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माओवाद- बैरक बनाएगा बीएसपी

विवेक मिश्र

रायपुर। अब तक समूची दुनिया को सात बार लपेट सकने वाली लंबाई की रेलपांत बनाने वाला भिलाई इस्पात संयंत्र अब माओवादियों से लड़ने के लिए 11-11 फीट उंचे बैरक बनाने जा रहा है। इन बैरकों में एक साथ 100 से अधिक सशस्त्र जवान खड़े होकर माओवादियों से दो-दो हाथ करने में सक्षम होंगे। इन बैरकों को बीएसपी मुफ्त में पुलिस को देगी।
माओवादी जमीनी लड़ाई में विस्फोट कर लगातार क्षति पहुँचा रहे हैं। ऐसी स्थिति के बाद बीएसपी और दुर्ग पुलिस की पहल पर ऊँचे बैरक बनाए जाएँगे। ये बैरक नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में लगाए जाएँगे। प्रत्येक बैरक 11 फीट ऊँचा होगा। चारो तरफ से लोहे से कवर्ड इस बैरक में एक साथ सौ जवान खड़े हो सकेंगे। नट-बोल्ट से कसे हुए इन बैरक को एक स्थान से दूसरे स्थान ले जाया जा सकेगा। यही नही इसमें खड़े जवानों को माओवादी हमले के दौरान गोलीबारी में खरोच तक नहीं आएगी। साथ ही जमीन से ऊँचाई पर होने के कारण वे ऊपर से नीचे आसानी से नक्सलियों का जवाब दे पाएँगे।
भिलाई इस्पात संयंत्र के लिए रावघाट में आरक्षित खदानों को संचालित करने के लिए ये बैरक ज्यादा उपयोगी साबित होंगे। बीएसपी का मानना है कि सीआईएसएफ और पुलिस बल घने जंगलों में जमीनी तौर पर तैनात किए जाने पर उन पर नक्सली आसानी से हमला कर सकते हैं। वही 11-11 फीट ऊँचे बैरक में रहकर वे माओवादियों का आराम से सफाया कर सकेंगे। यही नहीं दुर्ग जिले के दल्लीराजहरा सहित आसपास के नक्सली प्रभावित क्षेत्रों में इन बैरको को लगाया जाएगा।
बीएसपी द्वारा बनाए जाने वाले बैरक को संयंत्र कर्मी पुलिस की मदद से लगाएँगे। इन बैरकों को लगाने के लिए संयंत्र कर्मी आवश्यकतानुसार पुलिस के  द्वारा बुलाए जाएँगे। तय हुआ है कि बैरक का निर्माण पुलिस की माँग पर किया जाएगा।

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