केरल में खुला संघ का सुपर मार्केट !

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केरल में खुला संघ का सुपर मार्केट !

राकेश सहाय
तिरुअनंतपुरम.
केरल को देवताओं का अपना देश कहा जाता है .पर्यटन विभाग इसे प्रचार की टैग लाइन बनाये हुए है .अब इस देवताओं के इस देश में हिन्दुओं के लिए शुद्ध सात्विक शापिंग माल भी उपलब्ध है .दरअसल इसे वाम राजनीति के जवाब के रूप में देखा जा रहा है .पर दो परस्पर विरोधी राजनीतिक धाराओं का यह नया बिजनेस माडल दिलचस्प मोड़ लेता नजर आ रहा है .केरल में वामपंथी और दक्षिणपंथी विचारधाराओं की राजनीतिक लड़ाई कारोबारी मैदान तक पहुंच गयी है. मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) का तो पहले से एक बिजनेस माडल था कैडर को मदद करने के लिए .पर राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ ने अपना एजंडा भी लागू कर दिया है .  संघ  ने केरल में एक नया प्रयोग शुरू किया है जो कारोबारी गतिविधियों के जरिये अपना दबदबा बढ़ाने पर केंद्रित है. यह प्रयोग राजनीति के अलावा सामाजिक-आर्थिक ताकत बढ़ाने के लिए किया जा रहा है परंतु इनके मूल में धनार्जन ही है इसपर फिलहाल कुछ कहा नहीं जा सकता .एक वर्ग एक ख़ास धर्म के लुभाने के लिए अगर कोई पहल करे तो सवाल तो उठेंगे ही .पर इसका जवाब उनके पास है .वे इसे जवाबी कार्यवाई बता रहे हैं .

केरल में माकपा कई दशकों से सहकारी समितियां बनाकर विभिन्न क्षेत्रों में व्यापारिक गतिविधियों को अंजाम दे रही है. राज्य में पार्टी समाचार पत्र, टेलीविजन, विशेष अस्पताल, वाटर पार्क, मॉल, स्कूल एवं प्रबंधन कॉलेज, विनिर्माण कंपनी, उपभोक्ता वस्तु क्षेत्र आदि में कई कंपनियां संचालित कर रही है. केरला दिनेश नामक उपभोक्ता वस्तु कंपनी जहां वस्त्र, सॉफ्टवेयर, खाद्य उत्पाद व बीड़ी आदि बनाती है वहीं विनिर्माण कंपनी सड़क, पुल, इमारतों आदि के टेंडर लेती है. इन तमाम कंपनियों को होने वाली करोड़ों की आय पार्टी को आत्मनिर्भर बनाने में मददगार साबित हो रही है.पार्टी के अधिकांश नेता इस वाम पूंजीवाद पर चुप्पी साधे हुए हैं. लेकिन पार्टी के एक पूर्व सदस्य ने इन नीतियों से परेशान होकर कर  "कार्ल मार्क्स एंड फ़न्तासी पार्क" नामक पुस्तक ही लिख दी है.

उधर, इससे सबक लेते हुए भाजपा और आरएसएस के अनुषंगी संगठन सहकार भारती ने अक्षयश्री मिशन के तहत 100 सुपर मार्केट खोलने की योजना बना ली है. ये मार्केट सहकार भारती द्वारा बनाये गये स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से संचालित होंगे. ये बाजार अधिकतर उन मुस्लिम बहुल स्थानों पर खोले जायेंगे जहां नागरिकता संशोधन कानून की जानकारी देने संबंधी भाजपा-आरएसएस के कार्यक्रमों को विफल बनाने के लिए दुकानदारों ने अपनी दुकानें बंद कर दी थीं.

सहकार भारती के प्रवक्ता अजी कुमार का कहना है कि भविष्य में किराना और सब्जी के अलावा कपड़ा, होटल और रेस्तरां आदि भी खोले जायेंगे. ये उपक्रम खाद्य प्रसंस्करण के क्षेत्र में भी काम कर रहे हैं. संघ परिवार के एक अन्य संगठन हिंदू एक्या वेदी के राज्य महासचिव आर वी बाबू कहते हैं कि यह योजना जनवरी में मुस्लिम कारोबारियों द्वारा किये गये बहिष्कार की प्रतिक्रिया स्वरूप शुरू की गयी है. उनका दावा है कि बहिष्कार के दौरान लोगों को उकसाया गया कि वे हिंदुओं की दुकानों से सामान न खरीदें. ये नये सुपर मार्केट इसी बात का प्रतिवाद हैं.रल में पिछले विधानसभा चुनाव में ओ राजगोपाल भाजपा के इकलौते विधायक चुने गये थे.
अक्षय श्री मिशन के तहत आने वाली ग्रामीण समृद्धि सोसाइटी के चेयरमैन पी के मधुसुधानन के अनुसार अक्षयश्री मिशन के तहत स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए छह वर्ष पहले दुकान खोली गयी थीं लेकिन हालिया बहिष्कार ने इस कारोबार को नयी गति प्रदान की है. उन्होंने कहा कि अगर कोविड-19 महामारी नहीं फैली होती तो इस वर्ष 100 से अधिक सुपर मार्केट खोल दिये जाते.

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उधर, इससे सबक लेते हुए भाजपा और आरएसएस के अनुषंगी संगठन सहकार भारती ने अक्षयश्री मिशन के तहत 100 सुपर मार्केट खोलने की योजना बना ली है. ये मार्केट सहकार भारती द्वारा बनाये गये स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से संचालित होंगे. ये बाजार अधिकतर उन मुस्लिम बहुल स्थानों पर खोले जायेंगे जहां नागरिकता संशोधन कानून की जानकारी देने संबंधी भाजपा-आरएसएस के कार्यक्रमों को विफल बनाने के लिए दुकानदारों ने अपनी दुकानें बंद कर दी थीं.

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