कारपोरेट भगाओ, किसानी बचाओ

क्या मुग़ल काल भारत की गुलामी का दौर था? अधर में लटक गए छात्र पत्रकारों के बीमा का दायरा बढ़ाए सरकार बिहार चुनाव से दूर जाता सुशांत का मुद्दा सड़क पर उतरे ऐक्टू व ट्रेड यूनियन नेता किसानों के प्रतिरोध की आवाज दूर और देर तक सुनाई देगी क्या मोदी के वोटर तक आपकी बात पहुंच रही है .... खेती को तबाह कर देगा कृषि विधेयक- मजदूर किसान मंच दशहरे से दिवाली के बीच लोकतंत्र का पर्व बेनूर हो गई वो रुहानी कश्मीरी रुमानियत सिविल सर्जन तो भाग खड़े हो गए चंचल .. चलो भांग पिया जाए क्यों भड़काने वाले बयान देते हैं फारूक अब्दुल्ला एक समाजवादी धरोहर जेपी अंतरराष्ट्रीय सेंटर को बेचने की तैयारी कोरोना के दौर में राजनीति भी बदल गई बिशप फेलिक्स टोप्पो ने सीएम को लिखा पत्र राफेल पर सीएजी ने तो सवाल उठा ही दिया हरिवंश कथा और संसदीय व्यथा राष्ट्रव्यापी मजदूरों के प्रतिवाद में हुए कार्यक्रम समाज के राजनीतिकरण पर जोर देना होगा

कारपोरेट भगाओ, किसानी बचाओ


कौशाम्बी.मुट्ठी बांधे हुए, चेहरे पर मास्क लगाए, हाथों में झंडे, बैनर और प्लेकार्ड लिए हुए सैकड़ों किसानों व खेत मजदूरों ने कारपोरेट भगाओ, किसानी बचाओ का नारा लगाते हुए चायल तहसील के मूरतगंज ब्लाक का घेराव किया. एआईकेएमएस कौशाम्बी कमेटी के नेतृत्व में उन्होंने केन्द्र सरकार से मांग की कि वह खेती के तीन अध्यादेशों को वापस ले, 2020 का नया बिजली कानून वापस ले और पेट्रोल-डीजल की बढ़ी कीमतें वापस ले. बीडीओ श्री शैलेष राय को इस आशय का राष्ट्रपति को सम्बोधित एक ज्ञापन प्रस्तुत किया.
अध्यक्ष का. बच्ची लाल ने कोरोना लाॅकडाउन के दौरान लोगों को राहत न पहँुचाने के लिए सरकार की आलोचना की और इस दौर में बढ़ती बेरोजगारी और भूख से रक्षा के लिए राहत देने की मांग की. उन्होंने कहा कि सरकार ने खेती की लागत के दाम बढ़ने दिये हैं, जबकि किसानों के फसल की बिक्री व दाम की कोई सुरक्षा नहीं है. बड़े व्यापारी व कारपोरेट अपने मुनाफे को बढ़ाते जा रहे हैं और सरकार उनके हित में काम कर रही है. इन अध्यादेशों से लोगों की खाद्यान्न सुरक्षा घट जाएगी, क्योंकि खाने की पूरी श्रृंखला पर कारपोरेट का कब्जा हो जाएगा.
एआईकेएमएस महासचिव का. फूलचन्द्र ने कहा कि मनरेगा में नियमित काम देना और किये काम का बकाया पेमेन्ट करना जरूरी है. उन्होंने कहा कि सरकार को राशन में 15 किलो अनाज, 1-1 किलो दाल, तेल व चीनी देना चाहिए, किसानों के सभी कर्ज, समूह के माइक्रोफाइनेन्स कर्ज समेत ब्याज माफ होना चाहिए और वसूली अभी रोक देनी चाहिए. उन्होंने कहा कि सरकार को कोरोना लाॅकडाउन दौर के सभी बिजली के बिल माफ किए जाने चाहिए और कोरोना हिदायतों के साथ स्कूल व अस्पताल खोलते हुए हर गांव में डाक्टर भेजना चाहिए. उन्होंने हरियाणा के किसानों पर दमन की निन्दा की.
प्रगतिशील महिला संगठन की का. चन्द्रावती ने नदी, कछार की जमीन को कुलभाष्कर आश्रम डिग्री कालेज व उनके गुण्डों के अवैध कब्जे से मुक्त कराकर गरीबों को वितरित करने की मांग करनी चाहिए. उन्होंने कहा कि जमीन जीविका चलाने का महत्वपूर्ण साधन है और इसे जमींदारों से मुक्त कराकर गरीबों में बांटा जाना चाहिए. उन्होंने कहा कि गंगा किनारे रह रहे परिवारों को बाध की बुनाई के लिए ब्याज मुक्त कर्ज दे और सुनिश्चित करे कि बाध का रेट 500 रुपये पसेरी के हिसाब से मजदूरों को मिले, ताकि उनके परिवार का जीवन चल सके.
एआईकेएमएस नेता कृष्णा ने कहा कि गरीब लोग अब समझ रहे हैं कि सरकार किसानों के साथ धोखाधड़ी कर रही है और विदेशी लुटेरों का साथ दे रही है. खेती में विदेशी कम्पनियों को निमंत्रण देना ‘आत्मनिर्भरता’ नहीं है.
प्रदर्शन में भाग लेने वालों में सुनीता देवी, बुधनी देवी, लालजी, पप्पू, राजेन्द्र कुशवाहा, विक्रम, विरेन्द्र, बुधराम निषाद, गया प्रसाद, बेला, साहिल व अन्य शामिल थे.

  • |

Comments

Subscribe

Receive updates and latest news direct from our team. Simply enter your email below :