ताजा खबर
दो रोटी और एक गिलास पानी ! इस जुगलबंदी का कोई तोड़ नहीं ! यह दौर है बंदी और छंटनी का मंत्री की पत्नी ने जंगल की जमीन पर बनाया रिसार्ट !
गंगोत्री धाम के कपाट खुले

 राजकुमार शर्मा

देहरादून।देवभूमि उत्तराखंण्ड के चारधामों में दो प्रमुखधाम गंगोत्री-यमुनोत्री मंदिर के कपाट आज श्रद्धालूओं के लिए विधी विधान के साथ खोल दिये गये। रविवार को पूजा -अर्चना के बाद साढे बारह बजे गंगा की डोली अपने मयके मुखवा गांव से गंगोत्री के लिए रवाना हो गयी थी। शीत काल में 6 माह तक मां गंगा का पूजन अर्चन भक्तों द्वारा किया जाता है।
 मां गंगा की डोली के साथ अनेक स्थानीय देवी देवताओं की डोलीया मुखवा,धराली हर्षिल झाला,व सुक्की आदी गांव के स्थानीय ग्रामीणों के साथ देश - विदेश से आये सौकडों श्रद्धालूओं ने डोली के शेाभा यात्रा में भाग लिया। रात्रिभर भैरों घाटी में जागरण के बाद भक्तों की टोली सुबह गंगोत्री के लिए रवाना हुयी।इस शोभा यात्रा में आर्मी,आईटीबीपी के अलावा साधू संतो ने भाग लिया।आज सुबह दस बजे मां गंगा की विधी विधान से पूजन -अर्चन की गयी।ठीक 12बज कर बीस मीनट पर मां के मंदिर को भक्तों के दर्शन के लिए खोल दिये गये।
 आज खरसाली गांव से मां यमुना की डोली सोमवार को यमुनोत्री के लिए रवाना हुयी।शनिदेव की मौजूदगी में आज सोमवार को मां यमुना की पूजा अर्चना की गयी। खरशाली से शनिदेव की डोली अपनी बहन जमुना को छोडने गंग्रोत्री पहुची।
 आगामी 30 अप्रैल को भगवान केदारनाथ धाम,एक मई को भगपान बदरी नाथ  के कपाट भी श्रद्धालूओं के लिए खोल दिये जायेगें। सूबे के राज्यपाल महामहिम बीएल जोशी ने इस अवसर पर दोनों धामों में पहुंच कर बिधी बिधान से पूजन अर्चन किया।
 
email ईमेल करें Print प्रिंट संस्करण
  • जहां पत्रकारिता एक आदर्श है
  • जहां आये कामयाब आये
  • नामवर की नियति
  • चिड़िया ते बाज तुड़वाऊं?
  • प्रभाष जोशी और इंडियन एक्सप्रेस परिवार
  • एक ऋषि की यात्रा का अंत
  • असली मैदान तो यूपी बनेगा
  • राजकाज
  • भगतों की चांदी है
  • मेरठ के बांके!
  • बाबरी विध्वंस की आयी याद
  • इतिहास में उपेक्षित तिलका मांझी
  • आखिरी पड़ाव गोमोह जंक्शन
  • संगम के अखाड़े में लेफ्ट-राइट
  • एक थे लोकबंधु राजनारायण
  • अपनी जमीन ही नसीब हुई
  • रवीश के सामाजिक सरोकार
  • गिरोह क्यों कहते हैं
  • ई राजेंद्र चौधरी कौन है ?
  • मीडिया में धूमते चेहरे
  • Post your comments
    Copyright @ 2016 All Right Reserved By Janadesh
    Designed and Maintened by eMag Technologies Pvt. Ltd.