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भाजपा का खेल बिगाड़ती हिंदू वाहिनी

लखनऊ. पूर्वांचल में कई सीटों पर भाजपा को चुनौती देने के लिए शिवसेना के बैनर तले हिंदू युवा वाहिनी के कथित कार्यकर्ता मैदान में उतरे हुए हैं. ऐसे में भाजपा को इन क्षेत्रों में हो रही दिक्‍कतों का आंकलन एक बड़ा सवाल बन चुका है. वर्ष 2002 में योगी आदित्‍यनाथ ने इस संगठन की स्‍थापना की थी. भाजपा के राजनीतिज्ञ ही इस संगठन के मुख्‍य संरक्षक हैं. एक सामाजिक एवं सांस्कृतिक संगठन के रूप में इसके स्‍वयंसेवक दंगों के समय मजबूत रणनीति के तहत काम करने वालों में जाने जाते हैं. साथ ही, वे लव जिहाद और गौसंरक्षक की भी जिम्‍मेदारी निभाने के लिए जाने जाते हैं. हिंयुवा हमेशा ही गोरखपुर, मऊ, देवरिया, कुशीनगर, महाराजगंज, बस्‍ती, संतकबीर नगर और सिद्धार्थनगर में सक्रिय रही है. 

हालांकि, हिंयुवा की ओर से इस बात को नकार दिया जाता है कि उनके संगठन का कोई भी सदस्‍य भाजपा को मैदान में चुनौती दे रहा है. संगठन की ओर से कई बार इस बारे में बयान जारी किया जा चुका है कि चुनाव में बगावत करने वालों को संगठन से बाहर का रास्‍ता दिखा दिया गया है. बता दें कि हिंयुवा से जुड़े रहे करीब चौदह उम्‍मीदवार खद्दा, चौरी चौरा, पडरौना, हाता, फरेंदा व अन्‍य सीटों पर लड़ रहे हैं. साथ ही, पूर्वांचल की कई सीटों पर अन्‍य दलों के प्रत्‍याशियों को पीछे से समर्थन भी कर रहे हैं.
वहीं, चुनावी मैदान में भाजपा के लिए मुसीबत बनने वाले प्रत्‍याशी खुले मंच कई बार कह चुके हैं कि हिंयुवा से उन्‍हें जिस तरह निष्‍कासित किया गया है वह पूरी तरह से असंवैधानिक और गैरकानूनी है. वहीं, राजनीतिक पंडितों के मुताबिक, कथित रूप से हिंयुवा से जुड़े ऐसे लोग जो भाजपा के खिलाफ मैदान में उतरे हुए हैं वे बड़ी मुसीबत खड़ी कर सकते हैं. वे बताते हैं कि पूर्व में भी ऐसे कई मामले देखे गए हैं जब हिंयुवा के स्‍वयंसेवकों ने कई चुनावों के परिणामों में भारी उलटफेर कर दिया है. हालांकि, यह पूरा प्रकरण इस बात को दर्शाता है कि हिंयुवा के स्‍वयंसेवक अपनी राजनीतिक महत्‍वाकांक्षा के लिए बगावत कर चुके हैं.
इस बारे में जनसभाओं को संबोधित करते हुए ऐसे कई प्रत्‍याशी कहते रहते हैं कि योगी आदित्‍यनाथ अपने हिंदुत्‍व के मिशन से भटक चुके हैं. वे अब सिर्फ भाजपा के सपनों को पूरा करने में लगे हुए हैं.
इस बाबत शिवसेना के राज्‍य प्रमुख अनिल सिंह कहते हैं, ‘लोकसभा में हमें बहुमत के साथ जनता ने भेजा है लेकिन वे राम मंदिर के लिए कोई भी विधेयक नहीं ला सके. मोदी चुप्‍पी साधे हुए हैं. हम राम मंदिर के लिए संघर्ष करेंगे. हिंदुत्‍व के मसले पर शिवसेना किसी भी तरह से समझौता नहीं कर सकती है.’ वे अपनी बात पूरी करते हुए कहते हैं, भाजपा हिंदुत्‍व का मजाक बना रही है. आदित्‍यनाथ इस बात से नाराज हैं कि शिवसेना ने पूर्वी उत्‍तर प्रदेश में कदम रख दिया है और उनके संगठन के लोग हमारे चुनाव निशान पर चुनाव लड़ रहे हैं. शिवसेना के नेता कहते हैं कि दोनों संगठन एक साथ हैं. कारण यह है कि हिंदुत्‍व पर हमारा नजरिया एक है. भविष्‍य में होने वाले चुनावों में हम फिर समझौता कर सकते हैं.
 
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  • दम तोड़ रही है नैनी झील
  • बागियों को शह देते मुलायम
  • गैर भाजपावाद की नई पहल
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