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टैगोर के काव्य में उपनिषद दर्शन की अनुगूंज थी-दीक्षित

लखनऊ .उत्तर प्रदेश विधान सभा के अध्यक्ष  हृदय नारायण दीक्षित ने प्रतिष्ठित नोबेल पुरस्कार जीतने वाले पहले एशियाई विश्व कवि, श्रद्धेय रवींद्रनाथ टैगोर  की जयन्ती पर भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की है.विधान सभा अध्यक्ष ने कहा कि उनके काव्य ने दुनिया को प्रभावित किया था. उनके काव्य में उपनिषद दर्शन की अनुगूंज थी. उनका रचनासार बहुआयामी था. वे संगीत के भी विद्वान थे. महान भारतीय कवि, उपन्यासकार और विद्वान, रवींद्रनाथ टैगोर ने आठ वर्ष की उम्र में कविताएं लिखना शुरू किया. और 16  वर्ष की उम्र तक वे अपने नाम के साथ प्रतिश्ठित हो चुके थे. एक प्रसिद्ध कवि, हास्य कलाकार, उपन्यासकार, संगीतकार और नाटककार, श्रद्धेय रवींद्रनाथ टैगोर  विश्व के बड़े साहित्यकारों में से एक हैं.श्री दीक्षित ने कहा भारतीय साहित्य और संगीत में उनके महान योगदान के लिए, उन्हें सदैव याद किया जायेगा.

  उत्तर प्रदेश विधान सभा के अध्यक्ष  हृदय नारायण दीक्षित ने बुद्ध पूर्णिमा के अवसर पर प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई दी है. अध्यक्ष, विधान सभा ने अपने सन्देश में कहा है कि महात्मा गौतम बुद्ध ने अपने दार्शनिक व सांस्कृतिक विचारों से भारत ही नहीं बल्कि विश्व को प्रभावित किया था. चीन, जापान, श्री लंका , कोरिया  सहित अनेक  देशों में बौद्ध अनुयायी हैं.  गौतम बुद्ध ने मानवता,  अहिंसा व भारतीय   संस्कृति का जो संदेश दिया था, वह आज भी प्रासंगिक है.वे सदा श्रद्धेय व नमनीय हैं. श्री दीक्षित ने कहा कि महात्मा बुद्ध जी की जयन्ती के अवसर पर उनके दर्शन व आदर्शों से हम सभी को प्रेरणा लेनी चाहिए.

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