कोरोना ने चर्च भी बंद कराया

आखिर वह दिन आ ही गया ! बिहार में कब चुनाव होगा? मंदिर निर्माण का श्रेय इतिहास में किसके नाम दर्ज होगा ? राष्ट्रीय कंपनी अधिनियम पंचाटः तकनीकी सदस्यों पर अनावश्यक विवाद बहुतों को न्यौते का इंतजार ... आत्महत्या की कहानी में झोल है पार्षदों को डेढ़ साल से मासिक भत्ता नहीं मिला पटना के हालात और बिगड़े गांधीवादियों की चिट्ठी सोशल मीडिया में क्यों फैली ? अमर की चिंता तो रहती ही थी मुलायम को चारण पत्रकारिता से बचना चाहिए तो क्या 'विरोध' ही बचा है आखिरी रास्ता पटना नगर निगम के मेयर सफल रहीं अमर सिंह को कितना जानते हैं आप राजस्थान का गुर्जर समाज किसके साथ शिवराज समेत चार मंत्रियों को कोरोना कम्युनिस्ट भी बंदर बांट में फंस गए पूर्वोत्तर में भी बेकाबू हुआ कोरोना किसान मुक्ति आंदोलन का कार्यक्रम शुरू राजकमल समूह में शामिल हुआ हंस प्रकाशन

कोरोना ने चर्च भी बंद कराया

आलोक कुमार

बेतिया. लॉकडाउन के दौरान धार्मिक संस्थानों को बंद कर दिया गया था.जो एक जून से अनलॉक-1 जारी होने पर पूरे देश में कहीं भी लोग आने जाने के लिए स्वतंत्र हो गए. इसके साथ ही किसी पास या मंजूरी लोगों को नहीं लेनी पड़ रही है. अनलॉक-1 के पहले चरण में केंद्रीय गृह मंत्रालय के दिशा-निर्देशों के अनुसार आठ जून से सभी धार्मिक स्थल, होटल, रेस्टोरेंट और शॉपिंग मॉल खुल गए.बता दें कि अनलॉक -2 में बेतिया धर्मप्रांत के बिशप पीटर सेबास्टियन गोबियस ने मजबूरी में 5 जुलाई से नेटिविटी ऑफ द ब्लेस्ड वर्जिन मैरी चर्च  का द्वार बंद करने का निश्चय किया है. यह सब कोरोना का बढ़ते तेवर को देखते हुए करना पड़ा है.

जानकार लोगों का कहना कि फादर जोसेफ मेरी के द्वारा  1751 में बेतिया में निर्मित नेटिविटी ऑफ द ब्लेस्ड वर्जिन मैरी चर्च  का स्वर्णीक 269 साल के इतिहास में केवल तीन बार श्रद्धालुओं के लिए महागिरजाघर का द्वार बंद कर दिया गया था.बिहार के बेतिया में 2018 में एक प्राइवेट स्कूल की छत गिर गई. हादसा उस वक्त हुआ जब स्कूल के क्लास रूम में काफी संख्या में बच्चे मौजूद थे. छत गिरने से क्लास में बैठे कई बच्चे जख्मी हो गये जिन्हें इलाज के लिये एमजेके अस्पताल में भेजा गया. इलाज के दौरान एक बच्चे के मौत की भी खबर है जिसकी एसपी जयंतकांत ने भी पुष्टि की थी.जिला प्रशासन ने सुरक्षात्मक कदम उठाने के दरम्यान महागिरजाघर को बंद कराया था.

कोविड-19 के कारण राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA) ने राष्ट्रीय लॉकडाउन लागू कर दिया है.कोरोना वायरस को फैलने से रोकने के लिए प्रधानमंत्री मोदी ने 24 मार्च को पूरे देश में लॉकडाउन का ऐलान किया था.25 मार्च से लागू हुआ ये लॉकडाउन 14 अप्रैल तक चला जिसके बाद इसे 3 मई तक बढ़ा दिया.3 मई के बाद इसे 17 मई तक बढ़ा दिया गया.राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA) ने राष्ट्रीय लॉकडाउन को 31 मई तक बढ़ा दिया है.वैश्विक महामारी कोरोना वायरस  के समय लगे लॉकडाउन अवधि में नेटिविटी ऑफ द ब्लेस्ड वर्जिन मैरी चर्च को बंद रखा गया.अब अनलॉक-2 में 5 जुलाई 2020 से  तीसरी बार महागिरजाघर बंद हो रहा है. जो अगले आदेश तक जारी रहेगा.


फादर जोसेफ मेरी ने 1751 में बेतिया में किया नेटिविटी ऑफ द ब्लेस्ड वर्जिन मैरी चर्च का निर्माण.इस निर्माण के लिए उन्होंने महाराजा का दिल जीता था. फादर जोसेफ मेरी और फादर कासियन ने महाराजा से शहर के बीचोबीच जमीन उपलब्ध कराने का अनुरोध किया.दोनों संत के कुशल व्यवहार से प्रसन्न महाराज ने राज महल के पास ही चर्च के पास जमीन उपलब्ध करा दी.साथ-साथ चर्च के निर्माण के लिए हरसंभव मदद करने की भी आश्वासन भी दिया. फिर क्या था.फादर जासेफ मेरी, फादर कासियन ने अपने सहयोगियों के साथ महागिरजाघर निर्माण करने की तैयारी में जुट गये.महाराजा ने चर्च को जंगल की लकड़ी उपलब्ध करा दी. जानकार बताते है कि महागिरजाघर निर्माण करने के पहले पास में ही एक चर्च था जहां काथोलिक समाज प्रार्थना के लिए उपस्थित होते थे.बाद में काथोलिकों तथा दीक्षार्थियों की बढ़ गयी. यह प्रार्थनाघर छोटा पड़ने लगा. छोटा गिरजाघर इसके लिए पर्याप्त नहीं था. तब फादर जोसेफ मेरी और फादर कासियन ने नया विशाल व भव्य चर्च निर्माण कराने का फैसला लिया. नया महागिरजाघर निर्माण हो जाने के बाद यहां भव्य धार्मिक उत्सव का आयोजन किया गया.ख्रीस्त जयंती की रात को नए गिरजाघर का आशीष धुमधाम से हुआ था. बताते चले इसलिए फादर जोसेफ मेरी और फादर कासियन की पहल पर तत्कालीन बेतिया महाराज ने एक नया गिरजाघर बनाने की इजाजत दी थी और नया गिरजाघर 1751 में बन कर तैयार हो गया. फादर सेराफीम जौन पुस्तक के अनुसार 1743 में बेतिया की महारानी गंभीर रूप से बीमार पड़ गई.इसी वक्त महाराजा ने पत्नी की इलाज के लिए फादर जोसेफ मेरी से आग्रह किया. उनकी दवा से महारानी भली चंगी हो गई.मार्च 1746 को महाराजा ने फादर जोसेफ मेरी के लिए एक बड़ा और आरामदेह मकान बनवाया, जिसे बेतिया पल्ली निवास कहा जाता है.


Share On Facebook
  • |

Comments

Subscribe

Receive updates and latest news direct from our team. Simply enter your email below :