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लोक संवारने का प्रयास लोकरंग छीनने वालों के अच्छे दिन- अरुंधति कनहर बहने दो, हमको जिन्दा रहने दो कर्नाटक के कोलार में सूखा
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मैं नास्तिक क्यों हूं
मैं

(यह लेख भगत सिंह ने जेल में रहते हुए लिखा था और यह 27 सितम्बर 1931 को लाहौर के अखबार “ द पीपल “ में प्रकाशित हुआ । इस लेख में भगतसिंह ने ईश्वर कि उपस्थिति पर अनेक तर्कपूर्ण सवाल खड़े किये हैं और इस संसार के न    विस्तृत....

लोक संवारने का प्रयास लोकरंग
लोक

 कुशीनगर ।जिले के जोगिया जनूबी पट्टी गांव में हर वर्ष आयोजित होने वाला लोकरंग कार्यक्रम  का दो दिवसीय समारोह 12 और 13 अप्रैल को आयोजित हुआ। यह आयोजन का आठवा वर्ष था। इस बार का आयोजन असहयोग आंदोलन के दौरान अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ बगावत का बिगुल फूंकने वाले कुशीनगर के स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों हनुमान प्रसाद कुशवाहा  विस्तृत....

जनादेश-2014
छीनने वालों के अच्छे दिन- अरुंधति
छीनने

पंकज श्रीवास्तव

' मई 2014 में मोदी की सरकार बनी तो बहुत लोगों को, जिनमें मैं भी थी, यकीन नहीं हुआ कि यह हमारे देश में हुआ है। लेकिन अ  विस्तृत....
कर्नाटक के कोलार में सूखा
कर्नाटक

बंगलुरु।  बंगलुरु के ग्रामीण ,कोलार और चिक्कबल्लापुर ज़िले स्थायी सूखे की चपेट में आते दिख रहे है।जीवन का आधार कहा जाने वाला जल ही मौत का सबब बनता नज़र आ रहा है। जहां एक ओर असमय हुई बारिश ने सैकड़ो किसानों की जान ली है वही दूसरी ओर सूखे की स्थिति भी जानलेवा साबित हो  विस्तृत....

बांध विरोध पर गोली चलाई
बांध

सोनभद्र। उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले में कनहर  बांध  पर गैर कानूनी ढंग से किए  जा रहे जमीन अधिग्रहण का विरोध करने वाले प्रदर्शनकारी ग्रामीण जनों पर पुलिस ने आज 14 अप्रैल अम्बेडकर जयंती के दिन गोली बरसाना शुरू कर दिया। सुन्दरी गाँव के एक आदिवासी नेता अक  विस्तृत....

कमाई का जरिया तो नहीं बने गंगा
कमाई

कुमार कृष्णन

वाराणसी ।सिंघु घाटी की सभ्यता के पतन के बाद अनेक सम्यताएं नदियों के किनारे पनपी और विकसित हुईं हैं। आधुनिक सभ्यता नदियों को ही मारने पर आमादा है। वरूणा और असि नदियों के बीच का भू—भाग वाराणसी के  विस्तृत....

नदियों के लिए एक मंच पर आए
नदियों

वाराणसी। सभ्यताएं नदियों की देन हैं। इनके किनारों पर ही पनपी और विकसित हुई हैं। लेकिन आज की सभ्यता नदियों को मार रही है। छोटी-छोटी नदियों से लेकर गंगा जैसी बड़ी नदियां भी आज अपनी किस्मत को रो रही हैं। नदियों की दुर्दशा का आलम यह है कि इनका पानी पीने योग्य नहीं रहा। इन  विस्तृत....

भूमि अध्यादेश के खिलाफ आंदोलन शुरू
भूमि

नई दिल्ली ।देश के कई किसान मज़दूर संगठनों, जन आंदोलनों ने केंद्र सरकार के दोबारा भूमि अधिग्रहण अध्यादेश लाने का विरोध करते हुए इसके खिलाफ आंदोलन का एलान किया है ।इन संगठनों ने हाल ही में  देशव्यापी 'भूमि अधिकार आंदोलन' शुरू किया है और इसके तहत पूरे देश में अध्यादे  विस्तृत....

भूमि अधिग्रहण के खिलाफ सम्मलेन
भूमि

नई दिल्ली . भूमि अधिकारों के संयुक्त मोर्चे  की समन्वय समिति की ओर से भूमि अधिग्रहण बिल को रद्द करवाने और सबके लिए और खास कर भूमिहीनों के लिए भू-अधिकार की लड़ाई को आगे बढ़ाने के लिए  व्यापक और दूरगामी रणनीति तैयार करने के वास्ते  2 अप्रैल 2015 को दिल्ली क  विस्तृत....

पर्यावरण
संकट का संकेत है चैत में यह सावन
संकट

अंबरीश कुमार 

कुछ साल पहले तक ग्रामीण अंचल को छोड़कर भी सावन का बहुत बेसब्री से इंतजार होता था ।इस सावन पर फिल्मे बनती रही और गीत गूं  विस्तृत....
पर्यटन
गांव ,किसान और जंगल
गांव
अंबरीश कुमार 
लगातार यात्रा के चलते लिखना कम हो पा रहा है । कल लौटे और कल मुंबई के लिए निकलना है  विस्तृत....
कला/सिनेमा
नौटंकी की मलिका गुलाबबाई
नौटंकी

हिमांशु बाजपेयी

कोई भी ईमानदार आकलन इस बात से इंकार नहीं कर सकता कि नौटंकी की मलिका कही जाने वाली पद्मश्री गुलाब  विस्तृत....
राजनीति
बुधुआ के घर में त्यौहार
बुधुआ

शिप्रा शुक्ला 

तमिलनाडु। आज बुधुआ के घर में त्यौहार जैसा माहोल है, ये उसका असली नाम नहीं, जाहिर है तमि  विस्तृत....
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