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फिर विवादों में घिरी एसपीजी

विवेक सक्सेना

नई दिल्ली .प्रधानमंत्री और पूर्व प्रधानमंत्री और उनके परिवार के सदस्यों की सुरक्षा करने वाला स्पेशल प्रोटेक्शन ग्रुप (एसपीजी) एक बार फिर विवाद में है. यह महज संयोग ही कहा जायेगा कि नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद महज तीन साल के अंदर दूसरी बार यह प्रतिष्ठित संगठन विवाद में घिरा है. भरोसेमंद सूत्रों के मुताबिक  एसपीजी की महिला सुरक्षा कर्मियों ने अपने आला अफसरों से गुहार लगायी है कि उन्हें रात की ड्यूटी पर न रखा जाये. उन्होंने इसकी वजह का खुलासा नहीं किया है पर  ऐसा माना जा रहा है कि वे किसी विवाद की साक्षी नहीं बनना चाहती हैं. इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने  अचानक 25 नवंबर 2014 को तत्कालीन एसपीजी निदेशक के दुर्गा प्रसाद सम्मेलन में नेपाल हिस्सा लेने के लिए जाते समय उठाया था. तब उन्होंने इस आदेश पर दस्तख्त किये. तब वे और एसपीजी निदेशक दोनों ही  विमान में सफर कर रहे थे. उन्हें हटाने की कोई वजह नहीं बतायी गयी थी. हालांकि जिस तरह से यह कार्रवाई की गयी, उससे तमाम अटकलों को बल मिला था. इनमें से एक अटकल यह भी थी कि दुर्गा प्रसाद यह चाहते थे कि प्रधानमंत्री से, जी भी मिलने आये उसे कैमरो के सामने से गुजरना पड़े और उसका पूरा रिकार्ड रखा जाये. उन्हें इसकी कीमत चुकानी पड़ी. वहीं अब यह अफवाह जोर पकड़ रही है कि प्रधानमंत्री यह नहीं चाहते है कि उनके निवास 7 रेसकोर्स में कैमरे कमरो के अंदर नजर रखे. माना जाता है कि इससे उनकी निजता प्रभावित होती है. यहां यह बताना जरूरी हो जाता है कि जब पीवी नरसिंह राव प्रधानमंत्री थे तब एसपीजी उन्हें अपने वाशरूम का दरवाजा तब अंदर से बंद नहीं करने देती थी. इसकी वजह उनका दिल का रोगी होना था और जब वे अंदर होते थे तो एसपीजी का एक कर्मी लगातार दरवाजे के बाहर खड़ा रहता था. देर लगने पर उसे हल्के से खोल कर अंदर झांक कर यह सुनिश्चित कर लेता था कि सबकुछ ठीक तो है.
 
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