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यात्रा को लेकर विवाद गर्माया
जम्मू। गणतंत्र दिवस पर श्रीनगर के लाल चौक पर तिरंगा फहराने की भाजपा की योजना को लेकर विवाद गर्माता जा रहा है। वीरवार को जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने दोहराया कि भाजपा अपनी प्रस्तावित यात्रा वापस ले। जबकि भाजपा अपने युवा मोर्चा के इस कार्यक्रम के बहाने लगातार कांग्रेस और उमर अब्दुल्ला पर निशाना साध रही है। इस मुद्दे को पूरी तरह भुनाने की भी कोशिश हो रही है। यात्रा के जम्मू पहुंचने पर होने वाली जनसभा में गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी को स्टार वक्ता बनाने पर भी विचार किया जा रहा है।
उधर भाजपा को लाल चौक में तिरंगा फहराने की चुनौती देने वाले जेकेएलएफ नेता यासिन मलिक ने 26 जनवरी को लाल चौक चलो की घोषणा की है। कोलकाता से श्रीनगर तक की यह यात्रा भाजपा युवा इकाई अध्यक्ष अनुराग ठाकुर के नेतृत्व में बुधवार को शुरू हो चुकी है।
वीरवार को राज्यसभा में विपक्ष के नेता अरुण जेटली ने उमर अब्दुल्ला पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि यह राजनीतिक विचार की विकृति है कि केंद्र सरकार की नाक के नीचे अलगाववादी नेता दिल्ली आकर देश की अखंडता पर सवाल खड़ा कर देते हैं। जबकि भाजपा युवा मोर्चा से कहा जाता है कि वह लाल चौक पर तिरंगा न फहराए, जोकि देश का एक अंग है। 
यासिन ने 26 को ‘लालचौक चलो’ की कर दी घोषणा
जेकेएलएफ चेयरमैन यासिन मलिक ने 26 को लाल चौक चलो की घोषणा की। जेकेएलएफ नेता ने कहा कि देखते है उस दिन लाल चौक मंे कौन झंडा फहराता है। मलिक ने लोगों से अपील की कि उस दिन लोग घंटाघर पर शांतिपूर्वक धरना दें। यासिन ने कहा कि भाजपा की यह यात्रा वोट बैंक की राजनीति पर अधारित है। 
भाजपा की इस यात्रा से कश्मीर ही नहीं दक्षिणी एशिया के हालात खराब हो जाएगें। यासिन ने कहा कि वह हर हाल मंे भाजपा की यात्रा को विफल करने की कोशिश करेंगे। उन्होंने भाजपा को याद दिलवाया कि जब भाजपा सत्ता में थी तो उस समय पाकिस्तान के साथ शांति वार्ता शुरू की। इसके साथ ही अलगाववादियों के साथ भी बातचीत का प्रयास शुरू हुआ। अब वही भाजपा शांत घाटी को अंशात करने का प्रयास कर रही है। 
भाजपा को 19 साल बाद यह क्या याद आई
उमर अब्दुल्ला ने कहा कि भाजपा को 19 सालों के बाद तिरंगा फहराने की याद आई है। 1992 में मुरलीमनोहर जोशी की लाल चौक यात्रा की याद दिलाते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह बहुत विचित्र बात है कि पार्टी को इतने साल के बाद फिर तिरंगा फहराने की याद आई है। उन्होंने कहा कि काफी मुश्किल से घाटी में शांति लौटी है और इस यात्रा से स्थिति दोबारा न बिगड़ जाए।
 
                 
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