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दो हजार साल पुराना हमाम मिला

 जनादेश ब्यूरो

 रायपुर। छत्तीसगढ़  के सबसे बड़े पुरातात्विक स्थल सिरपुर की खुदाई में इतिहास की एक नई परत खुल गई है। वहां शाही मदिरालय, अन्नागार के बाद अब शाही स्नानागार मिला है। यह विशाल हमाम जलकुंड के बीचोबीच स्थित था। 
उत्खनन के डायरेक्टर अरुण कुमार शर्मा ने बताया कि पिछले दिनों सिरपुर में विशाल जलकुंडों की श्रृंखला मिली है। सभी आधा दर्जन कुंड डेढ़ मीटर से ज्यादा लंबाई और चौड़ाई वाले हैं। चारदीवारी  से घिरे एक कुंड में नक्काशीदार ईंटों की चौकी पाई गई है।
अध्ययन के बाद विशेषज्ञों ने इसके शाही हमाम होने की पुष्टि कर दी क्योंकि इसके आजू बाजू बड़े कमरों की आकृतियां पाई गई हैं। इसकी आकर्षक डिजाइन को लेकर यह भी दावा किया गया है  कि इसका इस्तेमाल केवल शाही महिलाएं ही करती थीं। ईंटों से निर्मित सीढ़ीदार चौकी की लंबाई 80 सेमी और चौड़ाई भी इतनी ही है।
इसकी फर्श सफेद चमकदार पत्थरों वाला है। पानी की निकासी की भी पुख्ता व्यवस्था थी। जिस कुंड में स्नानागार स्थित है, वह भूमिगत नालियों से कनेक्टेड है। पुराविदों ने इसके दो हजार  साल पुराना होने का दावा किया है। यह धरोहर पांडूवंशी शासकों की हो सकती है। इस बारे में अभी और अध्ययन किया जा रहा है। गौरतलब है कि राज्य बनने के बाद सिरपुर में विशेष तौर पर  उत्खनन कराया जा रहा है, ताकि यहां मिलने वाली दुर्लभ पुरानिधियों के आधार पर इसे वर्ल्ड हैरिटेज का दर्जा दिलाया जा सके।
बताया जाता है कि उत्खनन के बाद प्रथम दृष्टया इसे पूजा स्थल मान लिया गया था। बाद में साक्ष्यों की गहराई से पड़ताल की गई और इस नतीजे पर पहुंचे कि यह निजी उपयोग के लिए बनाया गया शाही स्नानागार है।
 
 
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