जनादेश
ईसाई लाये पर मुगलों ने किनारा किया !

अंबरीश कुमार 

आजकल हर सब्जी में टमाटर डालने का प्रचलन है पर आज भी कई लोग इससे बचते हैं .टमाटर को पुर्तगाली जब गोवा आए तो अन्य विदेशी सब्जियों के साथ मसलन मिर्च आलू आदि के साथ इसे भी लाए थे .पर इससे सबसे पहले दूरी मुगलों ने बनाई .साथ ही हिंदू परिवारों में भी किसी भी शुभ अवसर के खानपान से इसे दूर रखा गया .आज भी कश्मीरी पंडित परम्परागत रोगन जोश में टमाटर का इस्तेमाल नहीं करते है .कश्मीरी पंडित तो रोगन जोश में लहसुन प्याज का भी इस्तेमाल नहीं करते है .राजा महमूदाबाद की रसोई में तो आलू टमाटर दोनों ही वर्जित रहा .मुगलाई व्यंजनों में टमाटर का इस्तेमाल बहुत कम हुआ .

पर टमाटर को अगर बढ़ावा मिला तो पंजाब से .पंजाब ने दाल तड़का से लेकर मटन ,फिश ,अंडा सभी में टमाटर का जमकर इस्तेमाल किया .छोले भटूरे हो या सरसों का साग वे टमाटर का ठीक से इस्तेमाल करते रहे .पर गोवा के सास्वत ब्राह्मण परिवार भी इससे दूर रहे .वे टमाटर की जगह कोकम का इस्तेमाल करते हैं .पर गोवा में ईसाई परिवारों की ज्यादातर डिश में टमाटर जमकर इस्तेमाल होता है .बंगाल में भी इसका प्रचलन बहुत देर में हुआ .अभी भी मछली के बहुत से व्यंजन में टमाटर कम इस्तेमाल होता है .अपने पूरब में भी मछली में दही आदि का इस्तेमाल तो होता रहा पर टमाटर का इस्तेमाल कम होता है .

पर आप टमाटर का इस्तेमाल करें विटामिन सी से भरपूर है .इसलिए आप करें और गमले में लगा लें .हर सब्जी में तो नहीं पर कुछ में डाल कर देखें .बेहतर है सलाद के रूप में इस्तेमाल करें .


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