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लॉस वेगास में सिमटी सारी दुनिया

स्वाति तिवारी 

बस जीवन में एक बार असली टेबल पर पोकर खेल लिया और बन गयी जुआरी. जीतने का दांव कृत और हारने का दांव कलि कहलाता था. बौद्ध ग्रंथों में भी कृत और कलि का यह विरोध देखा जा सकता है. जुए में बाजी लगाने के लिए धन की आवश्यकता होती है. पाणिनी ने इसे ग्लह कहा है. महाभारत के प्रख्यात जुआरी शकुनि का कहना है कि इस बाजी के कारण ही जुआ लोगों में इतना बदनाम हुआ. यह भी सच है कि जुआ प्राचीनकाल से ही एक सर्वव्यापी मनोरंजन रहा है. मध्यमवर्गीय घरों में दीपावली के अवसर पर इस शौक को पूरा करने की छूट दी गयी है. यह परंपरा के नाम पर होता है. हर देश में इसके लिए कोई न कोई सुविधाजनक जगह मुकर्रर की जाती है. लेकिन ब्रह्मïांड में ऐसी जगह कम ही हैं जो जुआ घर होने के बावजूद अपनी शानोशौकत से मंत्रमुग्ध कर दें. अमेरिका के लॉस वेगास की अटलांटा सिटी ऐसी ही एक जगह है. जगह क्या है एक भूलभुलैया है जहां से बचकर निकल जाना मुश्किल. इसलिए क्योंकि लाइव पोकर के अलावा हर खेल में यहां जुआ घर का जीतना तय है. लाइव पोकर में कसीनो खिलाडिय़ों से सीधे पैसा नहीं लेते हैं और यह आपके कौशल पर निर्भर है कि आप कितना जीतते या हारते हैं. यहां आप क्या-क्या हार जायेंगे आपको खुद पता नहीं होता. यह लॉस वेगास है यानी नुकसान का दूसरा नाम.
कसीनो कुछ इस तरह डिजाइन किये जाते हैं कि बाहर जाना आसान न हो. आप खो जाते हैं क्योंकि जुआ घर ऐसा चाहता है. आप कुछ सोच समझ सकें इससे पहले आप खुद को मशीन की सीट पर पाते हैं और जुए में डूब जाते हैं. यहां कई लोग साथ में परोसी जा रही शराब को मुफ्त उपहार समझकर पीते हैं. हकीकत यह है कि ये इन जुआ घरों की रणनीति होती है. उन्हें पता है कि शराब के पैग आपकी समझ और सोचने की शक्ति को खत्म कर देंगे. आप यहां जीतने आये हैं तो आपको नशे के बिना खेलना चाहिये. बेटे के दीक्षांत में शामिल होने के लिए हम न्यूयॉर्क में थे. वहां से हम कैलीफोर्निया निकल गये क्योंकि लॉस वेगास हमें बुला रहा था. रात 10 बजे हमने वेगास की धरती पर कदम रखा. एक ऐसी दुनिया मानो हम चांद सितारों के स्वप्न लोक में हों. रोशनी से सराबोर. एक ऐसी दुनिया जिसके बारे में भोपाल में रहकर तो सोच भी नहीं सकती. एकबारगी लगा मानो कोई मायावी नगरी हो. यह कतई मानव निर्मित नहीं लगती. बस यही ख्याल आता है कि यह शायद बचपन की कहानियों का परीलोक है. जगमग रोशनी, संगीत निर्वस्त्र नाचती सी परियां. चारों ओर महल ही महल. इस कल्पना लोक में तीन दिन रहने की बात ने ही रोमांचित कर दिया था. 
कसीनो का शहर, होटलों का शहर, गुनाहों का शहर, अमीरों का शहर लॉस वेगास. अमेरिका का एक ऐसा अद्भुुत शहर जो खुद को मनोरंजन की राजधानी बताता है. हमें अंदाजा भी नहीं था कि यहां इस कदर कसीनो हैं. यहां तक कि एयरपोर्ट पर भी स्लॉट मशीनें. मानो आते से शुरू होने या जाते-जाते मन न भरा होने पर उसे संतोष देने के लिए. 
 
हम होटल  पहुंचे जहां नीचे विशालकाय कसीनो, बार रेस्टॉरेंट और स्लॉट मशीनों पर तमाम बुजुर्ग अपनी जीवन भर की कमाई जुए में लगाए बैठे थे. एकबारगी ख्याल आया कि जीवन का यह वैराग्य समय लोग माया में उलझे हैं. पता चला मनोरंजन में डूबी इस मायावी नगरी में ज्यादा से ज्यादा लोग अपनी सेवानिवृति की उम्र में अपना पैसा, अपनी जिंदगी भर की कमाई यहां ले आते हैं एक दांव लगाने के चक्कर में. 
 
होटल पहुंचने के बाद तय हुआ कि एक चक्कर स्ट्रिप का लगा लिया जाये. जैसे ही हम लॉस वेगास की स्ट्रिप में प्रवेश करते हैं हम खुद को इस जहान से अलग किसी दूसरी ही दुनिया में पाते हैं, मुझे तो याद भी नहीं कि इस तरह की चकाचौंध किसी फिल्म में भी देखी हो? फिल्मों में इसका 0.5 प्रतिशत ही हिस्सा हो सकता है पर यह जादूगरों की बनायी कोई दुनिया है. कहते हैं कि स्ट्रिप संपूर्ण विश्व के सट्टेबाजों, रईसों, शौकीनों के सपनों की सरजमीं है, पूरी स्ट्रिप गाड़ी से तो घूमी जा सकती थी, पैदल नहीं, बशर्ते सड़क पर गाड़ी निकलने की जगह हो.  रात अपने शबाब पर थी और सड़क अपने जूनून पर, हम कार से बमुश्किल एक दो किलोमीटर ही चला पाये क्योंकि आगे जाम था. गाड़ी पलटाते हैं कि पहले खुद होटल में अपनी एंट्री दें ताकि रुकने की बेफिक्री हो जाए होटल बहुत महंगे नहीं है यहाँ, दुनिया के हर देश का खाना उपलब्ध है. 
 
बच्चे पहले ही कह चुके थे कि इतनी दूर बार-बार कौन आयेगा, इसलिए टोकाटाकी न की जाये. ह एक भारतीय रेस्तरां में खाना खाकर कसीनो की जानिब निकले. सबको पोकर खेलना था लेकन मुझे 
स्लॉट मशीन पर खेल कर देखना था. बच्चों ने कहा था मां आपको जो खेलना है खेलो सबने मुझे 25 डॉलर गिफ्ट किये थे. मेरे पास 100 डॉलर थे पर यदि खेलने बैठ जाती तो लॉस वेगास को कैसे देखती? हम पैदल ही निकलते हैं. सात किलोमीटर लम्बी सड़क के दोनों ओर क्या दीवाली, क्या क्रिसमस, सजावट ऐसी कि बयान करने के लिए मेरे पास शब्द नहीं हैं. दोनों तरह विशाल परिसरों में कई कई मंजिलों तक सजे धजे कसीनो, अनोखे डिजाइन, विलक्षण मूर्तियां, बगीचे, रंगीन गाते बजाते नाचते पानी के फव्वारे, जाने कितनी तरह के बार, डांस फ्लोर, हर होटल कुछ ऐसा कि अगर आप केवल अकेले उसी को देखें तो कहें दुनिया में इससे बेहतर कुछ हो ही नहीं सकता. हर देश की हर कलाकृति की बेहतरीन नकल यहां मौजूद है. यहां आपको स्टैच्यू ऑफ़ लिबर्टी से लेकर, एफिल टॉवर, मिस्त्र के पिरामिड जैसे होटल दिख जायेंगे. कई होटल तो फ्लेमिंगो, गिटार, झूले की डिजाइन में भी नजर आते हैं. भीड़ इतनी कि अगर मोबाइल फोन न हो तो खोना तय.
 
 
 
 
शाइनिंग सिटी स्ट्रीट, नॉन स्टॉप एंटरटेनमेंट, लग्जरी शॉपिंग सेंटर, एलिट डिनर, एक से एक शानदार होटल और अपने में पूरी दुनिया समेटे महाकाय कसीनो. कभी ना सोने वाला यह शहर पैसे खर्च करने वालों का दिल से स्वागत करता है.  लोग कहते हैं कि धरती पर स्वर्ग देखना हो तो लॉस वेगास का कोई विकल्प नहीं. इसकी अपनी प्रतिष्ठा है एक रेपुटेशन वाला शहर, जिसने लोगों के ख्वाबों को हकीकत में बदला. हम घूमते हैं पैदल आश्चर्य से भरे हुए.मुंह से निकलता भी है बाप रे! कितना पैसा है लोगों के पास? पैसे से दुनिया में सब खरीदा जा सकता है यह यहीं पता चलता है.
 
इस शहर को देख कर, इसकी कहानी को सुन कर एक भारतीय कहावत याद आती है कि घूरे के भी दिन फिरते हैं. सन् 1950 में एक छोटे से गांव के ख्वाबगाह में बदलने की भी एक कहानी है. एक निर्जन सा बीहड़ आज रात की रानी सा शहर है. 1905 में स्थापित लॉस वेगास को सन् 1911 में अधिकारिक रूप से बड़े शहर का दर्जा दिया गया.  फिर इसका सितारा जो चमका कि प्रगति के सारे सोपान तय करता यह शहर सदी के अंत तक अमेरिका का सबसे ज्यादा आबादी वाला शहर बन गया. कहते हैं कि वयस्कों को यहां सभी प्रकार के मनोरंजन की अनुमति है और यही वजह है कि यह सिन सिटी [गुनाहों का शहर] कहलाता है. कच्चे खिलाड़ी या तो इसकी चमक-दमक से बहक जाते हैं या गुनाहों की पनाह में जा सकते हैं. यहां जुआ, कैबरे, शराब, स्मगलिंग, नाइट क्लब, गुंडे-अपराधी, गिरोह, बंदूकें, अप्सराओं सी स्त्रियां, निमंत्रण देती निगाहें, ड्रग्स, जिस्म सब कुछ एक जगह एक साथ, जहां ना दिन दिन होता है ना रात रात.
 
सबसे पहले देखा द सीजर पैलेस.
बेल्जिओ और मिराज के बीच यह चार डायमंड श्रेणी का होटल है जिसमें नेवादा का स्वर्ग सा कसीनो है, हम इसी कसीनो में घूमते हैं. अंदर जाते ही इतनी ताजगी, इतनी फ्रेशनेस नींद का दूर तक कोई नाम नहीं. पता चला कसीनो में ऑक्सीजन छोड़ी जाती है ताकि आप ताजगी से भरे रहें. यहां मेहमानों के लिए भव्य सुविधायें हैं. रोमन साम्राज्य की कल्पना को साकार करता यह लॉस वेगास का स्वर्ग महल है. यह पैलेस दुनिया में सबसे प्रतिष्ठित कसीनो वाली होटलों में से एक है और लॉस वेगास का सबसे बड़ा और सबसे अच्छा स्थान है जिसमें मुख्य प्रदर्शन स्थल है कालीज़ीयम, एक 22,450 वर्ग फुट (2086 मीटर) का विशाल मंच है, जिसके मूल रूप की प्रतिकृति को बनाने में 9.5 करोड़ डालर की लागत लगी थी. इसके साथ एक 4,296 सीट वाला स्टेडियम सेलीन डायोन भी देखने लायक है. लेखक, कलाकार, इतिहासकार, अंग्रेजी साहित्य के प्रेमी सब जानते हैं जूलियट सीजर को. इसे देखना अपने आप में अलग महत्व रखता है, सड़क पर द्वार के पास लगी है बेहद खूबसूरत आदमकद सफ़ेद संगमरमर से तराशी हुई मूर्ति. हम पहुंचते हैं इसके कैफेटेरिया में जिसकी छत चार नक्काशीदार स्तंभों पर टिकी है. सामने हैं अतिथि को हलके से भिगोते हुए मद्धम फव्वारे, जिससे गुजरते हुए हम देखते हैं सीजर की एक भव्य मूर्ति. इस कसीनो का ऐश्वर्य किसी साम्राज्य के राजसी वैभव से कम नहीं है. जुआ घर के तमाम उपकरण मानो सीट पर बैठने का न्योता देते हैं, हसीन-कमसिन, कम कपड़ों में सजी कार्ड डीलर लड़कियां. उन्हें देखकर लगता है वे पूरी दुनिया का प्रतिनिधित्व करती हैं. हाथ में छोटे-छोटे ग्लासों में बीयर, शैंपेन, रम, ब्रांडी वाइन, वोदका की ट्रे लिए घूमती लड़कियां.  हर एक घंटे में टेबल बदलती लड़कियां, राजाओं नवाबों ने भी शायद ऐसी जि़ंदगी नहीं देखी होगी. हम केवल एक राउंड पोकर खेलते हैं पहले में मिलता है, फिर मिलता है और बंद करते हैं तब तक जो मिला था वो जा चुका था. मज़ा अद्भुत था जिसकी कोई कीमत नहीं आंकी जा सकती. जीतने से ज्यादा हारने का अनुभव रोमांचक होता है. हम आगे जाते हैं. आगे घोड़ों, योद्धाओं की सेविकाओं की मूर्तियों के बीच से निकलते हैं. एक महान सम्राट की राजधानी में कुछ समय बिताने के अनुभव को कोई शब्द नहीं दे पा रही हूं. कुछ पल नाइट क्लब के आसपास बिताते हुए हम सीजर पैलेस चौक में निकल आते हैं. बाहर निकलना एक हल्कापन देता है, मायावी कल्पना लोक से बाहर आने वाला.
 सामने एक दूसरी दुनिया है ठीक सामने पेरिस का एफिल टॉवर है. हम आधी रात गुज़ार चुके हैं पर एफिल टॉवर के सामने जाते ही इवनिंग इन पेरिस हो जाती है जाने कितने जोड़े यहाँ पेरिस होटल में अपना हनीमून मनाने रुकते हैं. कहते हैं कि यह शादियों के लिए लोकप्रिय स्थान है, एफिल टॉवर का अनुभव रात में विशेष रूप से रोमांटिक है. उज्ज्वल रातें, रंगीन रोशनी और पानी के जलाशयों का विचार कितना बेजोड़ है. 11 मंजिल वाले एफिल टॉवर के रेस्तरां में खाने के साथ आनंद दोगुना हो जाता है. ऊचाई मूल टॉवर से आधी और रोशनी दुगनी. दुकानें ही दुकानें, भीड़ ही भीड़. हम भी आधी रात के वक्त एक हसीं शाम गुज़ारते हुए एफिल टॉवर से गुजऱते हैं. 
 
अगले दिन हम ग्रैंड केनियन से लौट रात में फिर स्ट्रिप पर जाते हैं कसीनो सिर्फ कसीनो नहीं दुनिया के सब रंग समेटे हैं. हमें एक कसीनो के बाहर एक आदमी गाता हुआ मिलता है कि मैंने अपना सब गंवा दिया है लेकिन एक चांस और लेना चाहता हूँ, मदद करें? हम हंसते हैं भीख? जुआ खेलने के लिए उसने अपनी ब्लैक टोपी खुली रखी है जिसमें डॉलर पड़े है जिसे देखकर लगता है कि यहां भी लोग दयालु है अभी भी? 
हर कसीनो अलग थीम पर एक अलग बाजार है. दुनिया के सबसे चर्चित शहरों की जस की तस प्रतिकृतियां, जीता जागता संसार, हर कसीनो एक शहर, यहीं मिस्त्र के पिरामिड भी हैं, यहीं रोम भी तो यहीं लंदन, न्यूयॉर्क, वेनिस सब हैं. वेगास में स्थापत्य, शिल्प, थीम बाजार, मनोरंजन की हर एक सुविधा उपलब्ध है यहाँ बस चाहिये केवल पैसा जो डॉलरों में होना चाहिये.
अभी हमारे पास और समय है हम जाते हैं वेनिस. पैदल कितना भी घूम लीजिये पैसे नहीं लगेंगे, पैसे खरीदने या खाने पर खर्च होंगे, सोचते हैं यहीं इटली का अद्वितीय वेनिस देखने को मिल रहा है तो देख ही लिया जाये. वेनिस की सुंदरता का अंदाज तो हो ही जायेगा, इटली यात्रा करेंगे या नहीं किसको पता? यह है एक भव्य होटल नीचे कसीनो और ऊपर पतली सी सड़कों वाला शहर का लुक, जहाँ मौजूद है एक नहर जिसमें नाव से आप घूम सकते हैं इटली की कोई फेमस धुन के साथ. यहां वेनिस की तरह आपके पोट्रेट बनाने वाले भी हैं पैसे दीजिये, बनवा लीजिये. यहाँ पेड़ों की वेशभूषा में आपका स्वागत करते लोगों के साथ वेनिस दिलो दिमाग पर बैठ जाता है, लगता है कि यह वेनिस ही है.  मान्यता है कि उसकी प्राकृतिक खूबसूरती एक कलाचित्र के समान दिखाई देती है, यह शहर सांस्कृतिक एवं व्यापारिक केंद्र है. नहर पर गॉनडोला नाव में सवार होकर सैलानी घूमते हैं. हर साल वेनिस में 120 रैगाटा (एडवेंचर गेम) आयोजित किए जाते हैं. रोमांचित कर देने वाला रैगाटा खेल बेहद लोकप्रिय है. हजारों लोग इस खेल में भाग लेते हैं. इस दौरान दर्शकों के उत्साह, उनकी तालियों की गूंज दूर-दूर तक सुनायी देती है. वेनिस के इतिहास, उसकी संस्कृति से लबरेज कार्निवाल के अलग-अलग रंग यहां देखने को मिलते हैं. देश-विदेश के पर्यटक यहां आते हैं और इस त्यौहार का आनंद लेते हैं. एक पल को मन में खय़ाल  आता है कि कभी अवसर मिला तो वेनिस मैं प्रतिकृति नहीं तुम्हें तुम्हारे असली रूप में देखने ज़रूर आउंगी. एक पल को लगा हम किसी वेनिस में क्यूं नहीं जन्मे प्यार और रोमांस के शहर में? हंसी आती है खुद को अपने ही विचार पर. अभी फ्लेमिंगो भी जाना था हमें वेनिस को वहीं छोडऩा पड़ा, फ्लेमिंगो का ताल भी हमारा इंतजार कर रहा था. सुना था जहाँ 15000 वर्ग फीट का कसीनो बना है, जो लॉस वेगास का सन् 1946 में बना पहला सबसे शानदार होटल है इसकी आकृति पिंक राजहंसों अर्थात फ्लेमिंगों के आकार की है जो सबसे आकर्षक है. यहां कैरिबियन स्टाइल का शानदार बड़ा सा जलाशय है, इस होटल में एक रिसार्ट की सुविधा है जहां वन्यजीव, झरने और उनमें तैरते राजहंस देखे जा सकते हैं. 
लॉस वेगास में अमेरिका के सर्द से मौसम का असर कम दिखता है, सर्दियों की अवधि कम होती है. मौसम आमतौर पर हल्का होता है, लॉस वेगास के आसपास की पहाडिय़ों पर बर्फ पड़ती है पर लॉस वेगास में यह नजारा दुर्लभ होता है. लॉस वेगास रेगिस्तानी खुश्क जलवायु वाली जगह है. कहते हैं कि यहां 300 दिन और 3800 घंटे धूप खिली रहती है. अमेरिका में हर कहीं आप हरी घास के लॉन देखते हैं वहां फुटपाथ पर आपको गोल गोल चिकने पत्थर कुछ इस अंदाज में लगे हुए मिलते हैं जैसे सड़क पर नगीने जड़ दिये हों. यहां घूमना अपने आप में वर्ल्ड टूर जैसा अनुभव देता है. यूं प्रतीत होता है जैसे सारी दुनिया का नक्शा यही उतर आया हो.
 
कहते हैं कि लॉस वेगास पहले मैक्सिको का हिस्सा था. फिर यह लिंकन काउंटी का हिस्सा बना, उसके बाद क्लार्क काउंटी का. कहते हैं कि स्पेन के लोगों ने टेक्सास से ओल्ड स्पेनिश ट्रेल से होकर उत्तर और पश्चिम की ओर जाते हुए इस क्षेत्र का पानी उपयोग किया था उस वक्त यहां हरे भरे घास के मैदान थे जिन्हें स्पेनिश में वेगास कहते हैं इसलिए इसका नाम लॉस वेगास पड़ गया था. 
यात्रा के ये तीन दिन विश्व की परिक्रमा जैसे रहे, हम दुनिया जहान घूम लिए. लॉस वेगास के लिए 3000 पन्ने काले करूं तो भी बहुत कुछ छूट ही जायेगा. कोई तीन दिन में कितना और क्या-क्या देखे? जो देखा और जो याद रहा उसके लिए ही शब्द कम है उपलब्धि ज्यादा. पोकर मेरा पसंदीदा गेम है. एक राउंड मैं रोज ही अपने आई पैड पर खेलती हूं. स्क्रीन पर खेलने और टेबल पर खेलने में बहुत अंतर है. लेकिन बच्चों ने कहा था कि मां को एक बार खेलने देंगे जितना चाहेंगी थोड़ा ही सही, लॉस वेगास के द सीजर पैलेस कसीनो में आखिर मैं भी पोकर खेल ही आयी. गिफ्ट में दिये गए डॉलर उसकी भेंट चढ़ गये लेकिन वहां जो आनंद प्राप्त हुआ, उसकी तुलना शायद किसी अन्य चीज से नहीं की जा सकती है. बस जीवन में एक बार असली टेबल पर खेल लिया पोकर और बन गयी जुआरी, पहली बार समझ आया जुआ कैसा नशा है, कैसी लत!
 
यहां हर देश के व्यंजन खाये जा सकते हैं, वेजीटेरियंस के लिए थोड़ा मुश्किल होता है पर थाई और मेक्सिकन, चायनीस, साउथ इंडियन इडली डोसा, पंजाबी छोला भटूरा भी मिल जाता है. हमने लंच में मेक्सिकन टॉरटीला रैप का स्वाद लिया. यह लगभग हमारे स्प्रिंग रोल्स या फ्रेंच रोल्स जैसा ही लगा. पता चला इस पौष्टिक रैप को संपूर्ण आहार के रुप में खाया जा सकता है. चीज़ी पैपर चावल और रीफ्राईड बीन्स का सौम्य मेल जिसमें हरे रंग के गार्लिक सॉस का स्वाद भरा गया है. इसमें सॉर क्रीम मिलाना ना भूलें, जो इस रैप को और भी स्वादिष्ट बनाता है. जब ताजी हरी लहसुन का प्रयोग किया गया होता है तो यह व्यंजन शाकाहारी लोगों के लिए दाल रोटी खाने वालों का स्वाद बदलने के लिए ठीक है. परंत इसपरी तृप्ति नहीं हासिल होती है. इसके साथ में स्पायसी सालसा बीन सूप भी लिया जो गलती से तीखा वाला ले लिया जिसने आंख नाक सब से पानी निकाल दिया. सबने सूप पीते-पीते कहा कि लॉस वेगास तुमने हमें जाते-जाते रुला दिया तुम बहुत याद आओगे.
 
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