समाजवादी किससे सीखें राजनीति ?

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समाजवादी किससे सीखें राजनीति ?

सतेंद्र पीएस 

नई दिल्ली अखिलेश यादव कह रहे हैं कि वह सोशल मीडिया पर गाली देने वालों को लाइक कर रहे हैं. उनकी सूची बना रहे हैं. ब्याज सहित जवाब दिया जाएगा.अखिलेश या कोई भी वंचितों का नेता जब भी सत्ता में रहा है तो यह लोग बुनियादी गलतियां करते रहे हैं. इन लोगों ने कभी अपनी वैचारिक टीम नहीं बनाई. ऐसी कोई टीम नहीं है जो समाजवाद या उनके 1950 के बाद संसोपा से समाजवादी पार्टी की हिस्ट्री या उनके नेताओं के त्याग व बलिदान के बारे में लिखे.


यहां तक कि इन लोगों ने यूनिवर्सिटी कॉलेज में ऐसे टीचरों की नियुक्ति नहीं की, जिन्होंने समाजवाद या समाजवादी नेताओं पर पीएचडी करवाई हो.इन्होंने पत्रकारों की ऐसी पीढ़ी नहीं तैयार की जिसे समाजवादी कहा जाए. कांग्रेसी, संघी, कम्युनिस्ट ढेरों मिल जाएंगे.इन्होंने अपना मीडिया हाउस, प्रिंट हाउस, बिजनेस खड़ा करने की कवायद नहीं की.इन्होंने अपनी विचारधारा के लोगों की पेशेवरों की टीम नहीं तैयार की.


इस तरह की तमाम गलतियां हुई हैं. इसकी वजह से आज गर्त में हैं. कोई इनके फेवर में तार्किक तरीके से बोलने वाला नहीं है. इनके समर्थक भी पार्टी के संघर्षों को नही जानते. यह नहीं जानते कि समाजवादी आन्दोलन ने कितने आम नागरिकों के हाथों सत्ता की चाबी दी.इतने संकट के दौर में भी सपा, बसपा, राजद, जदयू जैसे दल ऐसी कोई कवायद नहीं कर रहे हैं. इसका खामियाजा जनता भुगत रही है.


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