव और उसके बाद लोकसभा चुनाव लड़ना चाहिए। श्री गांधी ने कहा कि कुछ मामलों में युवा लोकसभा सदस्य हो सकते है लेकिन शेष को प्रक्रिया से ही चलना होगा।
कांग्रेस महासचिव ने कहा कि यह कहना गलत है कि वरिष्ठ नेताओं का दबदबा है इसलिए यूुवा आगे नही आ पाते। कई वरिष्ठ नेता युवाओं को प्रोत्साहित  कर रहे है। उन्होने कहा कांग्रेस अपने आप में बहुविचार वाला दल है। थोड़ी बहुत गुटबंदी और कुछ बहस हमेशा सकारात्मक होती है, किन्तु जब विचार विमर्श पार्टी हित को प्रभावित करने लगें तभी सवाल उठने चाहिए। उन्होने कहा कि कांग्रेस पार्टी आरम्ंभ से ही खुले विचार विमर्श का मंच रही है। पार्टी को लोकसभा में हासिल होने वाली संख्या पर पूछे गए प्रश्न पर राहुल गांधी ने कहा कि यदि मेरे पास इस प्रश्न का उत्तर होता तो मेरा जीवन अत्यंत सुगम होता । उन्होने कहा कि अधिकांश प्रेस ने पिछले चुनाव में हमारी हार सुनिश्चित कर दी थी, जबकि हम जीतें।
कांग्रेस महासचिव ने श्रीलंका मुद्दे पर पूछे गए प्रश्न के उत्तर मे कहा कि हमारी सरकार स्थिति सम्भालने मे हर संभव प्रयत्न कर रही है और हम जितना दबाव बना सकते है डाल रहे है। उन्होने कहा कि श्रीलंकाई तमिलों के हितों की रक्षा अत्यंत महत्वपूर्ण है और हमारी सरकार इस दिशा में प्रयत्नशील है। लिट्टे के मुद्दे पर उन्होने कहा कि यह एक आतंकवादी समूह है। लिट्टे ने मेरे पिता की हत्या की, मेरी नज़रो मे उसके लिए कोई स्थान नही है।
 
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