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अब हिमालय पर बनेगी सड़क

 राजकुमार शर्मा

देहरादून,जनवरी .चीन की सीमा से लगे हुए सीमांत क्षेत्रों में पहली बार हिमालय की दुर्गम चोटियों से नीचे की ओर सड़कों का निर्माण भारत सरकार करने जा रही है जिसके लिए हेलीकाफटर की मदद ली जाएगी..चीन हिमालय पर पहले ही सड़क बनाकर भारत के लिए दिक्कत पैदा कर चुका है . सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण सीमांत क्षेत्र में सड़कों का जाल बिछाने के लिए भारत सरकार ने कार्ययोजना को हरी झंडी दे दी है.देश में पहली बार हेलीकाफटर की मदद से दस हजार से अधिक उंचाई वाले पहाड़ियों पर सड़के बनेगी. इस कार्य को मूर्तरूप देने का काम भारतीय सीमा सड़क संगठन करेगा,सड़कों के सर्वेक्षण का कार्य आरम्भ हो चुका है. आगामी मार्च माह से सड़कों के निर्माण का काम प्ररम्भ हो जायेगा. खास बात यह है कि पहली बार बर्फ से अटी चोटियों से नीचे की ओर सड़क निर्माण होगा,जो बीआरओ के लिए किसी चुनोती से कम नही है,अब तक पड़ोसी देश चीन ही उंची चोटियेंा से नीचे की ओर निर्माण करता आया है.बर्फ से अटी चोटियों पर गर्मियों में ही निर्माण कार्य आरम्भ किया जायेगा .इस काम में दो सेना के हेलीकाफ्टरों की मदद ली जाएगी जो पहाड़ों पर सामान पहुंचाने का काम करेंगे.भारतीय सीमा संगठन ने पांच साल के भीतर 35 सौ किलोमीटर सड़क का निर्माण करेगी.पड़ोसी राज्य चीन की बढ़ी हरकतों को देखते हुए भारत सीमा सड़क संगठन ने भारतीय सीमाओं पर सड़कों का जाल बिछाने का काम तेज कर दिया है.
उत्तराखण्ड के सीमा से लगे इलाके उत्तरकाशी,चमोली,पिथैारागढ़़ जनपदों में सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण भैरोघाटी वतवाघाटसेक्टर सहित अन्य इलाकों में दुर्गम पहाडियों पर पहली बार उपर से नीचे की ओर सड़के बनेगी.जिसके निर्माण में सेना के हेलीकाप्टरों की मदद निर्माण सामग्री पहुचाने के लिए ली जाऐगी,हिमालय की सभी पहाड़िया 6-7 माह बर्फ से ढकी  रहती है,यहा महज 5-6 माह तक ही बीआरओं को निर्माण का अनुकूल वातावरण मिलेगा .जहाँ मार्च से जुलाई तक निर्माण कार्य हो सकेगा.सीमान्त क्षेत्र में बनने वाली सड़के पड़ोसी राज्य हिमाचंल को भी जोड़ेगी.1500 किलोमीटर सड़के उत्तराखण्ड में बनेगी इसी के साथ लगभग 2000 किलोमीटर सड़क हिमाचल के पहाड़ों पर निर्मित होगी.सीमा सड़क संगठन शिवलिक रेंन्ज के अफसर पहली बार सड़क निर्माण में सेना के हलीकाफ्टर के प्रयोग होने पर रोमाचिंत है,इसी के साथ राष्ट्रीय  राजमार्ग 58बदरीनाथ हाईवे,94ऋषिकेश -धरासू ,108 धरासूगंगोत्री,109-रूद्रप्रयाग केदारनाथ व 125 टनकपुर-पिथोरागढ़ हाईवे की सड़कों को पुरी तरह ठीक करने का काम भी भारतीय सीमा सड़क संगठन को ही करना है.
 
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