ताजा खबर
साफ़ हवा के लिए बने कानून नेहरू से कौन डरता है? चालीस साल पुराना मुकदमा ,और गवाह स्वर्गवासी चार दशक बाद समाजवादी चंचल फिर जेल में
बंगाल में चुनाव प्रचार के नायाब तरीके

 एस गोपाल

कोलकाता ,  अप्रैल-  बंगाल में चुनाव प्रचार का पारंपरक तरीका इस बार पीछे छूट गया है या कमजोर पड गया है. प्रचार हाइटेक और नये रंग-ढंग का दिखता है. दीवार लेखन, पोस्टर, बैनर जैसी चीजें जिस तरह कम दिख रही हैं, उससे लगता है कि आनेवाले समय में ये अतीत की बातें बन कर रह जायेंगी. पारंपरिक प्रचारों से अलग अब ई-मेल, वेबसाइट, ब्लाग व विज्ञापन एजेंसियों का सहारा सभी पार्टियां ले रही हैं. कांग्रेस नेता प्रणव मुखर्जी ने तो अपने प्रचार का जिम्मा एक विज्ञापन एजेंसी को सौंप रखा है. कोलकाता में हर उम्मीदवार अब बैलून उडा रहा है. इसमें उसके चुनाव चिह्न् अंकित होते हैं. हावडा में मिठाइयों पर चुनाव चिह्न् बना कर बेचा जा रहा है. अगर वाम दलों के आरोप को सही मानें तो चुनाव प्रचार में तृणमूल ने भिखारियों का इस्तेमाल शुरू किया है. ऐसे भिखारयों का एक जत्था बंगाल के विभिन्न इलाकों में घूम कर भीख मांगता है और भीख मांगने की नौबत की वजह वह नंदीग्राम में माकपा कैडरों के आतंक को बता रहा है. पार्टियों के प्रशंसक अपने बाल भी चुनाव चिह्न् को ध्यान में रख कर कटवा रहे हैं. यह बाजार में प्रचार का एक नया तरीका माना जा रहा है. एसएमएस व ई-मेल कर भी वोट मांगे जा रहे हैं. इस काम में फिलहाल माकपा आगे दिख रही है. माकपा ने तो औद्योगिकीकरण को लेकर फिल्में तक बना ली हैं. सिंगूर मुद्दे को लेकर भी सीडी बनी है. माकपा ने ऐसी एक लाख से अधिक सीडी अपनी इकाइयों को भेजने का फैसला किया है. गांवों में सीडी को दिखाने का निर्देश जारी किया गया है. ज्योति बसु के भाषण को लेकर भी एक सीडी बनायी गयी है.

 नंदीग्राम का उल्लेख माकपा ने कहीं अपने प्रचार में नहीं किया है, जबकि विरोधी नंदीग्राम को ही हथियार बना रहे हैं. कई उम्मीदवार स्वयं ही नाटक कर लोगों को लुभा रहे हैं. बाउल गीत भी गांवों में प्रचार का एक माध्यम बना है. माकपा के नेता नुक्कड नाटकों पर ज्यादा जोर दे रहे हैं. तृणमूल कांग्रेस ने भी नंदीग्राम, सिंगूर, तापसी मलिक हत्याकांड को लेकर सीडी बनायी है. इसे गांवों में लोगों को दिखाया जा रहा है. लगभग सभी दलों के प्रचार में नैनो का जिक्र कहीं न कहीं जरूर हो रहा है. माकपा की युवा शाखा डीवाइएफआइ ने तो नैनो को लेकर कार्टून ही बना डाला है.
 
 
email ईमेल करें Print प्रिंट संस्करण
  • चराग़ ए नूर जलाओ....
  • बंगाल चुनाव
  • नगा साधु चलाएंगे हरित अभियान
  • बस्तर में माओवादियों का राज
  • विवादों भरा ही रहा है बुद्धदेव का कार्यकाल
  • भूटान तक पहुंच गई सिंगुर की आंच
  • राजनीतिक हथियार बना आइला
  • बंगाल में औंधे मुंह गिरा वाममोर्चा
  • असम पर लटकी उल्फा की तलवार
  • साहित्य का भी गढ़ है छत्तीसगढ़
  • सिक्किम में चामलिंग का दहला
  • लक्ष्मी भी है लोकसभा चुनाव के मैदान में
  • मिजोरम में गरमाने लगी चुनावी राजनीति
  • Post your comments
    Copyright @ 2016 All Right Reserved By Janadesh
    Designed and Maintened by eMag Technologies Pvt. Ltd.